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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 20, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Maratha quota: 'आखिरी सांस तक लड़ेंगे...', मराठा आरक्षण के मुद्दे पर मनोज जरांगे का विरोध मार्च, शिंदे सरकार पर उठाए सवाल

    By Agency Edited By: Mohd Faisal
    Updated: Sat, 20 Jan 2024 01:59 PM (IST)

    Maratha quota महाराष्ट्र में मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे मराठा कोटा के मुद्दे को लेकर लगातार अपनी आवाज उठा रहे हैं। इस बीच मनोज जरांगे ने महार ...और पढ़ें

    Maratha quota: मराठा आरक्षण के मुद्दे पर मनोज जरांगे का विरोध मार्च, शिंदे सरकार पर उठाए सवाल (फाइल फोटो)
    Maratha quota: मराठा आरक्षण के मुद्दे पर मनोज जरांगे का विरोध मार्च, शिंदे सरकार पर उठाए सवाल (फाइल फोटो)

    HighLights

    1. मनोज जरांगे ने शुरू किया विरोध मार्च।
    2. सात महीने में भी महाराष्ट्र सरकार ने नहीं की कोई कार्रवाई- मनोज जरांगे

    पीटीआई, जालना (महाराष्ट्र)। Maratha quota: महाराष्ट्र में मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे मराठा कोटा के मुद्दे को लेकर लगातार अपनी आवाज उठा रहे हैं। इस बीच मनोज जरांगे ने महाराष्ट्र के जालना जिले से मुंबई तक विरोध मार्च शुरू कर दिया है।

    मराठा आरक्षण को लेकर जरांगे ने शुरू किया विरोध मार्च

    समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे और हजारों अन्य लोगों ने अपने समुदाय के लिए आरक्षण की मांग को लेकर राज्य सरकार का ध्यान आकर्षित करने के लिए एक विरोध मार्च शुरू किया है।

    मनोज जरांगे ने मराठा आरक्षण के मुद्दे को हल ने करने को लेकर सरकार के असंवेदनशील रवैये के लिए उनकी आलोचना की। साथ ही उन्होंने इस लड़ाई को अंतिम सांस तक जारी रखने का संकल्प लिया।

    'सात महीने में भी महाराष्ट्र सरकार ने नहीं की कोई कार्रवाई'

    उन्होंने कहा कि मराठा समुदाय ने आरक्षण देने के लिए सरकार को सात महीने दिए, लेकिन इस दौरान कोई कदम नहीं उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि मैं अपनी आखिरी सांस तक विरोध जारी रखूंगा। जब तक आरक्षण की मांग पूरी नहीं हो जाती, तब तक मैं पीछे नहीं हटूंगा।

    मनोज ने शिंदे सरकार से पूछा सवाल

    मनोज ने शिंदे सरकार से सवाल पूछा। उन्होंने कहा कि मराठा युवा आरक्षण के मुद्दे पर अपनी जिंदगी खत्म कर रहे हैं, लेकिन सरकार चुप है। सरकार इतनी असंवेदनशील और क्रूर कैसे हो सकती है और सिर्फ मराठा युवाओं को आत्महत्या करते हुए देख सकती है। उन्होंने कहा कि छत्रपति संभाजीनगर जिले के पैठन के रहने वाले एक व्यक्ति के इकलौते बेटे ने आरक्षण के लिए अपनी जान दे दी।

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    25 जनवरी को मुंबई पहुंचने की उम्मीद

    बता दें कि जरांगे के नेतृत्व में विरोध मार्च के 25 जनवरी को मुंबई पहुंचने की संभावना है। विरोध प्रदर्शन के दौरान मराठा समुदाय के हजारों सदस्य जारांगे के साथ हैं। प्रदर्शनकारी हर रोज कुछ घंटे पैदल चलेंगे और वाहनों का भी इस्तेमाल करेंगे।

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