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    मुंबई में जेन-जी और जेन-अल्फा से संवाद करेंगे मोहन भागवत

    Updated: Mon, 03 Aug 2026 07:23 PM (IST)

    राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत 6 अगस्त को मुंबई में आईआईएमयूएन यूथ कॉन्फ्रेंस में जेन-जी और जेन-अल्फा से संवाद करेंगे। ...और पढ़ें

    आईआईएमयूएन यूथ कॉन्फ्रेंस के उद्घाटन सत्र में युवाओं से संवाद करेंगे मोहन भागवत(फाइल फोटो)

    आईआईएमयूएन यूथ कॉन्फ्रेंस के उद्घाटन सत्र में युवाओं से संवाद करेंगे मोहन भागवत(फाइल फोटो)

    HighLights

    1. मोहन भागवत 6 अगस्त को मुंबई में युवाओं से संवाद करेंगे।

    2. आईआईएमयूएन यूथ कॉन्फ्रेंस में जेन-जी, जेन-अल्फा से बातचीत होगी।

    3. पेपर लीक विवादों और छात्र आंदोलनों के बीच यह पहल महत्वपूर्ण।

    राज्य ब्यूरो, मुंबई। देश में नीट समेत विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और उससे जुड़े छात्र आंदोलनों के बीच युवाओं से सीधे संवाद की कवायद तेज होती दिखाई दे रही है। एक ओर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार देश के युवाओं से विभिन्न मंचों के माध्यम से संवाद स्थापित कर रहे हैं, वहीं अब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक मोहन भागवत भी जेन-जी और जेन-अल्फा पीढ़ी से सीधे बातचीत करने जा रहे हैं।

    इसी कड़ी में छह अगस्त को मुंबई में आयोजित होने वाले इंडियाज इंटरनेशनल मूवमेंट टू यूनाइटेड नेशंस (आईआईएमयूएन) यूथ कॉन्फ्रेंस के उद्घाटन सत्र में मोहन भागवत युवाओं से संवाद करेंगे।

    तीन दिवसीय यह सम्मेलन छह से आठ अगस्त तक आयोजित होगा। आईआईएमयूएन की स्थापना के 15 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित इस वार्षिक चैंपियनशिप सम्मेलन में देश के 100 से अधिक शहरों से 15 से 19 वर्ष आयु वर्ग के दो हजार से अधिक स्कूली और कॉलेज छात्र-छात्राएं हिस्सा लेंगे।

    आयोजकों के अनुसार, यह नेतृत्व, कूटनीति और वैश्विक नागरिकता पर केंद्रित दुनिया के सबसे बड़े युवा-नेतृत्व वाले सम्मेलनों में शामिल है। इस सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में मोहन भागवत का संबोधन पारंपरिक भाषण तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसे संवादात्मक स्वरूप दिया गया है।

    इसमें छात्र-छात्राओं को सीधे प्रश्न पूछने और अपने विचार रखने का अवसर मिलेगा। चर्चा के केंद्र में नेतृत्व, राष्ट्र निर्माण, नैतिक मूल्य, भारतीय संस्कृति, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), तकनीकी बदलाव, सामाजिक दायित्व और तेजी से बदलती दुनिया में युवाओं की भूमिका जैसे विषय शामिल रहेंगे।

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    हाल के महीनों में प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता, रोजगार और शिक्षा व्यवस्था को लेकर जेन-जी के बीच सक्रियता बढ़ी है। नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के आरोपों के बाद देश के विभिन्न हिस्सों में छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किए और सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी आवाज बुलंद की।

    ऐसे समय में राष्ट्रीय स्तर के नेतृत्व का युवाओं से प्रत्यक्ष संवाद राजनीतिक और सामाजिक दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आईआईएमयूएन पिछले डेढ़ दशक से छात्रों को अंतरराष्ट्रीय मामलों, सार्वजनिक नीति, कूटनीति और वैश्विक चुनौतियों पर चर्चा का मंच उपलब्ध कराता रहा है।

    सम्मेलन के दौरान प्रतिभागी संयुक्त राष्ट्र की विभिन्न समितियों की कार्यप्रणाली का अनुकरण करेंगे और जलवायु परिवर्तन, अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा, मानवाधिकार, वैश्विक अर्थव्यवस्था, सतत विकास और शांति स्थापना जैसे मुद्दों पर बहस करेंगे। इसका उद्देश्य छात्रों में तार्किक सोच, नीति निर्माण की समझ और नेतृत्व क्षमता विकसित करना है।

    बता दें कि डिजिटल युग में जेन-जी और जेन-अल्फा पीढ़ियां देश के सामाजिक और राजनीतिक विमर्श को नई दिशा दे रही हैं। ऐसे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बाद अब आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत का भी सीधे युवाओं के बीच पहुंचना इस बात का संकेत माना जा रहा है कि देश के भविष्य को लेकर नई पीढ़ी की सोच, आकांक्षाओं और भागीदारी को केंद्र में रखकर संवाद बढ़ाने की कोशिश की जा रही है। मुंबई में होने वाला यह सम्मेलन इसी व्यापक प्रयास का एक महत्वपूर्ण मंच बन सकता है।