विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

नवी मुुंबई में फोटो कॉपी की दुकान पर 3400 SIR फॉर्म कैसे पहुंचे? महाराष्ट्र में हड़कंप, 5 BLO सस्पेंड

Updated: Fri, 28 Aug 2026 11:17 PM (IST)

नवी मुंबई में एक फोटोकॉपी की दुकान पर मतदाता सूची के 3,400 पुनरीक्षण फॉर्म मिलने के बाद पांच बीएलओ निलंबित किए गए

पांच बूथ लेवल अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है (फोटो: स्क्रीनग्रैब)

पांच बूथ लेवल अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है (फोटो: स्क्रीनग्रैब)

timer icon

समय कम है?

जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

संक्षेप में पढ़ें

डिजिटल डेस्क, ठाणे। नवी मुंबई की एक फोटोकापी की दुकान पर वोटर लिस्ट के मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से जुड़े 3,400 एन्यूमरेशन फॉर्म मिलने के बाद पांच बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) को निलंबित कर दिया गया। यह मामला सामने आने के बाद शिवसेना (यूबीटी) और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हो गई।

पुलिस ने शुक्रवार को बताया कि खारघर इलाके की एक दुकान पर एसआईआर फार्म की फोटो कॉपी करवाते समय शिवसेना (यूबीटी) कार्यकर्ताओं ने एक व्यक्ति पकड़ लिया। इसके बारे में उनका दावा था कि वह भाजपा की युवा शाखा का पदाधिकारी है।

प्रशासन ने शुरू की जांच

पनवेल के एक भाजपा नेता ने कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं का इस मामले से कोई लेना-देना नहीं है। इस विवाद से जुड़ा एक वीडियो गुरुवार को प्रसारित हुआ। इसके बाद यह मामला चर्चा में आया। इसके बाद प्रशासन ने इस बात की जांच शुरू की कि वोटरों द्वारा भरे गए फार्म एक प्राइवेट फोटो कॉपी सेंटर तक कैसे पहुंचे।

स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और कथित भाजपा पदाधिकारी को हिरासत में ले लिया। अधिकारियों ने दुकान से हजारों प्रिंटेड एसआईआर फॉर्म भी जब्त किए। इस बीच, शिवसेना (यूबीटी) कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि हिरासत में लिए गए भाजपा युवा नेता को पूछताछ के लिए खारघर पुलिस स्टेशन लाए जाने के कुछ ही देर बाद वह भागने में सफल रहा।

बीएलओ निलंबित

रायगढ़ जिला कलेक्टर किशन जावले ने बताया कि सूरज पाटिल के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जावले ने पनवेल के सब-डिविजनल आफिसर पवन चांडक के ऑफिस का दौरा किया। उन्होंने बताया कि अनुशासनात्मक कार्रवाई पूरी होने तक पांच बीएलओ को निलंबित कर दिया गया है।

यह मामला तब सामने आया, जब शिकायतें मिलीं कि सेक्टर 19 की एक दुकान पर एसआईआर फॉर्म की फोटो कापी की जा रही है और पाटिल के पास कथित तौर पर ये फार्म बिना किसी अनुमति के थे। शिकायत के बाद इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर ने असिस्टेंट इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिस को फोटो कापी सेंटर भेजा।

भाजपा नेता ने झाड़ा पल्ला

जांच के दौरान उन्हें पता चला कि पाटिल दुकान पर 3,400 एप्लीकेशन लेकर आया था। जांच में पता चला कि ये फार्म 11 पोलिंग स्टेशनों के थे। ज्यादातर एप्लीकेशन पांच पोलिंग स्टेशनों से थे, जबकि छह अन्य पोलिंग स्टेशनों से एक-एक कॉपी मिली थी। शिवसेना (यूबीटी) के पदाधिकारी बालेश भोजने ने सवाल उठाया कि आम वोटरों द्वारा भरे गए एसआईआर फॉर्म प्राइवेट लोगों के पास कैसे पहुंचे।

इसके साथ ही आरोप लगाया कि इस मामले में भाजपा की युवा शाखा के पदाधिकारी शामिल थे। हालांकि, पनवेल नगर निगम के मेयर और भाजपा नेता नितिन पाटिल ने दावा किया कि पार्टी कार्यकर्ताओं का इस मामले से कोई लेना-देना नहीं है।

यह भी पढ़ें- SIR के विरोध में दो सितंबर को प्रदर्शन की तैयारी, कलकाता HC का तत्काल सुनवाई से इनकार