निदा खान की भूमिका 'जबरन मतांतरण' से है जुड़ी: पुलिस
टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) की कर्मचारी निदा खान को अग्रिम जमानत नहीं मिली, पुलिस ने उसे जबरन मतांतरण के प्रयास में शामिल बताया है। ...और पढ़ें

टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) की कर्मचारी निदा खान
HighLights
निदा खान को अग्रिम जमानत देने से कोर्ट का इनकार।
पुलिस ने निदा को जबरन मतांतरण प्रयास में शामिल बताया।
टीसीएस नासिक मामले में आठ लोग गिरफ्तार, निदा फरार।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) की कर्मचारी निदा खान को अग्रिम जमानत देने से कोर्ट के इनकार के एक दिन बाद पुलिस ने कहा है कि कंपनी में जबरन मतांतरण के प्रयास में उसकी भूमिका थी। वह अभी फरार है। उसे खोजने का प्रयास जारी है।
आईटी कंपनी की नासिक इकाई में कथित यौन उत्पीड़न और मतांतरण के मामले पर चर्चा करते हुए एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि इस मामले में अब तक आठ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि यौन उत्पीड़न रोकथाम समिति में स्थानीय सदस्यों को शामिल किया जाना चाहिए।
वीडियो कान्फ्रेंस पर निर्भर रहने के स्थान पर नियमित रूप से आमने-सामने बैठकें करनी चाहिए। निदा को चार अन्य लोगों के साथ इस मामले में दर्ज नौ एफआइआर में से एक में आरोपित बनाया गया है। टीसीएस की नासिक इकाई में चल रही यौन उत्पीड़न और मतांतरण की जांच में वह एक प्रमुख आरोपित है।
इस मामले के सामने आने के बाद से फरार चल रही निदा को सोमवार को सत्र न्यायालय से गिरफ्तारी से अंतरिम सुरक्षा नहीं मिली। सत्र न्यायालय ने उसकी अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई की तारीख 27 अप्रैल तय की है।