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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 05, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    'मुझे सरकार की जिम्मेदारी से मुक्त करें',... महाराष्ट्र में BJP के चुनावी परिणाम पर क्या बोले उप मुख्यमंत्री?

    By Agency Edited By: Babli Kumari
    Updated: Wed, 05 Jun 2024 03:07 PM (IST)

    महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सरकार से मुक्त होने की इच्छा जताई है। देवेंद्र फडणवीस भाजपा संगठन का काम करना चाहते हैं। उन्होंने कहा म ...और पढ़ें

    महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (फाइल फोटो)
    महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (फाइल फोटो)

    डिजिटल डेस्क, मुंबई। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राज्य में भाजपानीत गठबंधन को मिली करारी हार की जिम्मेदारी स्वीकारते हुए अपने पद से त्यागपत्र देकर संगठन में काम करने की इच्छा जताई है। फडणवीस ने बुधवार को पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि वह पार्टी में अपने वरिष्ठ नेताओं से विनती करेंगे कि उन्हें सरकार से मुक्त किया जाए।

    चुनाव परिणाम आने के अगले दिन, यानी बुधवार को पार्टी के प्रदेश कार्यालय में हुई पार्टी की चुनाव समिति की बैठक के बाद देवेंद्र फडणवीस ने पत्रकारों से बातक करते हुए कहा कि हार की जिम्मेदारी मेरी है। मैं यह जिम्मेदारी स्वीकार करता हूं। मैं मानता हूं कि मैं ही कहीं न कहीं कमजोर पड़ गया, जिसके कारण भाजपा को झटका लगा। अब मुझे विधानसभा चुनाव के लिए पूरी तरह से उतरना है। मैं पार्टी में अपने वरिष्ठ नेताओं से विनती करूंगा कि वे मुझे सरकार की जिम्मेदारियों से मुक्त करें, ताकि मैं पूरी तरह से संगठन के लिए काम कर सकूं। उन्होंने कहा कि मैं हारूंगा नहीं। पूरी ताकत से मैदान में उतरूंगा।

    'चुनाव एक अंकगणित होता है'

    फडणवीस ने कहा कि चुनाव एक अंकगणित होता है। मेरा मानना है कि उसमें हम पराजित हो गए, और उसके विश्लेषण की आवश्यकता है। वह हम करेंगे। लेकिन जिस महाविकास आघाड़ी को लगभग 30 सीटें मिली हैं, उसे 43.30 प्रतिशत मत मिले हैं। जबकि भाजपानीत महायुति को उससे कुछ अधिक 43.60 प्रतिशत मत मिले हैं। फिर भी सीटों के मामले में हम पिछड़ गए। हमें सिर्फ 17 सीटें मिलीं। सिर्फ मुंबई का विचार किया जाए तो यहां महाविकास आघाड़ी 24 लाख, 62 हजार मत पाकर छह सीटें पाने में सफल रही। जबकि हम लोग (महायुति) 26 लाख, 67 हजार मत पाकर भी सिर्फ दो सीटें पा सकी। भाजपा अपनी आठ सीटें सिर्फ चार प्रतिशत के अंतर से हार गई है। छह सीटें 30 हजार के अंतर से तो कई सीटें सिर्फ दो-चार हजार के अंतर से हारे।

    भाजपा किसानों तक पहुंचने में भी नहीं हो सकी सफल 

    फडणवीस ने देश भर में भाजपा को मिली कम सीटों का कारण बताते हुए कहा कि विपक्षी दलों की तरफ से भाजपा द्वारा संविधान बदलने का प्रचार बढ़ चढ़कर किया गया। इस प्रचार का जैसा उत्तर भाजपा को देना चाहिए था, शायद हम नहीं दे सके। भाजपा को इसका बड़ा नुकसान उठाना पड़ा है। इसी प्रकार फडणवीस ने माना कि महाराष्ट्र के ग्रामीण भागों में सोयाबीन एवं कपास के किसानों में काफी असंतोष था। भाजपा उन तक पहुंचने में भी सफल नहीं हो सकी।

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    'चुनाव में हार और जीत तो लगी रहती है'

    फडणवीस के उपमुख्यमंत्री पद छोड़ने के विचार पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा है कि चुनाव में हार और जीत तो लगी रहती है। एक चुनाव में सब कुछ समाप्त नहीं हो जाता। उन्होंने अपनी भावना व्यक्त की है। लेकिन हम एक टीम की तरह काम करते रहेंगे। इसी प्रकार प्रदेश भाजपा अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले ने भी कहा है कि देवेंद्र फडणवीस को सरकार से बाहर आने की जरूरत नहीं है। वह सरकार और संगठन में तालमेल बैठा कर दोनों जिम्मेदारियां एक साथ भी निभा सकते हैं।

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