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    राहुल गांधी मानहानि केस: सावरकर गाय को उपयोगी मानते थे, पूजनीय नहीं - सात्यकि सावरकर का बयान

    Updated: Wed, 05 Aug 2026 08:13 PM (GMT+05:30)

    राहुल गांधी मानहानि मामले की सुनवाई में सात्यकि सावरकर ने बताया कि विनायक दामोदर सावरकर गाय को केवल उपयोगी पशु मानते थे, पूजनीय नहीं। ...और पढ़ें

    सात्यकि सावरकर का कोर्ट में बयान। (सोशल मीडिया)

    सात्यकि सावरकर का कोर्ट में बयान। (सोशल मीडिया)

    HighLights

    1. सावरकर गाय को पूजनीय नहीं, उपयोगी पशु मानते थे।

    2. उन्होंने 'विज्ञाननिष्ठ निबंध' में गाय पूजा का विरोध किया।

    3. राहुल गांधी मानहानि मामले में सात्यकि सावरकर का बयान।

    राज्य ब्यूरो, मुंबई। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के खिलाफ दायर आपराधिक मानहानि मामले की सुनवाई के दौरान विशेष सांसद-विधायक अदालत में विनायक दामोदर सावरकर के प्रपौत्र सात्यकि सावरकर ने कहा कि सावरकर गाय को ‘पूजनीय’ नहीं, बल्कि एक उपयोगी पशु मानते थे।

    उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि सावरकर ने अपनी पुस्तक ‘विज्ञाननिष्ठ निबंध‘ में गाय की पूजा का विरोध किया था और उसे अन्य उपयोगी पशुओं की तरह संरक्षण दिए जाने की वकालत की थी।

    मंगलवार को जिरह के दौरान राहुल गांधी की ओर से पेश अधिवक्ता ने अदालत में ‘विज्ञाननिष्ठ निबंध ‘ पुस्तक का हवाला दिया। सात्यकि सावरकर ने स्वीकार किया कि यह पुस्तक उनके परदादा विनायक दामोदर सावरकर की ही लिखी हुई है।

    उन्होंने माना कि पुस्तक में सावरकर ने लिखा है कि गाय मनुष्य के लिए कुत्ते, घोड़े और गधे की तरह एक उपयोगी पशु है, इसलिए उसकी रक्षा की जानी चाहिए, लेकिन उसकी पूजा नहीं की जानी चाहिए।

    सात्यकि सावरकर ने अदालत को बताया कि पुस्तक में सावरकर ने यह भी लिखा है कि किसी पशु को देवता का दर्जा देना न केवल मानवता, बल्कि ईश्वरत्व की अवधारणा का भी अपमान है। उन्होंने गाय को 'गौमाता' कहे जाने को केवल प्रतीकात्मक संबोधन बताया था, ना कि शाब्दिक सत्य।

    सुनवाई के दौरान पुस्तक के उन अंशों का भी उल्लेख किया गया, जिनमें सावरकर ने गोबर और गोमूत्र को पवित्र मानकर धार्मिक रूप से सेवन करने की परंपरा की आलोचना की थी। पुस्तक के अनुसार, यदि इनका कोई औषधीय या कृषि संबंधी उपयोग है तो उसका इस्तेमाल उसी उद्देश्य के लिए होना चाहिए, ना कि धार्मिक अनुष्ठान के रूप में।

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    अदालत में यह भी उल्लेख किया गया कि सावरकर ने अपनी पुस्तक में लिखा था कि जब तक गाय मनुष्य के लिए उपयोगी है, तब तक उसकी रक्षा की जानी चाहिए। यदि किसी विशेष परिस्थिति में वह उपयोगी न रहकर हानिकारक हो जाए, तो उसके वध की आवश्यकता भी पड़ सकती है।

    यह मामला राहुल गांधी के उस कथित भाषण से जुड़ा है, जो उन्होंने मार्च 2023 में लंदन में दिया था। सात्यकि सावरकर ने आरोप लगाया है कि राहुल गांधी ने सावरकर के बारे में झूठे और मानहानिकारक बयान दिए, जिसके बाद उन्होंने पुणे की विशेष अदालत में आपराधिक मानहानि का मुकदमा दायर किया।