यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 09, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Maharashtra Politics: क्या भतीजे के साथ हाथ मिलाने जा रहे शरद पवार? बताई अंदर की बात; उद्धव ठाकरे पर भी दिया बयान
एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार ने स्पष्ट किया है कि वे अजीत पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी के साथ नहीं जा रहे हैं। उन्होंने राहुल गांधी के चुनाव आयोग पर वोट चोर ...और पढ़ें

HighLights
- शरद पवार ने कहा कि वह महायुति के गठबंधन में शामिल नहीं होंगे।
- शरद पवार ने राहुल गांधी के वोट चोरी वाले आरोपों पर भी अपना पक्ष रखा।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। Maharashtra Politics: एनसीपी (SP) के अध्यक्ष शरद पवार ने उन अटकलों पर अपना स्टैंड क्लियर किया है, जिनमें कहा जा रहा ह था कि वह अजीत पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी से हाथ मिलाने जा रहे हैं। आज मीडिया से बात करते हुए उन्होंने साफ किया कि वह अपने भतीजे अजीत पवार के नेतृत्व वाली सत्तारूढ़ एनसीपी के साथ नहीं जा रहे हैं।
इसके अलावा उन्होंने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के चुनाव आयोग पर वोट चोरी वाली आरोपों का भी समर्थन किया। शरद पवार ने कहा कि राहुल गांधी ने अच्छे तरीके से तथ्यों के साथ इस बात को सभी के सामने रखा है। अब जांच करना चुनाव आयोग का काम है।
'हमें पहले ही सावधान रहना चाहिए था'
शरद पवार ने नागपुर में एक पीसी को संबोधित करते हुए कहा कि विपक्षी महा विकास अघाड़ी को महाराष्ट्र में चुनाव से पहले अधिक सावधान रहना चाहिए था। उन्होंने यह भी कहा कि हमें पहले ही इस पर गौर करना चाहिए था और सावधान रहना चाहिए था।
SIR पर क्या बोले शरद पवार?
इसके अलावा कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के मामले पर पवार ने कहा कि चुनाव आयोग गरीबों के मताधिकार को छीनने के उद्देश्य से इस चोरी को अंजाम देने के लिए भाजपा के साथ खुलेआम मिलीभगत कर रहा है। शरद पवार ने कहा कि गांधी ने विस्तृत प्रमाणों के साथ अपनी प्रस्तुति दी है। चुनाव आयोग को इस पर गौर करना चाहिए।
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उद्धव ठाकरे को लेकर क्या कहा?
बता दें कि गत दिनों राहुल गांधी के आवास डिनर पार्टी का आयोजन किया गया था। इस बैठक में विपक्षी दलों के कई नेता शामिल हुए, जिसमें उद्धव ठाकरे भी थे। इस बैठक के दौरान उद्धव ठाकरे आखिरी पंक्ति में बैठे नजर आए। जिसके बाद बीजेपी ने निशाना साधना शुरू कर दिया।
इस विवाद पर भी शरद पवार की प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने कहा कि ये मामला अनावश्यक विवाद बन गया है। वहां एक पावरपॉइंट प्रेजेंटेशन था। जब हम स्क्रीन पर कोई फिल्म देखते हैं, तो हम आगे नहीं, बल्कि पीछे बैठते हैं। फारूक अब्दुल्ला और मैं पीछे बैठे थे। इसी तरह, उद्धव ठाकरे और कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्दरमैया भी प्रेजेंटेशन ठीक से देखने के लिए पीछे बैठे थे।
अजीत पवार गुट में शामिल होने की अटकलों पर क्या कहा?
इसके अलावा शरद पवार ने अपने गुट के अपने भतीजे अजित पवार के नेतृत्व वाली सत्तारूढ़ राकांपा के साथ हाथ मिलाने की अटकलों को भी खारिज कर दिया। उन्होंने जोर देकर कहा, "हम कभी भी भाजपा के नेतृत्व वाले गठबंधन के साथ गठबंधन नहीं करेंगे।" (इनपुट पीटीआई के साथ)