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बादल पर हमले के पीछे किसकी साजिश? IB ने संभाला मोर्चा; शिअद प्रमुख बोले- देश की शांति बिगाड़ने की कोशिश

Updated: Fri, 14 Aug 2026 10:29 PM (IST)

महाराष्ट्र के नांदेड़ में सुखबीर सिंह बादल पर हमले के आरोपी जसपाल सिंह को 24 अगस्त 2026 तक पुलिस हिरासत में भेजा गया है

आरोपी जसपाल सिंह को अदालत ने 24 अगस्त 2026 तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया (फोटो: स्क्रीनग्रैब)

आरोपी जसपाल सिंह को अदालत ने 24 अगस्त 2026 तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया (फोटो: स्क्रीनग्रैब)

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राज्य ब्यूरो, मुंबई। शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के प्रमुख और पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल पर महाराष्ट्र के नांदेड़ में हुए जानलेवा हमले के आरोपी जसपाल सिंह को अदालत ने 24 अगस्त 2026 तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है।

आरोपी को शुक्रवार दोपहर करीब चार बजे नांदेड़ जिले की मुदखेड अदालत में पेश किया गया, जहां से उसकी पुलिस रिमांड मंजूर कर ली गई। पुलिस के अनुसार हमलावर की पहचान जसपाल सिंह तेजपाल सिंह ऐदल (60 वर्ष) के रूप में हुई है। वह मूल रूप से पुणे का निवासी और पेशे से वकील है।

पिछले दो वर्षों से वह नांदेड़ के मुगट स्थित गुरुद्वारा माता साहिब में सेवादार के रूप में रह रहा था। मुदखेड पुलिस स्टेशन में आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 109(1) (हत्या का प्रयास), 118(1) (खतरनाक हथियार से चोट पहुंचाना) और 121(2) (लोक सेवक को कर्तव्य पालन से रोकने के लिए गंभीर चोट पहुंचाना) के तहत मामला दर्ज किया गया है।

जांच अधिकारियों ने बताया कि घंटों चली पूछताछ के बावजूद हमले के पीछे का स्पष्ट कारण अब तक सामने नहीं आ पाया है। शुरुआती पूछताछ में आरोपी ने पंजाब में नशीली दवाओं की समस्या पर नाराजगी जताते हुए कहा कि उसका ‘ऐसा करने का मन हुआ’। हालांकि, पुलिस और अन्य जांच एजेंसियां इस जवाब से संतुष्ट नहीं हैं और हमले के पीछे किसी अन्य संभावित कारण की भी पड़ताल कर रही हैं।

अब तक की जांच में जसपाल सिंह का कोई आपराधिक रिकॉर्ड या किसी संदिग्ध संगठन अथवा गिरोह से संबंध सामने नहीं आया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय पुलिस के साथ आतंकवाद रोधी दस्ता (एटीएस) और इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) भी जांच में जुटे हैं। पुलिस रिमांड के दौरान आरोपी से गहन पूछताछ कर हमले के वास्तविक मकसद और संभावित साजिश के पहलुओं की जांच की जाएगी।

देश की शांति बिगाड़ने की कोशिश : सुखबीर सिंह बादल

महाराष्ट्र के नांदेड़ स्थित तख्त श्री हजूर साहिब गुरुद्वारे के निकट खुद पर हुए हमले के एक दिन बाद शिरोमणि अकाली दल (एसएडी) के अध्यक्ष एवं पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल ने कहा कि वह पूरी तरह स्वस्थ हैं और ऐसी ताकतों से कभी नहीं डरेंगे जो पंजाब और देश की शांति को भंग करना चाहती हैं।

शुक्रवार को नांदेड़ के यशोसाईं अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद दिल्ली रवाना होने से पहले उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में यह बात कही। दाहिने हाथ की सर्जरी के बाद अस्पताल से बाहर आए सुखबीर बादल ने मुस्कुराते हुए मीडिया का अभिवादन किया। सीढ़ियों से उतरते हुए उन्होंने कहा की मैं बिल्कुल ठीक महसूस कर रहा हूं। मैं न तो इन हमलों से डरता हूं और न ही कभी डरा हूं। उनके इस बयान को समर्थकों ने साहस और दृढ़ता का संदेश बताया।

हमले के पीछे की मंशा पर सवाल उठाए जाने पर बादल ने कहा कि कुछ ताकतें पंजाब और देश में शांति व्यवस्था को बिगाड़ने की कोशिश कर रही हैं। उनका उद्देश्य पंजाब के माहौल पर नियंत्रण स्थापित करना है, लेकिन शिरोमणि अकाली दल उनके रास्ते में खड़ा है। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे तत्व पंजाब के भाईचारे और सामाजिक सौहार्द को नुकसान पहुंचाना चाहते हैं।

इस दौरान सुखबीर बादल ने अपने दिवंगत पिता एवं पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल को भी याद किया। उन्होंने कहा कि उनके पिता ने अपने पूरे राजनीतिक जीवन में कभी भी ऐसी विभाजनकारी ताकतों के साथ समझौता नहीं किया। उन्होंने हमेशा पंजाब में सांप्रदायिक सद्भाव, भाईचारे और शांति को मजबूत करने का काम किया। उन्होंने कहा कि वह भी उसी विरासत और विचारधारा को आगे बढ़ा रहे हैं।

सुखबीर बादल ने इस बात पर दुख व्यक्त किया कि उन्हें दोनों बार सबसे पवित्र धार्मिक स्थलों पर निशाना बनाया गया। उन्होंने कहा कि इससे पहले उन पर अमृतसर स्थित श्री हरमंदिर साहिब (स्वर्ण मंदिर) में हमला हुआ था और अब नांदेड़ के तख्त श्री हजूर साहिब में हमला किया गया। उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थलों को हिंसा और राजनीतिक दुर्भावना से दूर रखा जाना चाहिए।

अकाली दल प्रमुख ने दोहराया कि उनकी पार्टी पंजाब के भाईचारे और सांप्रदायिक सौहार्द की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि शिरोमणि अकाली दल किसी भी कीमत पर पंजाब की शांति को भंग नहीं होने देगा और समाज में सद्भाव बनाए रखने के लिए संघर्ष जारी रखेगा। उधर, उनका इलाज करने वाले चिकित्सकों ने बताया कि हमले में घायल हुए सुखबीर बादल के दाहिने हाथ की सफल सर्जरी की गई है।

करीब 90 मिनट तक चली इस शल्य चिकित्सा के बाद उनकी स्थिति स्थिर रही। डॉक्टरों के अनुसार स्वास्थ्य में तेजी से सुधार होने के कारण शुक्रवार दोपहर उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।

बता दें कि गुरुवार को नांदेड़ स्थित तख्त श्री हजूर साहिब परिसर में सुखबीर सिंह बादल पर कृपाण से हमला किया गया था। हालांकि सुरक्षा कर्मियों की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई के चलते बड़ी अनहोनी टल गई। घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त कर दिया गया है तथा मामले की जांच जारी है।

बादल को बचाने वाले पुलिस इंस्पेक्टर की हो रही सराहना

महाराष्ट्र के नांदेड़ स्थित ऐतिहासिक सचखंड श्री हजूर साहिब परिसर के निकट गुरुवार को शिरोमणि अकाली दल के नेता सुखविंदर सिंह बादल को बचानेवाले महाराष्ट्र के पुलिसकर्मी संतोष केंद्रे की बहादुरी के चर्चे चारों ओर हो रहे हैं।
सचखंड श्री हुजूर साहिब परिसर के निकट स्थित गुरुद्वारा माता साहिब देवन जी मुगत में शिरोमणि अकाली दल (एसएडी) के अध्यक्ष एवं पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल पर हुए कृपाण हमले को एक सतर्क पुलिस अधिकारी की बहादुरी ने बड़ा हादसा बनने से बचा लिया।

हमले के दौरान महाराष्ट्र पुलिस की विशेष सुरक्षा इकाई (एसपीयू) के इंस्पेक्टर संतोष केंद्रे ने अपनी जान की परवाह किए बिना हमलावर का वार रोकने का प्रयास किया, जिससे उनके हाथ में गंभीर चोट आई। घटना गुरुवार को उस समय हुई जब सुखबीर सिंह बादल गुरुद्वारे में मत्था टेकने पहुंचे थे। इसी दौरान निहंग संप्रदाय से जुड़े जसपाल सिंह नामक व्यक्ति ने अचानक कृपाण निकालकर उन पर हमला कर दिया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हमला इतना अचानक था कि कुछ क्षणों के लिए वहां अफरा-तफरी मच गई। हालांकि सुरक्षा में तैनात इंस्पेक्टर संतोष केंद्रे ने तुरंत स्थिति को भांपते हुए अपना हाथ आगे कर दिया, जिससे हमलावर के वार की तीव्रता काफी कम हो गई और बादल को गंभीर चोट लगने से बचाया जा सका।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, केंद्रे की दाहिनी हथेली पर करीब दो इंच लंबा गहरा घाव हो गया और खून बहने लगा। इसके बावजूद उन्होंने साहस नहीं खोया और तुरंत हमलावर को दबोचने के लिए आगे बढ़े। इस दौरान उन्होंने आरोपी के हाथ से मोबाइल फोन भी छीन लिया, जिससे जांच एजेंसियों को महत्वपूर्ण सुराग मिलने की संभावना है। घटना के तुरंत बाद सुखबीर सिंह बादल और इंस्पेक्टर केंद्रे को नांदेड़ के यशोसाई अस्पताल ले जाया गया।

डॉक्टरों ने बताया कि केंद्रे के हाथ में आठ से दस टांके लगाने पड़े हैं। राहत की बात यह रही कि उनकी किसी नस या मांसपेशी को नुकसान नहीं पहुंचा है। वहीं, बादल का भी उपचार और एक छोटा आपरेशन किया गया, जिसके बाद शुक्रवार दोपहर उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। इंस्पेक्टर संतोष केंद्रे की बहादुरी की व्यापक सराहना हो रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यदि उन्होंने तत्परता नहीं दिखाई होती तो यह घटना कहीं अधिक गंभीर रूप ले सकती थी।

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