सुखबीर बादल नांदेड़ हमले के बाद गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में भर्ती, प्लास्टिक सर्जरी विभाग कर रहा जांच
शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल को नांदेड़ में कृपाण हमले में हाथ में चोट लगने के बाद गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
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पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल मेदांता में भर्ती।
HighLights
सुखबीर बादल नांदेड़ हमले में घायल, मेदांता अस्पताल में भर्ती
कृपाण हमले में बचाव करते हुए उनके हाथ में लगी चोट
प्लास्टिक सर्जरी विभाग के चिकित्सक उनकी चोट का आकलन कर रहे हैं
जागरण संवाददाता,चंडीगढ़। शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष व पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल को शुक्रवार (14 अगस्त, 2026) शाम मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया।
उनके हाथ में चोट लगी है। अस्पताल के प्लास्टिक सर्जरी विभाग के चिकित्सकों ने उनकी जांच शुरू कर दी है। उनके साथ परिवार के सदस्य भी अस्पताल में मौजूद हैं।
मेदांता अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती हुए सुखबीर बादल
सुखबीर सिंह बादल को यह चोट महाराष्ट्र के नांदेड स्थित गुरुद्वारा परिसर में बृहस्पतिवार को हुए हमले के दौरान लगी। वह वहां सेवा में मौजूद थे, तभी एक व्यक्ति ने उन पर कृपाण से हमला करने का प्रयास किया। हमले के दौरान बादल ने बचाव किया, जिससे उनके हाथ में चोट आई।
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सुरक्षा कर्मियों की तत्परता से हमलावर को काबू कर लिया गया। नांदेड में प्राथमिक उपचार के बाद उनकी स्थिति स्थिर बताई गई थी। इसके बाद बेहतर चिकित्सकीय जांच और हाथ की चोट के उपचार के लिए उन्हें मेदांता अस्पताल लाया गया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, मेदांता अस्पताल में उनको 15 वीं मंजिल पर प्लास्टिक सर्जरी विशेषज्ञ डॉ. संजय महेन्द्रू की देखरेख में उन्हें रखा गया है। यहां प्लास्टिक सर्जरी विशेषज्ञ उनकी चोट का आकलन कर रहे हैं।
फिलहाल चिकित्सकों की ओर से उनकी आगे की उपचार प्रक्रिया को लेकर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि उनके घावों का उपचार किया जा रहा है।
बादल को बचानेवाले पुलिस इंस्पेक्टर की हो रही सराहना
महाराष्ट्र के नांदेड़ स्थित ऐतिहासिक सचखंड श्री हजूर साहिब परिसर के निकट गुरुवार को शिरोमणि अकाली दल के नेता सुखविंदर सिंह बादल को बचानेवाले महाराष्ट्र के पुलिसकर्मी संतोष केंद्रे की बहादुरी के चर्चे चारों ओर हो रहे हैं।
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सचखंड श्री हुजूर साहिब परिसर के निकट स्थित गुरुद्वारा माता साहिब देवन जी मुगत में शिरोमणि अकाली दल (एसएडी) के अध्यक्ष एवं पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल पर हुए कृपाण हमले को एक सतर्क पुलिस अधिकारी की बहादुरी ने बड़ा हादसा बनने से बचा लिया।
हमले के दौरान महाराष्ट्र पुलिस की विशेष सुरक्षा इकाई (एसपीयू) के इंस्पेक्टर संतोष केंद्रे ने अपनी जान की परवाह किए बिना हमलावर का वार रोकने का प्रयास किया, जिससे उनके हाथ में गंभीर चोट आई। घटना गुरुवार को उस समय हुई जब सुखबीर सिंह बादल गुरुद्वारे में मत्था टेकने पहुंचे थे।
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इसी दौरान निहंग संप्रदाय से जुड़े जसपाल सिंह नामक व्यक्ति ने अचानक कृपाण निकालकर उन पर हमला कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हमला इतना अचानक था कि कुछ क्षणों के लिए वहां अफरा-तफरी मच गई। हालांकि सुरक्षा में तैनात इंस्पेक्टर संतोष केंद्रे ने तुरंत स्थिति को भांपते हुए अपना हाथ आगे कर दिया, जिससे हमलावर के वार की तीव्रता काफी कम हो गई और बादल को गंभीर चोट लगने से बचाया जा सका।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, केंद्रे की दाहिनी हथेली पर करीब दो इंच लंबा गहरा घाव हो गया और खून बहने लगा। इसके बावजूद उन्होंने साहस नहीं खोया और तुरंत हमलावर को दबोचने के लिए आगे बढ़े। इस दौरान उन्होंने आरोपी के हाथ से मोबाइल फोन भी छीन लिया, जिससे जांच एजेंसियों को महत्वपूर्ण सुराग मिलने की संभावना है।
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घटना के तुरंत बाद सुखबीर सिंह बादल और इंस्पेक्टर केंद्रे को नांदेड़ के यशोसाई अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने बताया कि केंद्रे के हाथ में आठ से दस टांके लगाने पड़े हैं। राहत की बात यह रही कि उनकी किसी नस या मांसपेशी को नुकसान नहीं पहुंचा है।
वहीं, बादल का भी उपचार और एक छोटा आपरेशन किया गया, जिसके बाद शुक्रवार दोपहर उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। इंस्पेक्टर संतोष केंद्रे की बहादुरी की व्यापक सराहना हो रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यदि उन्होंने तत्परता नहीं दिखाई होती तो यह घटना कहीं अधिक गंभीर रूप ले सकती थी।

