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    पंजाब के पूर्व डिप्टी CM सुखबीर बादल पर नांदेड़ में कृपाण से हमला, बचाने की कोशिश में PSO भी घायल

    Updated: Thu, 13 Aug 2026 04:49 PM (IST)

    पंजाब के पूर्व डिप्टी सीएम सुखबीर बादल पर एक निहंग ने जानलेवा हमला किया, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस हमले में उनका PSO भी घायल ...और पढ़ें

    जागरण टीम, मुंबई/चंडीगढ़। शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के अध्यक्ष और पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल पर वीरवार को महाराष्ट्र के नांदेड़ स्थित सचखंड श्री हजूर साहिब परिसर के निकट जानलेवा हमले में बाल-बाल बचे।

    सुखबीर बादल के मीडिया सलाहकार राज्यदीप जोकि घटना के समय वहीं मौजूद थे, के अनुसार सुखबीर बादल परिवार के साथ गुरुद्वारा माता साहिब दीवान जी मुगत परिसर से बाहर निकलते हुए जब चरण कमल पहुंचे, तभी उनके साथ-साथ चल रहे निहंग के वेष में एक व्यक्ति ने उन पर खंजर से हमला कर दिया।

    आरोपित उनके सीने पर वार करना चाहता था लेकिन सुखबीर की ओर से दायां हाथ आगे करने से उनकी बाजू पर गहरा घाव हो गया। उन्हें स्थानीय अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। हमलावर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

    उसकी पहचान पुणे के रहने वाले 62 वर्षीय जसपाल सिंह के रूप में हुई है। वह दो साल पहले तक वकालत करता था। सुखबीर पर दो साल में हमले की यह दूसरी घटना है।

    इससे पहले 4 दिसंबर 2024 को श्री हरिमंदिर साहिब परिसर के बाहर उन पर तब हमला हुआ था जब वे श्री अकाल तख्त साहिब के आदेश पर परिसर के मुख्य द्वार पर सेवादार की सजा भुगत रहे थे।

    इसी बीच प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बठिंडा से शिअद सांसद और सुखबीर बादल की पत्नी हरसिमरत कौर बादल को फोन कर उनका हालचाल जाना।

    महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी सुखबीर बादल से फोन पर बात की और उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने नांदेड़ के पुलिस अधीक्षक को मामले की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

    पुलिस के अनुसार दोपहर करीब 1:45 बजे सुखबीर बादल अपनी पत्नी हरसिमरत कौर बादल के साथ गुरुद्वारा माता साहिब दीवान जी मुगत परिसर में माथा टेकने के बाद बाहर निकल रहे थे। इसी दौरान निहंग के वेष में मौजूद एक व्यक्ति उनकी ओर बढ़ा और तेजधार हथियार से उन पर हमला करने की कोशिश की।

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    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हमलावर ने सीधे बादल के सीने को निशाना बनाया था, लेकिन सुखबीर के बाजू आगे करने और उनके सतर्क सुरक्षा कर्मियों की तत्परता से वह बाल-बाल बचे गए। तेजधार हथियार से सुखबीर बादल के दाहिने हाथ पर गहरी चोट आई।

    मौके पर मौजूद विशेष सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात पुलिस इंस्पेक्टर संतोष केंद्रे ने हमलावर को पकड़ने का प्रयास किया। इस प्रयास के दौरान उनके हाथ में भी चोटें आई हैं।

    घटना के तुरंत बाद सुखबीर सिंह बादल को नांदेड़ के यशोसाईं अस्पताल ले जाया गया, जहां उनके हाथ की सर्जरी की गई और टांके लगाए गए। अस्पताल के चिकित्सकों ने बताया कि उनकी हालत स्थिर है और वे खतरे से बाहर हैं। हरसिमरत कौर बादल पूरी तरह सुरक्षित हैं।

    दो साल से गुरुद्वारा साहिब में सेवादार के रूप में रह रहा था आरोपित

    सुखबीर की सुरक्षा में तैनात सुरक्षाकर्मियों ने हमलावर को काबू कर पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने पुणे निवासी जसपाल सिंह को गिरफ्तार कर लिया है।

    प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि उसने निहंग का वेष धारण कर रखा था और लगभग दो वर्षों से गुरुद्वारा परिसर में सेवादार के रूप में रह रहा था।

    इस कारण उसे परिसर और वहां की गतिविधियों की अच्छी जानकारी थी। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि हमला किसी व्यक्तिगत रंजिश का परिणाम था या इसके पीछे कोई संगठित साजिश थी।

    पुलिस आरोपी से गहन पूछताछ कर रही है तथा उसके संपर्कों और पिछले रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है। घटना के बाद पूरे परिसर की सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है।

    बादल परिवार ने इंस्पेक्टर संतोष के पैर छू जताया आभार


    सुखबीर बादल पर हुए हमले के दौरान महाराष्ट्र पुलिस के इंस्पेक्टर संतोष केंद्रे ने साहस और कर्तव्यनिष्ठा का परिचय दिया। इंस्पेक्टर केंद्रे महाराष्ट्र पुलिस की स्पेशल प्रोटेक्शन यूनिट (एसपीयू) में तैनात हैं और वीवीआइपी सुरक्षा ड्यूटी संभाल रहे थे।

    निहंग भेष में आए जसपाल सिंह ने जब सुखबीर बादल पर हमला करने का प्रयास किया तो इंस्पेक्टर केंद्रे तत्काल उनके सामने आ गए।

    उन्होंने हमलावर को रोकते हुए सुखबीर की सुरक्षा सुनिश्चित की। इस दौरान केंद्रे के हाथ में भी चोट लगी। उनकी बहादुरी के सम्मान में सुखबीर बादल के परिवार ने घायल पुलिस अधिकारी के पैर छूकर धन्यवाद किया।

    गुरुद्वारा साहिब में वीआइपी सुरक्षा पर उठने लगे सवाल


    सुखबीर बादल पर गुरुद्वारा परिसर के बाहर हमले की दूसरी घटना के बाद गुरुद्वारों में वीवीआइपी की सुरक्षा पर भी सवाल उठने लगे हैं। श्री हरिमंदिर साहिब परिसर के बाहर हुए हमले के दौरान आरोपित पूर्व आतंकी नारायण सिंह चौड़ा पिस्तौल लेकर उनके पास पहुंच गया था। इससे पहले की वह उन पर फायर कर पाता सुखबीर की सुरक्षा में तैनात पुलिस कर्मचारी ने उसके हाथ को धक्का दे दिया जिससे गोली दीवार पर जा लगी। वीरवार को नांदेड़ में भी आरोपित सुखबीर बादल के बिल्कुल पास पहुंच गया और तेजधार हथियार से हमला कर दिया। हमने ने गुरुद्वारा साहिब में वीवीआइपी सुरक्षा प्रोटोकाल को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं।

    प्रत्यक्षदर्शी की जुबानी, सब कुछ इतनी तेजी से हुआ कि कोई समझ नहीं पाया

    सुखबीर बादल के परिवार ने 12 अगस्त को यहां अखंड पाठ साहिब आरंभ करवाया गया था। बुधवार रात करीब दो बजे हरसिमरत कौर बादल गोदावरी से घड़ा लेकर आई थीं। वह गुरु महाराज के स्नान की सेवा में भी शामिल हुई थीं।

    वीरवार को सुखबीर बादल पत्नी हरसिमरत कौर बादल, बच्चों, दामाद और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ दर्शन के लिए आए थे। मैं भी उनके बिल्कुल साथ था।

    पहले मालटेकड़ी साहिब में दर्शन किए, फिर हीरा घाट साहिब गए और उसके बाद माता साहिब गुरुद्वारा साहिब पहुंचे। वहां माथा टेका और नीचे उतरने लगे। चरण गंगा में पैर धोकर जब हम बाहर की तरफ आ रहे थे, तब तक सबकुछ बिल्कुल सामान्य था।

    इसी बीच एक निहंग सिंह सामने आया और उसने सुखबीर सिंह बादल पर हमला कर दिया। सब कुछ इतनी तेजी से हुआ कि कोई कुछ समझ ही नहीं पाया।

    सुखबीर सिंह बादल को जेड प्लस सुरक्षा प्राप्त है, इसके बावजूद हमलावर उनके इतने करीब पहुंच गया। यह गंभीर बात है। गुरु घर में आने वाले हर व्यक्ति की सुरक्षा सुनिश्चित होनी चाहिए।
    सरदार रविंदर सिंह बुंगई, पूर्व सचिव, गुरुद्वारा सचखंड बोर्ड