Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 02, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    ओवैसी ने पूछा- मराठों को आरक्षण क्यों नहीं? रामदास अठावले का पलटवार, EWS के तहत 10% मिल रहा

    Updated: Sun, 02 Mar 2025 11:25 AM (GMT+05:30)

    एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने मराठा आरक्षण का मुद्दा उठाया। उन्होंने केंद्र सरकार से पूछा कि मराठों को आरक्षण क्यों नहीं दिया। अब केंद्रीय मंत्र ...और पढ़ें

    केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले और असदुद्दीन ओवैसी। ( फाइल फोटो )
    केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले और असदुद्दीन ओवैसी। ( फाइल फोटो )

    HighLights

    1. ओवैसी बोले- मुस्लिम शासन में सिर्फ 80 मंदिरों को तोड़ा गया।
    2. अमेरिकी लेखक रिचर्ड एम ईटन की किताब का दिया हवाला।
    3. अठावले ने कहा- मुगलों ने कई मंदिरों को तोड़ा, यह सच है।

    एएनआई, नासिक। केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के सवाल का जवाब दिया। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में मराठा समुदाय को आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) श्रेणी के तहत 10 फीसदी आरक्षण मिल रहा है। महाराष्ट्र सरकार ने भी सरकारी नौकरियों में मराठों को 10 प्रतिशत आरक्षण देने का फैसला किया है।

    रामदास अठावले ने आगे कहा, "यह सच है कि मुगलों ने महाराष्ट्र में आकर शासन किया। उन्होंने कई मंदिरों को तोड़ा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देश पर मेरे मंत्रालय ने आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) को 10 फीसदी आरक्षण देने का फैसला किया था। इसमें बड़ी संख्या में मराठा समुदाय के लोग भी शामिल हैं। महाराष्ट्र सरकार ने भी सरकारी नौकरियों में मराठों को आरक्षण देने का फैसला किया है।"

    ओवैसी ने पूछा था- मराठों को आरक्षण क्यों नहीं?

    बता दें कि शनिवार को हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने पीएम मोदी पर कटाक्ष किया था। ओवैसी ने मराठा समुदाय को आरक्षण नहीं देने पर केंद्र से सवाल पूछा था। ओवैसी ने कहा, "अगर नरेंद्र मोदी और भाजपा को छत्रपति संभाजी महाराज से इतनी ही आत्मीयता है तो मराठों को आरक्षण दें। आप ऐसा क्यों नहीं करते?"

    'सिर्फ 80 मंदिरों को नष्ट किया गया'

    एआईएमआईएम के 67वें वर्षगांठ पर ओवैसी ने अमेरिकी इतिहासकार रिचर्ड एम ईटन के हवाला से दावा किया कि मध्यकालीन भारत में मुस्लिम शासन के दौरान केवल 80 मंदिरों को तोड़ा गया था। वहीं कई हिंदू सम्राटों के शासनकाल में हजारों मंदिरों को नष्ट किया गया था।

    खबरें और भी

    ओवैसी ने कहा, "वे मीडिया में हर जगह कहते हैं कि 400 साल पहले मंदिर ध्वस्त कर दिए गए थे। रिचर्ड एम ईटन (अमेरिकी इतिहासकार) ने अपनी पुस्तक 'टेम्पल डिसेक्रेशन एंड मुस्लिम स्टेट्स इन मीडिवल इंडिया' में लिखा है कि 11वीं शताब्दी से 1600 शताब्दी तक मुस्लिम शासन में 80 मंदिरों को नष्ट किया गया था।"

    पुष्यमित्र ने हजारो बौद्ध मंदिरों को तोड़ा

    ओवैसी ने दावा किया कि शुंग साम्राज्य के संस्थापक पुष्यमित्र शुंग ने बौद्धों के हजारों पूजा स्थलों को ध्वस्त किया था। क्या आप इस पर कोई फिल्म बनाएंगे? पल्लव सम्राट नरसिंहवर्मन प्रथम ने 1640 ई. में वातापी की राजधानी चालुक्य में एक गणेश मूर्ति चुराई थी। ह्वेन त्सांग ने लिखा है कि शशांक ने एक बोधि वृक्ष को कटवा दिया था।

    यह भी पढ़ें: डोनाल्ड ट्रंप की सुरक्षा में बड़ी चूक, रिसॉर्ट के ऊपर से गुजरे तीन विमान; F-16 फाइटर प्लेन ने खदेड़ा

    यह भी पढ़ें: हर महीने 200 यूनिट फ्री बिजली मिलती रहेगी या नहीं? दैनिक जागरण से खास बातचीत में आशीष सूद ने दिया हर सवाल का जवाब