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    'हम भारत में हैं, जरा असलियत को समझें'; दो कीड़ों की वजह से 4 स्टार होटल पर लगी पाबंदी बॉम्बे HC ने हटाई

    Updated: Thu, 30 Jul 2026 09:35 AM (IST)

    बॉम्बे हाई कोर्ट ने नवी मुंबई के पार्क इन बाय रैडिसन होटल के फूड सेफ्टी लाइसेंस का सस्पेंशन रद कर दिया। कोर्ट ने कहा कि सिर्फ दो कीड़े मिलने के आधार प ...और पढ़ें

    बॉम्बे हाई कोर्ट। (फाइल फोटो।)

    बॉम्बे हाई कोर्ट। (फाइल फोटो।)

    HighLights

    1. बॉम्बे हाई कोर्ट ने होटल का लाइसेंस सस्पेंशन रद्द किया।

    2. अदालत ने दो कीड़ों के आधार पर निलंबन को अनुचित माना।

    3. हाई कोर्ट ने कहा, भारत में व्यावहारिक नजरिया अपनाना होगा।

    डिजिटल डेस्क, मुंबई। बॉम्बे हाई कोर्ट ने बुधवार को नवी मुंबई के फोर-स्टार होटल पार्क इन बाय रैडिसन के फूड सेफ्टी लाइसेंस के सस्पेंशन को रद कर दिया। कोर्ट ने कहा कि सफाई, रखरखाव और कामकाज को लेकर कुल मिलाकर संतोषजनक रिपोर्ट के बावजूद, सिर्फ दो कीड़े मिलने की बात के आधार पर लाइसेंस का सस्पेंशन जारी रखना सही नहीं है।

    जस्टिस गौतम अंखाड के साथ मामले की सुनवाई करते हुए एक्टिंग चीफ जस्टिस रवींद्र घुगे ने कहा, "हम भारत में हैं। हमें व्यावहारिक नजरिया अपनाना होगा।" होटल ने एफडीए के 3 जुलाई के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें अचानक की गई जांच के बाद उसके FSSAI लाइसेंस को सस्पेंड कर दिया गया था। जांच में साफ-सफाई, सैनिटेशन, खाने के स्टोरेज और खाने को संभालने के तरीकों में गंभीर कमियां पाई गई थीं।

    हाई कोर्ट ने दिए थे जांच के आदेश

    होटल के नियमों का पालन करने के दावे के बाद हाई कोर्ट ने 17 और 20 जुलाई को फिर से जांच के आदेश दिए। 22 जुलाई की रिपोर्ट में 95% नियमों का पालन पाया गया लेकिन डिशवॉशर और मिठाई बनाने वाली जगह पर कॉकरोच के होने की बात भी सामने आई।

    होटल के वकील ने क्या तर्क दिया?

    होटल के वकील ने तर्क दिया कि जब अन्य सभी नियमों का पालन किया गया है तो सिर्फ दो कीड़ों की मौजूदगी प्रतिष्ठान को सस्पेंड रखने के लिए पर्याप्त कारण नहीं है। उन्होंने साफ-सफाई, स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा के उच्चतम मानकों को बनाए रखने का भी भरोसा दिलाया। हाईकोर्ट ने उनके इस आश्वासन को स्वीकार कर लिया।

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    हाई कोर्ट ने कहा कि वह इस बड़े मुद्दे पर फैसला नहीं कर रहा है कि क्या तुरंत सस्पेंशन से पहले 14 दिन का सुधार नोटिस देना जरूरी शर्त है। अदालत ने इस सवाल को खुला छोड़ दिया।

    हाई कोर्ट ने पूरे महाराष्ट्र में की गई जांच-पड़ताल की जानकारी मांगी, जिसमें सरकारी और सेमी-गवर्नमेंट संस्थाओं द्वारा चलाए जा रहे खाने-पीने के ठिकाने भी शामिल हैं। राज्य सरकार ने कहा कि वह शुक्रवार तक जानकारी सौंप देगी। कोर्ट ने इस मामले में कार्रवाई की रिपोर्ट के लिए 31 जुलाई की तारीख तय की।

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