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पुणे के केतन अग्रवाल हत्याकांड में तीसरी गिरफ्तारी, चेतन चौधरी के दोस्त को पुलिस ने दबोचा

Published: Sat, 05 Sep 2026 08:17 PM (IST)Updated: Sat, 05 Sep 2026 08:26 PM (IST)

पुणे के लोहगढ़ किले में रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की हत्या के मामले में पुलिस ने तीसरे आरोपी रितेश हिंगे को गिरफ्तार किया है।

केतन अग्रवाल हत्याकांड।

केतन अग्रवाल हत्याकांड।

HighLights

  1. पुणे केतन अग्रवाल हत्या मामले में तीसरी गिरफ्तारी।

  2. रितेश हिंगे चेतन चौधरी का दोस्त भी साजिश में शामिल।

  3. लोहगढ़ किले पर धक्का देकर की गई थी हत्या।

डिजिटल डेस्क, पुणे। पुणे के लोहगढ़ किले में रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की सनसनीखेज हत्या के मामले में अब एक नया मोड़ सामने आया है। पुलिस ने अब इस मामले में तीसरे आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।

बता दें कि इससे पहले पुलिस मुख्य आरोपी सिया गोयल और उसके प्रेमी चेतन चौधरी को गिरफ्तार कर चुकी है और अब इस मामले में गिरफ्तारी रितेश हिंगे की हुई है, जो चेतन चौधरी का दोस्त है।

हत्या की साजिश में शामिल था रितेश

पुलिस के मुताबिक, रितेश भी इस मर्डर की साजिश में शामिल था। 18 जून को जब केतन अग्रवाल अपनी मंगेतर सिया गोयल के साथ लोहगढ़ किले पर ट्रेकिंग करने गए थे, तो आरोपियों ने केतन को ऊंचाई से नीचे धक्का देकर मार डाला था।

इतना ही नहीं जांच में यह बात भी सामने आई है कि चेतन और सिया पहले केतन के हाथ-पैर तोड़कर उसे रास्ते से हटाना चाहते थे, फिर घटना को अंजाम देने के बाद चेतन ने रितेश को फोन करके इसकी जानकारी दी थी।

....तो ऐसे खुला हत्याकांड का राज

पूरे मामले को ऐसे समझिए कि शुरुआत में पुलिस इसे महज एक हादसा मान रही थी और एक्सीडेंट का केस दर्ज किया था। लेकिन केतन की बहन को इस कहानी पर शक था। अंतिम संस्कार के चार दिन बाद जब सिया गोयल शोक व्यक्त करने केतन के घर आई, तो बहन ने उससे ट्रेकिंग के बारे में कई सवाल किए। सिया के जवाबों में झोल और उसकी असहजता ने बहन के शक को और पक्का कर दिया, जिसके बाद परिवार पुलिस के पास पहुंचा और नए सिरे से जांच की मांग की।

केतन और सिया का रिश्ता बना था कांटा

जांच में पता चला कि केतन और सिया के रिश्ते के बीच में आ रहे थे, इसलिए सिया और उसके प्रेमी चेतन ने मिलकर उन्हें रास्ते से हटाने की साजिश रची थी। सिया ने पुलिस को बताया था कि फोटो खिंचवाते वक्त पैर फिसलने से केतन खाई में गिर गए थे। लेकिन पुलिस ने पर्दाफाश किया कि दोनों ने मिलकर केतन को धक्का दिया था और इसे हादसा साबित करने की कोशिश की थी। 23 जून को दोनों मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी थी।

सीक्रेट अफेयर और हजारों कॉल्स से खुलासा

पुलिस जांच में सामने आया कि सिया और चेतन पिछले तीन साल से संपर्क में थे। जनवरी से जून के बीच दोनों ने 2000 से ज्यादा बार फोन पर बात की थी, जो कुल मिलाकर 238 घंटे बैठती है। इसके अलावा वे फेसटाइम और व्हाट्सएप पर भी बात करते थे। सीसीटीवी फुटेज खंगालने पर पुलिस को एक संदिग्ध व्यक्ति हुडी पहने दिखा, जो भीषण गर्मी में भी किले के आसपास केतन और सिया का पीछा कर रहा था। इसी सुराग से चेतन तक पहुंचने में मदद मिली।

बाली ट्रिप से पहले पासपोर्ट चोरी का शक

गौरतलब है कि इस पूरे मामले में केतन के पिता विशाल अग्रवाल ने एक और बड़ा खुलासा किया। उन्होंने बताया कि हत्या से कुछ दिन पहले केतन और सिया को प्री-वेडिंग शूट के लिए बाली जाना था। कार में केतन, सिया, सिया का भाई और केतन की बहन थे। सभी के पासपोर्ट और जरूरी दस्तावेज एक ही पाउच में थे। रास्ते में एक फूड मॉल पर रुकने के दौरान सिया यह कहकर वापस कार के पास गई कि वह अपना फोन भूल गई है।

लेकिन जब वे मुंबई एयरपोर्ट पहुंचे, तो बाकी सबके पास पासपोर्ट था, सिर्फ केतन का पासपोर्ट गायब था। पासपोर्ट चोरी होने के कारण केतन विदेश नहीं जा सके और उन्हें एयरपोर्ट से वापस लौटना पड़ा। पिता का आरोप है कि यह मर्डर से पहले केतन को फंसाने और रास्ते से हटाने की एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा था। इस घटना के ठीक 12 दिन बाद केतन की बेरहमी से हत्या कर दी गई। पुलिस अब इस साजिश में शामिल अन्य लोगों की तलाश कर रही है।

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