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    राजस्थान बोर्ड रिजल्ट में गर्ल्स का जलवा, सेल्फ स्टडी एवं रिवीजन के दम पर प्रियांशी अनन्या और रिद्धिमा ने राज्य में किया टॉप

    Updated: Thu, 26 Mar 2026 05:44 PM (IST)

    इस बार राजस्थान बोर्ड की परीक्षा में टॉप तीन में तीन छात्राओं ने बाजी मारी है। परीक्षा में सफलता हासिल करने के बाद इन तीनों ही छात्राओं ने पढ़ाई की अप ...और पढ़ें

    यहां पढ़ें बोर्ड परीक्षा में सफलता की कहानी।

    यहां पढ़ें बोर्ड परीक्षा में सफलता की कहानी।

    HighLights

    1. ज्यादा से ज्यादा रिवीजन पर किया फोकस।

    2. परीक्षा में सफलता हासिल करने के लिए रोजाना की पढ़ाई।

    करियर डेस्क, नई दिल्ली। राजस्थान कक्षा दसवीं का परिणाम जारी होने के बाद परीक्षा में टॉप करने वाले छात्रों की प्रेरणादायक कहानियां लोगों को प्रेरित कर रही हैं। राजस्थान कक्षा दसवीं के बोर्ड परिणाम ने यह साबित कर दिया है कि अगर आपके अंदर प्रतिभा और लगन हो तो सफलता कभी भी संसाधनों की मोहताज नहीं हो सकती है। इस बार राजस्थान बोर्ड कक्षा दसवीं की परीक्षा में टॉप तीन में लड़कियों ने बाजी मारी है।

    राजस्थान बोर्ड कक्षा 10वीं की परीक्षा में इस बार प्रियांशी सुंडा ने टॉप किया है। अपनी काबिलियत और मेहनत के दम पर पूरे राज्य में टॉप करने वाली प्रियांशी सुंडा ने परीक्षा में 600 में से कुल 599 अंक हासिल किए हैं। प्रियांशी को अंग्रेजी विषय में छोड़कर सभी विषयों में पूरे 100 अंक मिले हैं।

    आज प्रियांशी सुंडा की कहानी बोर्ड परीक्षा की तैयारी करने वाले हजारों छात्रों को प्रेरित कर रही है। ऐसे में आइये जानते हैं, प्रियांशी ने बोर्ड परीक्षा की तैयारी के लिए क्या रणनीति अपनाई और आप टॉपर की इन रणनीति को अपनाकर कैसे बोर्ड परीक्षा की तैयारी को बेहतर बना सकते हैं। 

    साधारण परिवार में जन्म

    प्रियांशी सुंडा ने राजस्थान कक्षा दसवीं की परीक्षा में 600 में से 599 हासिल करके पूरे प्रदेश में अपने परिवार व स्कूल के साथ-साथ जिले का नाम भी रोशन किया है। खास बात यह है कि प्रियांशी के परिवार कोई भी टॉपर और स्कॉलर नहीं है। लेकिन इसके बावजूद भी उन्होंने यह सफलता हासिल की है। प्रियांशी के पिता एक साधारण किसान और मां गृहिणी हैं।

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    सफलता के लिए अपनाई ये रणनीति

    प्रियांशी सुंडा ने परीक्षा में सफलता के बाद पढ़ाई करने की अपनी रणनीति साझा की है। प्रियांशी ने नियमित पढ़ाई के साथ-साथ समय का सही प्रबंधन और विषयों की अवधारणा को समझने पर पूरा ध्यान दिया। उन्होंने कोर्स का सिलेबस समाप्त होने के बाद ज्यादा से ज्यादा समय रिवीजन को दिया। इसके साथ ही परीक्षा की तैयारी के दौरान उन्होंने टीवी व मोबाइल से भी पूरी तरह से दूरी बनाकर रखी।

    सफलता की एक और मिसाल

    झुंझनूं की रहने वाली अनन्या ने राजस्थान कक्षा दसवीं की बोर्ड परीक्षा में 600 में से कुल 598 अंक प्राप्त किए हैं। इस परीक्षा में केवल अंग्रेजी और हिंदी विषय में उन्हें 99 अंक मिले हैं। अपनी इस सफलता के बाद अनन्या ने बताया कि परीक्षा में अच्छा प्रदर्शन करने के लिए उन्होंने रोजाना सात घंटे पढ़ाई की। इसके साथ ही ज्यादा से ज्यादा रिवीजन किया और सोशल मीडिया से भी पूरी तरह से दूरी बनाकर रखी।

    रिद्धिमा ने सेल्फ स्टडी से हासिल की सफलता

    जयपुर की रहने वाली रिद्धिमा ने भी इस परीक्षा में 600 में से कुल 598 अंक प्राप्त किए हैं। रिद्धिमा ने राजस्थान कक्षा दसवीं की बोर्ड में यह सफलता सेल्फ स्टडी की मदद से हासिल की है। उन्होंने तैयारी के दौरान कोचिंग का सहारा नहीं लिया और अपनी बनाई रणनीति पर ही भरोसा किया। 

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