UPSC: यूपीएससी सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा के बाद आंसर की होगी जारी, राज्यसभा में केंद्र सरकार ने दिया जवाब
केंद्र सरकार ने राज्यसभा में बताया कि यूपीएससी सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा के बाद अनंतिम उत्तर कुंजी जारी करेगा। यह ...और पढ़ें

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यूपीएससी इस बार से जारी करेगा आंसर की।
केंद्र सरकार ने राज्यसभा में साझा की जानकारी।
एजुकेशन डेस्क, नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने राज्यसभा में बताया कि संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) ने सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा आयोजित करने के बाद अपनी वेबसाइट पर अनंतिम उत्तर कुंजी जारी करने के लिए दिशा-निर्देश तैयार कर लिए हैं। संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS), भारतीय विदेश सेवा (IFS) और भारतीय पुलिस सेवा (IPS) आदि के लिए अधिकारियों के चयन हेतु प्रतिवर्ष तीन चरणों - प्रारंभिक, मुख्य और साक्षात्कार - में सिविल सेवा परीक्षा आयोजित करता है।
केंद्रीय कार्मिक राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने साझा की जानकारी
केंद्रीय कार्मिक राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने राज्यसभा में लिखित उत्तर देते हुए कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के अनुपालन में, यूपीएससी ने प्रारंभिक परीक्षा आयोजित करने के बाद अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर अनंतिम उत्तर कुंजी जारी करने के लिए दिशा-निर्देश तैयार किए हैं।
सिंह ने कहा कि यह प्रक्रिया, जो 2026 की सिविल सेवा (प्रारंभिक) परीक्षा से लागू होगी, यूपीएससी द्वारा आयोजित सभी संरचित परीक्षाओं पर लागू होगी।
मंत्री ने कहा, "प्रारंभिक परीक्षा के अंक अंतिम परिणाम घोषित होने के बाद ही जारी किए जाएंगे।"
उन्होंने कहा कि वैकल्पिक विषयों में समान अवसर सुनिश्चित करने के लिए, यूपीएससी अंतर-विषय मॉडरेशन लागू करता है ताकि किसी भी उम्मीदवार को, चाहे उसने कोई भी वैकल्पिक विषय चुना हो, किसी भी प्रकार का नुकसान न हो।
सिंह ने बताया कि पारंपरिक/वर्णनात्मक उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन/परीक्षण की प्रक्रियाओं की विस्तृत जानकारी यूपीएससी की वेबसाइट पर उपलब्ध है।
मंत्री वैकल्पिक विषयों और सिविल सेवा योग्यता परीक्षा (सीएसएटी) के प्रश्नपत्र में कठिनाई स्तर को मानकीकृत करने के लिए उठाए गए कदमों के बारे में पूछे गए एक प्रश्न का उत्तर दे रहे थे।

उन्होंने अपने बयान को आगे बढ़ाते हुए कहा कि, “सीएसएटी एक योग्यता परीक्षा है जिसका उद्देश्य गुणवत्ता और विश्लेषणात्मक क्षमता का न्यूनतम मानक सुनिश्चित करना है। प्रश्नों का स्तर मैट्रिक स्तर के अनुरूप है।” इसके अलावा तथ्यात्मक त्रुटियों को चुनौती देने के लिए यूपीएससी के पास 'प्रश्न पत्र प्रस्तुति पोर्टल' (क्यूपीआरईपी) नामक एक समर्पित मंच है, जो उसकी वेबसाइट पर उपलब्ध है।
आपत्ति दर्ज करने का भी मिलेगा मौका
2026 से आगे की परीक्षाओं में उम्मीदवार पोर्टल के माध्यम से प्रश्न पत्र और अनंतिम उत्तर कुंजी में विसंगतियों को उजागर करते हुए आपत्ति दर्ज कर सकेंगे। मंत्री ने कहा कि यूपीएससी केंद्रीयकृत लोक शिकायत निवारण एवं निगरानी प्रणाली (सीपीग्राम) और ईमेल के माध्यम से उम्मीदवारों द्वारा प्रस्तुत शिकायतों का भी निपटारा करता है। सीपीग्राम नागरिकों को सरकारी विभागों के खिलाफ ऑनलाइन शिकायतें दर्ज करने की सुविधा देता है।
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