विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 13, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

राजस्थान में पाए गए 150 करोड़ वर्ष पुराने डायनासोर के पैरों के निशान

By kishor joshiEdited By:
Updated: Mon, 13 Jun 2016 12:19 PM (IST)

राजस्थान के जैसलमेर में 150 करोड़ वर्ष पुराने डायनासोर के पैरों के निशान मिल हैं।

News Article Hero Image

जैसलमेर। जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय, जोधपुर के भूवैज्ञानिक विभाग की एक टीम को जैसलमेर जिले के लाठी में 150 करोड़ वर्ष पुराने यूब्रोंट्स ग्लेनिरोसेसिस थेरोपॉड डायनासोर के पैरों के निशान मिले हैं। ये 1 से 3 मीटर लंबे थे और ऐसा प्रतीत होता है कि ये तटीय वातावरण में रहते थे।

टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार, इससे पहले यूब्रोंट्स ग्लेनिरोसेसिस थेरोपॉड डायनासोर के जीवाश्म फ्रांस, पोलैंड, स्लोवाकिया, इटली, स्पेन, स्वीडन, ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका में सहित कई जगह पाए गए हैं। इन डायनासोर के पैरों के निशानों की खोज यहां पहली बार डॉ वीरेन्द्र सिंह परिहार, डॉ सुरेश चंद्र माथुर और डॉ शंकर लाल नामा द्वारा की गई है।

पढ़ें- अब आप नहीं देख पाएंगे 16 करोड़ साल पुराना डायनासोर का जीवाश्म

परिहार ने बताया, "आकृति विज्ञान के अनुसार, यूब्रोंट्स ग्लेनिरोसेसिस थेरोपॉड डायनासोर के पैरों के निशान लगभग 30 सेमी. लंबे रहे होंगे जबकि पैर की उंगलियों मोटी होने के साथ मजबूत रही होंगी। उनका शरीर 1 से 3 मीटर ऊंचा और 5-6 मीटर लंबा रहा होगा। कच्छ बेसिन और जैसलमेर बेसिन ऐसे क्षेत्र हैं जहां इन डायनासोर के अवशेष मिल सकते हैं।"

इस खोज के बाद इसी तरह की चट्टानों में डायनासोर के जीवाश्मों की खोज का नया रास्ता खुल सकता है। इसी तरह से प्रोफेसर माथुर ने अपनी टीम के साथ बड़े पैमाने पर डायनासोर, मगरमच्छ, गैस्ट्रोपॉड और मछलियों के जीवाश्म की महत्वपूर्ण खोज की थी। माथुर ने कहा कि इस खोज से डायनासोर के विलुप्त होने के रहस्य को सुलझाने में मदद मिल सकती है।


पढ़ें- धरती पर डायनासोर से बड़े टाइटानोसोर भी थे