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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 22, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

असम में गोगोई के खिलाफ बगावत

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Updated: Fri, 23 May 2014 02:29 AM (IST)

लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की करारी हार के बीच असम में कम हुई सीटों की संख्या की जिम्मेदारी लेते हुए मुख्यमंत्री तरुण गोगोई ने इस्तीफे का ऐलान किया था। ...और पढ़ें

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नई दिल्ली, जागरण न्यूज नेटवर्क। लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की करारी हार के बीच असम में कम हुई सीटों की संख्या की जिम्मेदारी लेते हुए मुख्यमंत्री तरुण गोगोई ने इस्तीफे का ऐलान किया था। लेकिन संप्रग अध्यक्ष सोनिया गांधी ने गुरुवार को उनका इस्तीफा नामंजूर करते हुए अभयदान दे दिया। बावजूद इसके प्रदेश इकाई में गोगोई के खिलाफ लामबंदी तेज हो गई है और मुख्यमंत्री की कुर्सी खतरे में दिख रही है। असम में गोगोई के 46 विधायकों ने राज्यपाल से मिलने का समय मांगा और नेतृत्व परिवर्तन की बात उठाई।

कयास लगाए जा रहे हैं गोगोई विरोधी गुट अलग होकर राज्यपाल के सामने सरकार बनाने का दावा पेश कर सकता है। राज्य के पीएचई मंत्री गौतम राय ने दावा किया है कि 15 दिनों के अंदर स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हिमंत विश्व शर्मा राज्य के नए मुख्यमंत्री होंगे। सूत्रों का मानना है कि डॉ शर्मा ही गोगोई विरोधियों को हवा दे रहे हैं। विधानसभा के अध्यक्ष प्रणव कुमार गोगोई भी मुख्यमंत्री के खिलाफ हैं और जरूरत पड़ने पर पाला बदल सकते हैं। गोगोई विरोधी खेमा कांग्रेस के 50 विधायकों के समर्थन का दावा कर रहा है। जबकि राज्य में कांग्रेस के पास 78 विधायक हैं। दूसरी तरफ पार्टी के वरिष्ठ नेता डॉ भूमिधर बर्मन ने विधायक दल की बैठक बुलाने की मांग की है। पूर्व मंत्री व कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शरत बोर्कातोकी ने बताया कि 46 विधायकों ने राज्यपाल से शुक्रवार शाम पांच बजे मिलने का समय मांगा है। पार्टी हाईकमान द्वारा गोगोई को बनाए रखने के फैसले के बाद हमारे पास नेतृत्व परिवर्तन का यही एक रास्ता है।

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