मध्य प्रदेश में कोल गढ़ी किले की बाउंड्रीवाल का हिस्सा धराशायी, दीवार में बड़ी दरार
मध्य प्रदेश के रीवा जिले में स्थित त्योंथर कस्बे में ऐतिहासिक कोल गढ़ी (किले) के जीर्णोद्धार में भ्रष्टाचार सामने आया है। बारिश में गढ़ी की बाउंड्रीवा ...और पढ़ें

मध्य प्रदेश में कोल गढ़ी किले की बाउंड्रीवाल का हिस्सा धराशायी
HighLights
साढ़े तीन करोड़ रुपये की लागत से चल रहा है जीर्णोद्धार का काम
2023 में तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने किया था भूमिपूजन
जेएनएन, रीवा। मध्य प्रदेश के रीवा जिले में स्थित त्योंथर कस्बे में ऐतिहासिक कोल गढ़ी (किले) के जीर्णोद्धार में भ्रष्टाचार सामने आया है। बारिश में गढ़ी की बाउंड्रीवाल का एक हिस्सा शनिवार को धराशायी हो गया। दीवार में भी बड़ी दरार नजर आ रही है।
बता दें कि जून 2023 में तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कोल गढ़ी के जीर्णोद्धार के लिए करीब साढ़े तीन करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की थी। भूमिपूजन भी किया था।
दिसंबर 2024 से यहां जीर्णोद्धार कार्य चल रहा है। त्योंथर के एसडीएम राकेश चौरसिया ने बताया कि कोल गढ़ी की बाउंड्रीवाल का एक हिस्सा मिट्टी धंसने के कारण क्षतिग्रस्त हो गया है। कई स्थानों पर दरारें दिख रही हैं।
संबंधित निर्माण एजेंसी को कारण बताओ नोटिस जारी करने कहा है। जांच कराएंगे, जो भी तथ्य आएंगे, उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
मालूम हो कि त्योंथर में एक ऊंचे टीले पर टमस नदी के किनारे कोल गढ़ी स्थित है। कोल गढ़ी किला लगभग 200 साल पुराना है, जिसे कोल राजाओं बनवाया था। कोल गढ़ी को देखने के लिए पर्यटक आते हैं।
एक महीने पहले दी थी चेतावनी
भाजपा के पूर्व विधायक श्याम लाल द्विवेदी ने करीब एक महीने पहले कोल गढ़ी के जीर्णोद्धार का निरीक्षण किया था। उन्होंने निर्माण में अनियमितता और घटिया सामग्री के उपयोग का आरोप लगाया था।
पूर्व विधायक ने रीवा कलेक्टर को पत्र लिखकर निर्माण कार्य का तकनीकी निरीक्षण कराने की मांग की थी। प्रशासनिक स्तर पर किसी ने भी शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया। आरोप हैं कि ठेकेदार ने घटिया स्तर की गिट्टी, रेत और सीमेंट का उपयोग किया है।