Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 30, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Aditya-L1 Mission: सूर्य मिशन की तैयारियां हुईं तेज, इसरो ने दिया नया अपडेट

    By AgencyEdited By: Mahen Khanna
    Updated: Wed, 30 Aug 2023 01:29 PM (IST)

    Aditya L1 Mission चंद्रयान 3 की सफल लॉन्चिंग के बाद सूर्य मिशन की लॉन्चिंग की तारीख पास आते देख इसरो ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसको लेकर इसरो ने एक् ...और पढ़ें

    Aditya L1 Mission सूर्य मिशन को लेकर इसरो ने बताया अब तक क्या हुआ।
    Aditya L1 Mission सूर्य मिशन को लेकर इसरो ने बताया अब तक क्या हुआ।

    HighLights

    1. सूर्य मिशन पर इसरो का नया अपडेट आया सामने।
    2. इसरो ने मिशन को लेकर तैयारियां तेज की।
    3. 2 सितंबर को सुबह 11 बजकर 50 मिनट पर लॉन्च होगा Aditya L1।

    नई दिल्ली, एजेंसी। सूर्य मिशन (Aditya-L1 Mission) की लॉन्चिंग की तारीख पास आते देख इसरो ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसको लेकर इसरो ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट करते हुए नया अपडेट भी दिया है। इसरो ने पोस्ट में कहा कि लॉन्च को लेकर हम पूरी तरह तैयार हैं।

    तैयारी और रिहर्सल पूरी

    चंद्रयान-3 (Chandrayaan-3) की सफल लॉन्चिंग के बाद उत्साह से भरे इसरो ने एक्स पर किए एक पोस्ट में कहा,

    पीएसएलवी-सी57 या आदित्य-एल1 मिशन के लॉन्चिंग की तैयारी चल रही है। लॉन्च रिहर्सल और वाहन की आंतरिक जांच पूरी हो गई है।

    लॉन्चिंग की रिहर्सल की

    सूर्य का अध्ययन (Aditya-L1 Mission) करने के लिए लॉन्च किए जाने वाले अपने नए मिशन आदित्य-एल1 पर अपडेट देते हुए इसरो ने कहा कि लॉन्च रिहर्सल और रॉकेट की आंतरिक जांच पूरी हो चुकी है।

    2 सितंबर को होना है लॉन्च

    बता दें कि सूर्य मिशन को 2 सितंबर को सुबह 11 बजकर 50 मिनट पर श्रीहरिकोटा स्पेस सेंटर से लॉन्च किया जाना है।  

    आदित्य-एल1 अंतरिक्ष यान का उद्देश्य धरती से 15 लाख किलोमीटर दूर एल1 (लैगरेंज प्वाइंट) के चारों ओर की कक्षा से सूर्य का अध्ययन करना है। ये यान फोटोस्फेयर (यानी वो हिस्सा जो हमें दिखता है), क्रोमोस्फेयर (फोटोस्फेयर का ऊपरी हिस्सा)  और सूर्य की सबसे बाहरी परतों (कोरोना) का निरीक्षण करने के लिए सात पेलोड ले जाएगा।

    खबरें और भी

    पीएसएलवी प्रक्षेपण यान को लेकर खगोलशास्त्री और प्रोफेसर डॉ. आरसी कपूर ने कहा कि इस मिशन के लिए पीएसएलवी रॉकेट का उपयोग अच्छा कदम है, इसका इस्तेमाल अधिकांश मिशन के लिए किया गया है। पीएसएलवी पृथ्वी कक्षा में लगभग 3200 किलोग्राम तक ले जा सकता है।