AI परियोजना से बच्चों की निजता पर खतरा, NHRC ने भेजा नोटिस
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने अमेरिकी एआई कंपनी 'एंथ्रोपिक' और भारतीय एनजीओ 'प्रथम' के सहयोग से बच्चों की निजता पर संभावित खतरे को लेकर नोटिस जारी किया ...और पढ़ें
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AI परियोजना से बच्चों की निजता पर खतरा NHRC ने भेजा नोटिस (फाइल फोटो)
HighLights
NHRC ने बच्चों की निजता पर AI खतरे को लेकर नोटिस भेजा।
अमेरिकी AI कंपनी और भारतीय NGO के सहयोग पर उठे सवाल।
डाटा सुरक्षा, पारदर्शिता और अभिभावकीय सहमति सुनिश्चित करने पर NHRC का जोर।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने बच्चों की निजता पर संभावित खतरे को लेकर सभी राज्यों, केंद्रशासित प्रदेशों और केंद्र सरकार के संबंधित मंत्रालयों को नोटिस जारी किया है।
मामला अमेरिकी एआई कंपनी 'एंथ्रोपिक' और भारतीय एनजीओ 'प्रथम' के बीच सहयोग से जुड़ा है, जिसमें बच्चों के शैक्षणिक डाटा के उपयोग पर सवाल उठाए गए हैं।आयोग की यह कार्रवाई उस शिकायत के बाद हुई, जिसमें आरोप लगाया गया कि एआइ प्रणाली के माध्यम से बच्चों की हस्तलिखित उत्तर पुस्तिकाओं और शैक्षणिक जानकारी को “एनीटाइम टेस्टिंग मशीन” प्लेटफार्म पर प्रोसेस किया जा रहा है।
शिकायत में डाटा संग्रह, प्रोसेसिंग, भंडारण और संभावित अंतरराष्ट्रीय डाटा ट्रांसफर से जुड़े जोखिमों की आशंका जताई गई है। नमो फाउंडेशन नाम की एनजीओ ने ये शिकायत दर्ज कराई है। आयोग के सदस्य प्रियंक कानूनगो की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि नई तकनीकों का उपयोग महत्वपूर्ण है, लेकिन उन्हें भारत की शिक्षा नीतियों और मौजूदा कानूनों के अनुरूप होना चाहिए।
NHRC का निर्देश
आयोग ने डिजिटल पर्सनल डाटा प्रोटेक्शन अधिनियम, 2023 के प्रविधानों का हवाला देते हुए पारदर्शिता और अभिभावकीय सहमति सुनिश्चित करने पर जोर दिया। एनएचआरसी ने राज्यों के मुख्य सचिवों और केंद्रशासित प्रदेश प्रशासकों को निर्देश दिया है कि वे जांच करें और सुनिश्चित करें कि बच्चों का कोई भी डाटा दुरुपयोग न हो।
साथ ही, ऐसे संगठनों के साथ हुए समझौतों की समीक्षा करने को कहा गया है। उच्च शिक्षा विभाग, स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग तथा इलेक्ट्रानिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय से भी जवाब मांगा गया है। आयोग ने सभी पक्षों से दो सप्ताह के भीतर कार्रवाई रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है।