आखिरी समय में बदला गया था अजित पवार के प्लेन का पायलट: बारामती हादसे पर दोस्त ने बताई पूरी बात
अजित पवार के विमान हादसे में जान गंवाने वाले पायलट कैप्टन सुमित कपूर को आखिरी समय में उड़ान भरने की ...और पढ़ें
-1769702003883_m.webp)
ट्रैफिक में फंसे पायलट की जगह उड़ान भरने वाले सुमित कपूर की गई जान (फाइल फोटो)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अजित पवार के विमान हादसे में जान गंवाने वाले पायलट कैप्टन सुमित कपूर उस दिन यह उड़ान भरने वाले नहीं थे। उनके दोस्तों के मुताबिक, वे आखिरी समय में दूसरे पायलट की जगह इस उड़ान के लिए गए थे।
जिस पायलट को उड़ान भरनी थी वह ट्रैफिक में फंस गया था, इसलिए सुमित कपूर को उसकी जगह भेजा गया। कैप्टन सुमित कपूर कुछ दिन पहले ही हांगकांग से लौटे थे। दोस्तों का कहना है कि उन्हें इस उड़ान की जानकारी हादसे से कुछ घंटे पहले ही दी गई थी।

कैसे हुआ हादसा?
उन्हें मुंबई से अजित पवार को लेकर बारामती जाना था, जहां पवार को चुनावी कार्यक्रमों में शामिल होना था। सुबह करीब 8 बजे दिल्ली की कंपनी वीएसआर वेंचर्स द्वारा संचालित लियरजेट-45 विमान ने मुंबई से उड़ान भरी। विमान में अजित पवार समेत कुल पांच लोग सवार थे।
यह हादसा सुबह करीब 8.45 बजे बारामती एयरपोर्ट पर दूसरी बार लैंडिंग की कोशिश के दौरान हुआ। विमान में सवार सभी पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों में कैप्टन सुमित कपूर, को-पायलट कैप्टन शंभवी पाठक, फ्लाइट अटेंडेंट पिंकी माली और अजित पवार के सुरक्षा गार्ड विदिप जाधव शामिल हैं।
खराब मौसम बना हादसे का कारण
सूत्रों के मुताबिक, शुरुआती जांच में खराब मौसम और कम दृश्यता के बीच लैंडिंग के दौरान संभावित पायलट मिसजजमेंट की बात सामने आई है। हालांकि, किसी तकनीकी खराबी की संभावना से भी इनकार नहीं किया गया है और इसकी जांच जारी है।
लेकिन कैप्टन कपूर के दोस्तों का कहना है कि वे बेहद अनुभवी पायलट थे और उनसे ऐसी गलती होने की संभावना बहुत कम है। दोस्तों ने इस हादसे की निष्पक्ष और गहन जांच की मांग की है।
परिवार और दोस्तों की यादें
दोस्तों ने सुमित कपूर को एक बेहद दयालु इंसान बताया, जिन्हें उड़ान भरना सबसे ज्यादा पसंद था। उनके परिवार में भी कई लोग एविएशन से जुड़े हैं। उनका बेटा और दामाद दोनों पायलट हैं। उनके बेटे और बेटी दोनों की शादी हो चुकी है। उनका एक भाई गुरुग्राम में व्यवसाय करता है।

दोस्त सचिन तनेजा ने बताया कि सुमित कपूर की पहचान उनकी कलाई में पहनी हुई ब्रैसलेट से हुई। वहीं, नरेश तनेजा ने कहा कि हादसे की खबर सुनकर किसी को भी यकीन नहीं हुआ कि सुमित कपूर अब इस दुनिया में नहीं रहे। दोस्त जीएस ग्रोवर ने बताया कि हांगकांग से लौटने के बाद कपूर ने उनसे लंबी बातचीत की थी और उन्हें अपने स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी थी।
देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।