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    कब टूटेगा संसद का गतिरोध? विपक्ष के आरोपों का जवाब देंगे अमित शाह

    Updated: Wed, 05 Aug 2026 10:07 PM (IST)

    सरकार संसद में गतिरोध तोड़ने के लिए गृह मंत्री अमित शाह द्वारा एफसीआरए संशोधन विधेयक पर बयान देने का प्रस्ताव लाई है। ...और पढ़ें

    लोकसभा में गृह मंत्री अमित शाह देंगे जवाब (फाइल फोटो)

    लोकसभा में गृह मंत्री अमित शाह देंगे जवाब (फाइल फोटो)

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    नीलू रंजन, नई दिल्ली। सदन के भीतर एफसीआरए पर गृह व सहकारिता मंत्री अमित शाह के बयान के प्रस्ताव के सहारे सरकार संसद में गतिरोध तोड़ने की कोशिश में जुट गई है।

    संसदीय कार्यमंत्री किरण रिजिजु ने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के साथ मुलाकात में एफसीआरए संशोधन विधेयक पर अमित शाह के बोलने का प्रस्ताव रखा है।

    दरअसल मानसून सत्र के दौरान दोनों सदनों में अमित शाह की अनुपस्थिति को मुद्दा बनाकर विपक्ष संसद नहीं चलने दे रहा है। इसके साथ ही विपक्ष जंतर-मंतर के प्रदर्शनकारियों पर पुलिस की ज्यादती पर गृह मंत्री के बयान की मांग कर रहा है।

    गृह मंत्री की अनुपस्थिति पर उठे सवाल 

    पिछले ढाई हफ्ते से संसद के भीतर चल रहे गतिरोध को तोड़ने की सरकार की ओर से पहली बार गंभीर कोशिश शुरू हुई।इसके तहत ही सदन के भीतर गृहमंत्री की अनुउपस्थिति और जंतर-मंतर प्रदर्शकारियों पर पुलिस ज्यादती के आरोपों पर बयान की विपक्ष की मांग पर बीच का रास्ता निकालते हुए सरकार की ओर से एफसीआरए पर अमित शाह के बोलने का भरोसा दिया।

    दरअसल जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हिंसक झड़प की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट कर रही है। सुप्रीम कोर्ट ने आश्वस्त किया है कि प्रदर्शन के दौरान हिंसा करने वाले अपराधियों और छात्रों पर ज्यादती करने वाले पुलिसकर्मियों में से किसी को नहीं बख्शा जाएगा। सुप्रीम कोर्ट ने पिछली सुनवाई में पूरे मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) के गठन का भी संकेत दिया था।

    सुप्रीम कोर्ट में जंतर-मंतर हिंसा पर सुनवाई 

    गतिरोध तोड़ने के लिए विपक्ष के साथ बातचीत शुरू करने के पीछे एक कारण यह भी है कि सरकार हंगामे के बीच एफसीआरए संशोधन विधेयक को पास नहीं कराना चाहती है।

    इन संशोधनों को लेकर कई तरह से भ्रम फैलाए जा रहे हैं। सरकार की कोशिश संसद के भीतर संशोधनों पर उठ रहे सवालों का जवाब देते हुए इसे पास कराने की है।

    चर्चा होने की स्थिति में विपक्ष की ओर से एफसीआरए में संशोधनों पर सभी आपत्तियां भी दर्ज हो जाएगी और सत्तापक्ष की ओर इसकी जरूरत भी रेखांकित कर दी जाएगी।

    गृह मंत्री अमित शाह देंगे जवाब 

    गृह मंत्री अमित शाह खुद विधेयक को लेकर विपक्ष की आपत्तियों के साथ-साथ देश और दुनिया में फैलाये जा रहे दुष्प्रचार पर जवाब देंगे।

    एक सामान्य विधेयक होने के कारण अन्य विधेयकों की तरह सरकार इसे हंगामे के बीच पारित करा सकती थी, लेकिन इससे इसके खिलाफ फैलाए जा रहे दुष्प्रचार को और हवा देने का मौका मिल जाता है।

    विपक्ष के तैयार होने की स्थिति में अमित शाह एफसीआरए संशोधन विधेयक पर चर्चा की शुरूआत कर सकते हैं।

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