अरावली पहाड़ियों की परिभाषा तय करने के लिए केंद्र ने गठित की नई समिति, SC की मुहर के बाद काम होगा शुरू
अरावली रेंज की 100 मीटर की परिभाषा पर विवाद के बाद केंद्र सरकार ने एक नई दस सदस्यीय विशेषज्ञ समिति का गठन किया है। काउंसिल ऑफ फॉरेस्ट्री रिसर्च एंड एज ...और पढ़ें

अरावली की 100 मीटर परिभाषा पर केंद्र ने नई समिति बनाई

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जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। अरावली रेंज की तय की गई सौ मीटर की परिभाषा पर खड़े हुए विवाद और सुप्रीम कोर्ट की रोक व नई विशेषज्ञ समिति गठित करने के निर्देश के बाद केंद्र ने काउंसिल ऑफ फारेस्ट्री रिसर्च एंड एजुकेशन की मौजूदा डायरेक्टर कंचन देवी की अगुवाई में एक दस सदस्यीय समिति गठित की है।
जिसमें वन एवं पर्यावरण मंत्रालय से जुड़े कई पूर्व व मौजूदा वरिष्ठ अधिकारियों के साथ ही विषय विशेषज्ञों को शामिल किया गया है। माना जा रहा है कि सुप्रीम कोर्ट की ओर से प्रस्तावित समिति पर मुहर लगने के बाद यह जल्द ही अपना काम शुरू करेगी।
अरावली की परिभाषा पर केंद्र ने नई समिति बनाई
वन एवं पर्यावरण मंत्रालय से जुड़े सूत्रों के मुताबिक नई समिति में जिन विषय विशेषज्ञों को शामिल किया गया है, उनमें भारतीय वन सर्वेक्षण, भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण, भारतीय सर्वेक्षण विभाग के प्रमुख शामिल होंगे। इससे पहले भी सौ मीटर की परिभाषा तय करने वाली समिति में इन सभी का प्रतिनिधित्व था।
हालांकि इस बार समिति का प्रमुख मंत्रालय के किसी शीर्ष अधिकारी को न बनाकर उसकी जगह विषय विशेषज्ञ को जगह दी गई है। इस बीच गठित समिति जिन बिंदुओं पर काम करेगा, उनमें पहला अरावली की तय की गई सौ मीटर की परिभाषा को नए सिरे से जांचना है। साथ ही अरावली के संरक्षण के लिए नए सुझाव भी देने है।