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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 02, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    पाक की आई शामत, अब तय समय से पहले ही भारत को मिलेंगे राफेल विमान !

    By Kamal VermaEdited By:
    Updated: Sun, 02 Oct 2016 01:45 PM (IST)

    फ्रांस भारत को तय समय से पहले ही मेटेआर मिसाइल युक्‍त राफे‍ल विमान सौंप देगा। इसकी जानकारी खुद रक्षा मंत्री मनोहर पर्रीकर ने दी है। ...और पढ़ें

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    नई दिल्ली (एएनआई)। भारत फ्रांस तय समय सेे पहले ही अत्याधुनिक राफेल विमान की सप्लाई कर देगा। यह खबर पाकिस्तान को परेशान कर सकती है। इसकी जानकारी देते हुए रक्षा मंत्री मनोहर पर्रीकर ने कहा कि राफेल विमान की सप्लाई के लिए दिए गए 36 माह से पहले ही फ्रांस यह विमान भारत को सौंप देगा। उन्होंने कहा कि इस बारे में पिछले माह ही दोनों देशों के बीच अहम करार हुआ है।

    7.87 बिलियन यूरो के इस करार से भारत सामरिक दृष्टि से काफी मजबूत होगा। यह राफेल विमान हवा से हवा में मार करने वाली अत्याधुनिक मिसाइल मेटेओर मिसाइल से लैस होंगे। इस तरह की मिसाइल चीन के पास भी नहीं है। इस मिसाइल की रेंज करीब 150 किमी. है। इसका अर्थ यह है कि पाकिस्तान के किसी भी ठिकाने को निशाना बनाने के लिए भारतीय जेट को पाकिस्तान की सीमा में अंदर नहीं जाना होगा। भारतीय सीमा में रहकर ही पाक के किसी ठिकाने को निशाना बनाया जा सकेगा। लिहाजा भारत इन विमानों के आ जाने से काफी मजबूत होगा और साथ ही भारतीय वायुसेना की वर्षों की कमी पूरी हो सकेेगी।

    पाकिस्तान के पास मौजूदा समय में बियोंड विजुुअल रेंज वाली मिसाइल की मारक क्षमता महज 80 किमी. है। फ्रांस से मिलने वाले राफेल विमान स्कैल्प से भी लैस होंगे। यह एक लॉंग रेंज हवा से जमीन पर मार करने वाली क्रुज मिसाइल है। इस मिसाइल की रेंज करीब 300 किमी. की है।

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    राफेल विमान की खासियत
    - राफेल लड़ाकू विमानों को फ्रांस की डसाल्ट एविएशन कंपनी बनाती है। यह एक बहुउपयोगी लड़ाकू विमान है।
    - एक विमान की लागत 70 मिलियन आती है। इसकी लंबाई 15.27 मीटर है और इसमें एक या दो पायलट बैठ सकते हैं।
    - जानकार बताते हैं कि राफेल ऊंचे इलाकों में लड़ने में माहिर है। राफेल एक मिनट में 60 हजार फुट की ऊंचाई तक जा सकता है। हालांकि अधिकतम भार उठाकर इसके उड़ने की क्षमता 24500 किलोग्राम है।
    - विमान में ईंधन क्षमता 4700 किलोग्राम है। राफेल की अधिकतम रफ्तार 2200 से 2500 तक किमी प्रतिघंटा है और इसकी रेंज 3700 किलोमीटर है।
    - इसमें 1.30 mm की एक गन लगी होती है जो एक बार में 125 राउंड गोलियां निकाल सकती है।
    - इसके अलावा इसमें घातक एमबीडीए एमआइसीए, एमबीडीए मेटेओर, एमबीडीए अपाचे, स्टोर्म शैडो एससीएएलपी मिसाइलें लगी रहती हैं।
    - इसमें थाले आरबीई-2 रडार और थाले स्पेक्ट्रा वारफेयर सिस्टम लगा होता है। साथ ही इसमें ऑप्ट्रॉनिक सेक्योर फ्रंटल इंफ्रा-रेड सर्च और ट्रैक सिस्टम भी लगा है।
    - अमेरिका, जर्मनी और रूस चाहते हैं कि भारत उनसे लड़ाकू विमान खरीदे। अमेरिका भारत को एफ-16 और एफ-18, रूस मिग-35, जर्मनी और ब्रिटेन यूरोफाइटर टायफून और स्वीडन ग्रिपन विमान बेचना चाह रहे थे, लेकिन मोदी सरकार ने राफेल को खरीदने का फैसला किया है।

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