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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 14, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    पाकिस्तान सीमा पर भारत का शक्ति प्रदर्शन, पोखरण में Bharat Shakti अभ्यास में स्वदेशी हथियारों ने दुश्मनों को चेताया

    By Agency Edited By: Sonu Gupta
    Updated: Thu, 14 Mar 2024 07:55 PM (IST)

    पोखरण में एकीकृत मेगा अभ्यास भारत शक्ति ने भारत के सशस्त्र बलों की युद्ध क्षमता के बारे में प्रतिद्वंद्वियों को रणनीतिक संदेश दिया है। रक्षा प्रतिष्ठा ...और पढ़ें

    पोखरण में 'भारत शक्ति' के दौरान दिखी स्वदेशी सैन्य उपकरणों की मारक क्षमता। फोटोः पीटीआई।
    पोखरण में 'भारत शक्ति' के दौरान दिखी स्वदेशी सैन्य उपकरणों की मारक क्षमता। फोटोः पीटीआई।

    HighLights

    1. पोखरण में 'भारत शक्ति' के दौरान दिखी स्वदेशी सैन्य उपकरणों की मारक क्षमता
    2. एकीकृत मेगा अभ्यास ने सशस्त्र बलों की युद्ध क्षमता के बारे में प्रतिद्वंद्वियों को दिया रणनीतिक संदेश
    3. पीएम मोदी ने कहा- विकसित भारत की कल्पना आत्मनिर्भर भारत के बिना संभव ही नहीं

    पीटीआई, नई दिल्ली। पोखरण में एकीकृत मेगा अभ्यास 'भारत शक्ति' ने भारत के सशस्त्र बलों की युद्ध क्षमता के बारे में प्रतिद्वंद्वियों को रणनीतिक संदेश दिया है। 12 मार्च को हुए इस अभ्यास के दौरान स्वदेशी विमान हवा में गर्जना कर रहे थे तो स्वदेशी रूप से निर्मित युद्धक टैंक और तोपखाने की बंदूकें जैसलमेर जिले के पोखरण के इस शुष्क इलाके में आग उगल रही थीं।

    भारत ने किया स्वदेशी रक्षा उपकरणों की शक्ति का दमदार प्रदर्शन

    दूसरे शब्दों में कहें तो भारत ने अपने स्वदेशी रक्षा उपकरणों की शक्ति का दमदार प्रदर्शन किया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और देश के शीर्ष सैन्य अधिकारी इसके साक्षी बने। बता दें कि राजस्थान के पोखरण में फील्ड फायरिंग रेंज अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास स्थित है। यह अभ्यास भारतीय सेना के तत्वावधान में आयोजित किया गया था।

    तेजस और एएलएच एमके-4 की गर्जना से गूंजा वातावरण

    रक्षा प्रतिष्ठान के सूत्रों ने कहा कि 'भारत शक्ति' के दौरान स्वदेशी रक्षा क्षमताओं का समन्वित प्रदर्शन स्वदेशीकरण के माध्यम से आधुनिकीकरण के प्रति इसकी प्रतिबद्धता का प्रमाण है। एलसीए तेजस और एएलएच एमके-4 की गर्जना से वातावरण गूंज उठा, जबकि मुख्य युद्धक टैंक अर्जुन, के-9 वज्र, और टी-90 भीष्म टैंक, और धनुष और शारंग आर्टिलेरी गन सिस्टम ने जमीन पर फायरिंग रेंज में अपनी क्षमता दिखाई।

    करीब 50 मिनट तक आयोजित हुआ अभ्यास

    पिनाका राकेट प्रणाली की सक्रियता को देख भीड़ में भारी उत्साह दिखा। भारत शक्ति अभ्यास लगभग 50 मिनट तक आयोजित किया गया। भारत ने अपने स्वदेशी रक्षा उपकरणों की शक्ति को जोरदार तरीके से दर्शाया।

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    पीएम मोदी ने क्या कहा?

    युद्धाभ्यास देख चकित हुए दर्शकों के बीच मोदी ने कहा कि पोखरण भारत की आत्मनिर्भरता, विश्वास और आत्म-गौरव की त्रिमूर्ति का गवाह बन गया है। इसकी गूंज भारत में ही नहीं, पूरी दुनिया में सुनाई दे रही है।

    उन्होंने कहा कि विकसित भारत की कल्पना आत्मनिर्भर भारत के बिना संभव ही नहीं है। विकसित होने के लिए हमें दूसरों पर निर्भरता लगातार घटानी है। इतने बड़े पैमाने पर यह अपनी तरह का पहला अभ्यास था। इस अभ्यास ने न केवल सशस्त्र बलों की स्वदेशी रक्षा क्षमता को प्रदर्शित किया बल्कि संचार, प्रशिक्षण, अंतर-संचालन और रसद जैसे विभिन्न पहलुओं में हासिल किए जा रहे एकीकरण को भी दर्शाया।

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    युद्धाभ्यास के दौरान मौजूद रहे रक्षा मंत्री

    इस दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, चीफ आफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान, नौसेना प्रमुख एडमिरल आर हरि कुमार, वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल वीआर चौधरी और सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे भी मौजूद रहे।

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