इंश्योरेंस कंपनियों नहीं सुन रहीं आपकी बात तो कहां करें शिकायत? यहां है हर सवाल का जवाब
यदि इंश्योरेंस कंपनी आपकी शिकायत का निपटान नहीं कर रही है, तो आप बीमा भरोसा पोर्टल पर शिकायत दर्ज कर सकते हैं, जिसकी निगरानी इरडा करता है

बीमा भरोसा पोर्टल पर जाकर शिकायत कर सकते है

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जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। इंश्योरेंस कंपनी अगर आपकी शिकायत का निपटान नहीं कर रही हैं तो बीमा भरोसा पोर्टल पर जाकर इसकी शिकायत कर सकते हैं। इंश्योरेंस संबंधी शिकायतों की संख्या को देखते हुए बीमा भरोसा पोर्टल को सभी कंपनियों के साथ जोड़ा गया है और इस पोर्टल पर दर्ज शिकायत को शिकायतकर्ता देख सकता है कि उसकी शिकायत का निपटान हो रहा है या नहीं।
भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (इरडा) भी इन शिकायतों की निगरानी करता है। वित्त मंत्रालय का वित्तीय सेवाएं विभाग (डीएफएस) ने इंश्योरेंस लेने वाले ग्राहकों से कहा है कि कंपनी अगर उनकी शिकायत पर एक निश्चित समय तक ध्यान नहीं देती है तो उन्हें ग्रीवांस रिड्रेसल सेल का दरवाजा खटखटाना चाहिए।
इरडा द्वारा संचालित बीमा भरोसा पोर्टल पर लॉग इन करके इंश्योरेंस ग्राहक ग्रीवांस रिड्रेसल विभाग को अपनी शिकायत कर सकते हैं। बीमा भरोसा पोर्टल पर ग्राहक टोल फ्री नंबर 155255 या 18004254732 नंबर या इरडा के ईमेल के जरिए भी इंश्योरेंस संबंधी अपनी शिकायत दर्ज करा सकता है। कॉल सेंटर 12 भाषाओं में संचालित किया जा रहा है ताकि किसी भी क्षेत्र के निवासी इंश्योरेंस संबंधी शिकायत दर्ज करा सके।
डीएफएस ने कहा है कि इरडा के नियम के मुताबिक सभी कंपनियों को 14 दिनों के भीतर ग्राहकों की शिकायत का निपटान करना आवश्यक है। किसी कंपनी की शिकायत सेल में भी ग्राहक अपनी शिकायत डिजिटल रूप में भी करा सकता है या फिर कॉल सेंटर या पत्राचार के माध्यम से भी शिकायत दर्ज कर सकता है। हर इंश्योरेंस कंपनी में एक ग्रीवांस अधिकारी की नियुक्ति भी अनिवार्य है जो कंपनी और ग्राहकों के बीच नोडल अधिकारी का काम करेगा।
इंश्योरेंस कंपनियों में क्लेम मॉनिटरिंग कमेटी की स्थापना भी आवश्यक है। इस साल के अंत तक इरडा के बीमा सुगम पोर्टल पर ग्राहक हेल्थ इंश्योरेंस के अलावा विभिन्न प्रकार के नए-नए इंश्योरेंस उत्पाद एक ही जगह खरीद सकेंगे और उनकी तुलना कर सकेंगे।
बीमा सुगम पोर्टल को आंशिक रूप लांच किया गया है और इस साल के अंत तक इसका वृहद रूप आ सकता है। इंश्योरेंस सेक्टर में 100 प्रतिशत विदेशी निवेश की इजाजत के बाद इस सेक्टर में भी कई नई कंपनियों के आने की संभावना है जिससे कंपनियों के बीच प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और उसका लाभ ग्राहकों को मिलेगा।
लाइफ इंश्योरेंस कंपनियों ने पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में 1,19,027 शिकायतें प्राप्त की थी। वहीं जनरल इंश्योरेंस कंपनियों ने 1,18,429 तो हेल्थ इंश्योरेंस कंपनियों को 64,171 शिकायतें मिली थी।
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