'राम मंदिर पर स्वांग से हिंदुओं की भावनाएं आहत हुईं,' भाजपा ने राहुल गांधी और पप्पू यादव पर लगाए गंभीर आरोप
भाजपा ने राहुल गांधी और पप्पू यादव पर संसद परिसर में राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में स्वांग रचकर हिंदू भावनाओं को आहत करने का आरोप लगाया है। विश्व हिं ...और पढ़ें

राहुल गांधी और पप्पू यादव सोशल मीडिया)
HighLights
भाजपा ने राहुल गांधी, पप्पू यादव पर हिंदू भावनाएं आहत करने का आरोप।
संसद परिसर में राम मंदिर चढ़ावा चोरी का स्वांग रचा गया।
विहिप ने इसे सनातन धर्म का अपमान बताया, सार्वजनिक माफी की मांग।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। भाजपा ने रविवार को आरोप लगाया कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में संसद परिसर में स्वांग करके हिंदू भावनाओं को आहत किया है और उन्हें इसके लिए माफी मांगनी चाहिए।
विश्व हिंदू परिषद ने भी गांधी और यादव पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि इन दोनों नेताओं ने संसद परिसर में किए गए विरोध-प्रदर्शन के जरिये सनातन धर्म का अपमान किया है।
संसद परिसर में पप्पू यादव ने किया स्वांग
शुक्रवार को संसद परिसर में मकर द्वार के सामने भगवा कपड़े पहने यादव ने विपक्ष के दूसरे सांसदों के साथ मिलकर स्वांग किया। गांधी समेत सभी सांसदों ने दान-पात्रों में पैसे डाले, जबकि पप्पू यादव ने कथित चढ़ावा चोरी को दिखाने के लिए पैसे अपनी जेब में रख लिए।
तरुण चुघ ने लगाए गंभीर आरोप
भाजपा महासचिव तरुण चुघ ने आरोप लगाया कि इस स्वांग से लाखों राम भक्तों की भावनाएं आहत हुईं। यह सिर्फ राजनीतिक विरोध नहीं, बल्कि पहले से सोची-समझी हरकत थी। राहुल गांधी और इस कार्य में शामिल हर व्यक्ति को पूरे देश और दुनियाभर के हिंदुओं से सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए। गांधी और आइएनडीआइए के पास अब सिर्फ एक ही तरह की राजनीति बची है सनातन का विरोध करना।
विहिप नेता सुरेंद्र गुप्ता ने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि देश की राजधानी में संसद के बाहर ऐसा अभद्र प्रदर्शन किया गया। जिस तरह से उन दो 'पप्पू' ने सनातन और संतों का अपमान किया है, उससे संत समाज और हिंदू समुदाय में गहरा आक्रोश है। उन्होंने विपक्ष से भारत की संस्कृति, हिंदुओं, संतों और मंदिरों का अपमान बंद करने की अपील की।
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गुप्ता ने कहा कि शनिवार को हमने जंतर-मंतर पर 'सद्बुद्धि हवन' का आयोजन किया था और प्रार्थना की थी कि ईश्वर उन्हें सद्बुद्धि दे। ऐसी हरकतों से देश के युवाओं को भी गुमराह किया जा रहा है। सरकार का राजनीतिक विरोध करते हुए भी उन्हें भारत की संस्कृति, हिंदुओं, संतों और मंदिरों का अपमान करना बंद करना चाहिए।