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    21 राज्यों में NDA सरकार, बंगाल फतह से बदला देश का राजनीतिक भूगोल

    Updated: Wed, 10 Jun 2026 12:22 PM (IST)

    पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में ऐतिहासिक जीत दर्ज करने के बाद देश का राजनीतिक नक्शा बदल गया है। इस जीत के साथ ही भाजपा ने अपनी पकड़ और मजबूत की ह ...और पढ़ें

    देश के राजनीतिक नक्शे पर बदला 'कमल' का राज। जागरण ग्राफिक्‍स- अमन सिंंह।

    देश के राजनीतिक नक्शे पर बदला 'कमल' का राज। जागरण ग्राफिक्‍स- अमन सिंंह।

    डिजिटल डेस्‍क, नई दिल्‍ली। देश के राजनीतिक परिदृश्य में भारतीय जनता पार्टी का प्रभाव लगातार मजबूत होता जा रहा है। एक छोटी राजनीतिक धारा के रूप में शुरू हुआ यह सफर आज देश की सबसे बड़ी राजनीतिक ताकत बन चुका है। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में ऐतिहासिक जीत दर्ज करने के बाद, देश के राजनीतिक नक्‍शे में एक बड़ा बदलाव आया है।

    फिलहाल, भारतीय जनता पार्टी और उसके सहयोगी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की सरकार देश के कुल 21 राज्यों में सत्ता में है। यह आंकड़ा देश के अधिकांश भूभाग और आबादी पर ‘कमल’ के बढ़ते प्रभाव को दर्शाता है। इन 21 राज्यों में से लगभग 14 राज्यों में भाजपा सीधे तौर पर मुख्यमंत्री के नेतृत्व में सरकार चला रही है, जिनमें उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, गुजरात, असम और पश्चिम बंगाल जैसे प्रमुख राज्य शामिल हैं।

    इसके अतिरिक्त, बिहार, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, सिक्किम और पुडुचेरी जैसे राज्यों में एनडीए गठबंधन की सरकार है। भाजपा का यह विस्तार क्षेत्रीय दलों के वर्चस्व वाले राज्यों में भी अपनी जड़ें जमाने की उसकी सफल रणनीति का परिणाम है। यह विस्तार इस बात का प्रतीक है कि भाजपा अब केवल हिंदी पट्टी की पार्टी नहीं रही, बल्कि पूर्वी भारत सहित पूरे देश में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा चुकी है

    BJP supporter

    फिलहाल कितने राज्‍यों में भाजपा की सरकार है, इन सवालों के जवाब जानने से पहले जरूरी है भाजपा के उस सफर को समझना, जो एक छोटी राजनीतिक धारा से शुरू हुआ और देखते ही देखते देश की सबसे बड़ी ताकत बन गया।

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    BJP Journey

    भाजपा के उदय की कहानी

    भारतीय जना पार्टी की कहानी सीधे साल 1980 से शुरू होती है, लेकिन इसकी जड़ भारतीय जनसंघ को माना जाता है। साल 1977 की बात है। आपातकाल के बादल छटे तो भारतीय जनसंघ ने अन्‍य दलों के साथ मिलकर जनता पार्टी का गठन किया, लेकिन  यहां भी वर्चस्व की लड़ाई जारी थी।

    साल 1980 में जनसंघ से आए नेताओं के खिलाफ दोहरी सदस्यता का मुद्दा उठा। उनके सामने शर्त रखी गई कि 'जनता पार्टी छोड़ो या फिर संघ से रिश्‍ते तोड़ो'। इसका विरोध करते हुए जनसंघ से आए सदस्यों ने जनता पार्टी छोड़ दी। यहां से शुरू होती है, भाजपा के उदय की कहानी।

    लाल कृष्‍ण आडवाणी और अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में 6 अप्रैल, 1980 भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का गठन किया।  अटल बिहारी वाजपेयी भाजपा के पहले अध्यक्ष बने। उन्होंने पार्टी को पहचान दिलाने और देश में कांग्रेस के एकाधिकार को खत्म करने के लिए खूब पसीना बहाया।

    atal bihari vajpayee Lal krishna

    BJP ने पहला चुनाव कौन-सा लड़ा, कितनी सीटें मिली थीं?

    देश में साल 1984 में लोकसभा चुनाव हुए। भाजपा का यह पहला चुनाव था। चुनाव से पहले प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के बॉडीगार्डस ने उनकी हत्‍या कर दी थी। सहानुभूति की लहर में कांग्रेस की बंपर जीत हुई। भाजपा के खाते में सिर्फ दो सीटें आईं। यहीं से भाजपा के संघर्ष और विस्तार की असली यात्रा शुरू हुई।

    कांग्रेस की लहर में जीतने वाले BJP के दो नेता कौन थे?

    • ए के पटेल : मेहसाणा लोकसभा सीट से जीते थे। यह गुजरात में भाजपा के पहले सांसद भी थे।
    • चंदूपतला जंगा रेड्डी: हनमकोंडा सीट से जीतकर लोकसभा पहुंचे थे। रेड्डी आंध्र प्रदेश से भाजपा के पहले सांसद थे।

    देश में पहली बार गैर-कांग्रेसी सरकार कब बनी थी?

    देश में पहली बार गैर-कांग्रेसी सरकार साल 1989 के लोकसभा चुनाव के बाद बनी। इन चुनावों में भारतीय जनता पार्टी ने 85 सीटें जीतकर अपनी ताकत दिखाई। फिर भाजपा के समर्थन से नेशनल फ्रंट ने केंद्र में सरकार बनाई। वीपी सिंह देश के पहले गैर-कांग्रेसी प्रधानमंत्री बने।

    इसी दौर में भाजपा ने बोफोर्स घोटाले को बड़ा मुद्दा बनाया। 1990 में लाल कृष्ण आडवाणी ने राम जन्मभूमि आंदोलन के समर्थन में सोमनाथ से अयोध्या तक राम रथ यात्रा निकाली।

    हालांकि, बिहार में तत्कालीन मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव के आदेश पर आडवाणी को गिरफ्तार कर लिया गया, लेकिन यात्रा कारसेवकों ने आगे बढ़ाई।

    इस पूरे घटनाक्रम का असर 1991 के चुनाव में दिखा, जब भाजपा 120 सीटों तक पहुंच गई और राष्ट्रीय राजनीति में एक मजबूत शक्ति बनकर उभरी।

    Atal Bihari Vajpeyee

    देश को कब मिला पहला भाजपाई प्रधानमंत्री?

    साल 1996 के लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी 161 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी। इसके बाद अटल बिहारी वाजपेयी ने पहली बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली, लेकिन बहुमत साबित न कर पाने के कारण उनकी सरकार सिर्फ 13 दिन में गिर गई और वाजपेयी को पीएम पद से इस्‍तीफा देना पड़ा।

    1998 में भाजपा ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) का नेतृत्व करते हुए लोकसभा चुनाव  लड़ा। उस वक्त एनडीए सहयोगियों में समता पार्टी, शिरोमणि अकाली दल, शिवसेना, एआईएडीएमके और बीजू जनता दल शामिल थे।

    टीडीपी ने बाहर से समर्थन दिया तो अटल बिहारी वाजपेयी दोबारा प्रधानमंत्री बने। हालांकि, 1999 में सहयोगी AIADMK के समर्थन वापस लेने से सरकार गिर गई।

    साल 199 में फिर लोकसभा चुनाव हुए। इस बार NDA ने एआईएडीएमके के बिना ही 303 सीटें जीतीं। भाजपा को सबसे ज्‍यादा 183 सीटें मिली थीं। वाजपेयी तीसरी बार पीएम बने और अपना कार्यकाल पूरा किया था।

    भाजपा का स्‍वर्णकाल

    अटल बिहारी वाजपेयी ने 2004 में छह महीने पहले ही चुनाव का एलान कर दिया। भाजपा का मुद्दा इंडिया शाइनिंग था, इसके बावजूद भाजपा हार गई। लोकसभा चुनाव बाद बाद 10 साल तक देश में यूपीए की सरकार रही।

    फिर 2014 में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा को पूर्ण बहुमत मिला और वह देश के पहले ऐसे गैर-कांग्रेसी प्रधानमंत्री बने, जिन्हें अपनी पार्टी के दम पर बहुमत मिला। तब से अब तक देश में भाजपा के नेतृत्व में एनडीए की सरकार है।

    Narendra Modi as PM

    केंद्र में कितनी बार भाजपा की सरकार रही?

    • 1996 में पहली बार अटल बिहारी वाजपेयी प्रधानमंत्री बने, लेकिन यह सरकार सिर्फ 13 दिन बाद ही गिर गई थी।
    • 1998 में अटल बिहारी वाजपेयी दूसरी बार पीएम बने। इस बार सरकार 13 महीने चली।  
    • 1999 में वाजपेयी बहुमत से प्रधानमंत्री बने और कार्यकाल पूरा किया। 
    • 2014 में नरेंद्र मोदी के नेतृत्‍व में पार्टी जीती और वह पीएम बने। कार्यकाल पूरा किया। 
    • 2019 में मोदी के नेतृत्‍व में भाजपा प्रचंड बहुमत से जीती। वह दूसरी बार पीएम बने। 
    • 2024 में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनी, लेकिन बहुमत नहीं मिला। एनडीए के समर्थन से तीसरी बार पीएम पद की शपथ ली।

    बता दें कि केंद्र में भाजपा की सरकार का पार्टी के गठन से लेकर अब तक छठा कार्यकाल चल रहा है।

    किस राज्‍य में बनी थी पहली बार भाजपा की सरकार?

    भाजपा के गठन के बाद सबसे  राजस्थान में भाजपा की सरकार बनी। मुख्यमंत्री पद की शपथ भैरों सिंह शेखावत ने ली थी। शेखावत पहले जनसंघ में हुआ करते थे। हालांकि, इससे पहले जनता पार्टी की भी सरकार यहां बन चुकी थी। इसके बाद 90 के दशक में ही हिमाचल, मध्‍यप्रदेश, उत्‍तर प्रदेश,  गुजरात, हरियाणा और दिल्‍ली में भी भाजपा की सरकार बनी।

    bhairon singh shekhawat

    अभी कितने राज्‍यों में भाजपा की सरकार है?

    देश के अभी 21 राज्‍यों में भाजपा और उसके सहयोगी एनडीए की सरकार है।   

    सीधे BJP सरकार

    1. उत्तर प्रदेश

    2. मध्य प्रदेश

    3. गुजरात

    4. राजस्थान

    5. हरियाणा

    6. उत्तराखंड

    7. असम (भाजपा की वापसी)

    8. अरुणाचल प्रदेश

    9. त्रिपुरा

    10. गोवा

    11. छत्तीसगढ़

    12. ओडिशा

    13. मणिपुर

    14. अब पश्चिम बंगाल

    NDA सहयोगी दलों के साथ 

    1. बिहार 

    2. महाराष्ट्र 

    3. आंध्र प्रदेश

    4. सिक्किम

    5. मेघालय 

    6. नगालैंड 

    7. पुडुचेरी (गठबंधन की वापसी)

    BJP West Bengal inside

    बंगाल में कमल: राजनीति का नया अध्याय

    पश्चिम बंगाल लंबे समय तक वामपंथ और फिर तृणमूल कांग्रेस का गढ़ रहा, लेकिन अब जब यहां भी भाजपा सत्ता तक पहुंच गई है, तो यह सिर्फ एक राज्य की जीत नहीं, बल्कि भाजपा के विस्तार की कहानी का नया अध्याय है।

    बंगाल की जीत ने यह दिखा दिया कि भाजपा अब सिर्फ हिंदी पट्टी या पश्चिम भारत की पार्टी नहीं रही, बल्कि पूर्वी भारत में भी अपनी मजबूत पकड़ बना चुकी है।

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