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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 23, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Budget 2024: चार एक्सप्रेस-वे की सौगात, गया में विकसित होगा औद्योगिक केंद्र; बजट में बिहार को क्या-क्या मिला?

    Updated: Tue, 23 Jul 2024 08:49 PM (IST)

    केंद्र सरकार ने मंगलवार को बजट में बिहार को 60 हजार रुपये से अधिक की सौगात दी। केंद्र सरकार ने बिहार के लिए अपना खजाना खोल दिया। गया जिले के डोभी में ...और पढ़ें

    Budget 2024: केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण। (फोटो- एएनआई)
    Budget 2024: केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण। (फोटो- एएनआई)

    HighLights

    1. चुनाव से पहले बिहार में बहार का एक्सप्रेसवे।
    2. आम बजट में दिखा डबल इंजन का फायदा।
    3. बाढ़ नियंत्रण के लिए 11 हजार करोड़ का फंड।

    अरविंद शर्मा, नई दिल्ली। केंद्र में नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में राजग की लगातार तीसरी बार सरकार बनाने में बिहार की बड़ी भूमिका और डबल इंजन सरकार का असर आम बजट में भी दिखा। वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को अपने बजट भाषण में बिहार को ही केंद्र में रखा। विशेष राज्य का दर्जा तो खैर संवैधानिक रूप से भी संभव नहीं है, लेकिन राज्य में एक्सप्रेस-वे निर्माण से लेकर पर्यटन को प्रोत्साहन एवं बाढ़ नियंत्रण तक की योजनाओं के लिए केंद्र सरकार ने खजाना खोल दिया।

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    जदयू ने की थी विशेष पैकेज की मांग

    केंद्र सरकार ने विभिन्न योजनाओं के तहत बिहार को लगभग 60 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की सौगात दी है। बिहार में अगले ही वर्ष विधानसभा चुनाव भी है। ऐसे में आम बजट में बिहार के लिए घोषणाओं को राजनीति के नजरिए से भी देखा जा रहा है। मात्र दो दिन पहले दिल्ली में सर्वदलीय बैठक में जदयू की ओर से बिहार के लिए विशेष राज्य या विशेष पैकेज की मांग की गई थी। इस दौरान केंद्र सरकार का ध्यान बिहार की बड़ी आपदा बाढ़ की ओर भी आकृष्ट किया गया था।

    बजट में भरी बिहार की झोली

    एक दिन पहले सदन में केंद्र सरकार ने विशेष राज्य के दर्जा और विशेष पैकेज के आग्रह को संवैधानिक प्रविधान का हवाला देकर खारिज कर दिया था। इस पर बिहार में विपक्षी दलों ने सत्ता पक्ष की काफी किरकिरी की थी। किंतु वित्त मंत्री ने मंगलवार को बजट के जरिए न केवल बिहार की झोली भर दी, बल्कि भाषण में बार-बार उन योजनाएं एवं उसके लिए आवंटित राशि का विशेष तौर पर उल्लेख किया।

    गया में विकसित होगा औद्योगिक केंद्र

    बिहार को गरीब राज्य के रूप में जाना जाता है। राज्य में उद्योग-धंधे के साथ आधारभूत संरचना का अभाव है। केंद्र की सहायता से अमृतसर-कोलकाता औद्योगिक गलियारे पर पड़ने वाले गया जिले के डोभी में औद्योगिक केंद्र का विकास किया जाएगा। इसे अन्य सांस्कृतिक केंद्रों के लिए आधुनिक अर्थव्यवस्था के मॉडल के रूप में विकसित किया जाना है, जो विकास भी विरासत भी का प्रतिबिंब होगा। बिहार को पूर्वोदय योजना में शामिल कर आर्थिक अवसरों का सृजन किया जाएगा।

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    बिहार को क्या-क्या मिला?

    बिहार की सड़क परियोजनाओं के लिए बजट में 26 हजार करोड़ रुपये का प्रबंध किया जाएगा। इस राशि से पटना-पूर्णिया एक्सप्रेस-वे एवं बक्सर-भागलपुर एक्सप्रेस-वे के विकास के साथ-साथ बोधगया, राजगीर, वैशाली एवं दरभंगा सड़क संपर्क योजनाओं पर काम होगा। बक्सर में गंगा नदी पर दो लेन वाला एक अतिरिक्त पुल बनाने में भी मदद दी जाएगी।

    भागलपुर में लगेगा बिजली संयंत्र

    बिहार में 21 हजार चार सौ करोड़ की लागत से विद्युत परियोजनाएं शुरू की जाएंगी। इनमें भागलपुर के पीरपैंती में 2400 मेगावाट के नए संयंत्र की स्थापना की जाएगी। बाढ़ प्रबंधन के लिए 11,500 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। इससे कोसी-मेची नदी अंतरराज्यीय लिंक, बैराजों और सिंचाई परियोजनाओं समेत 20 अन्य चालू योजनाओं के लिए वित्तीय मदद मिलेगी।

    पर्यटन मानचित्र पर भी बिहार

    बिहार को पर्यटन मानचित्र पर भी उभारने की योजना है। गया स्थित विष्णुपद मंदिर एवं बोधगया के महाबोधि मंदिर को विश्वस्तरीय तीर्थस्थल एवं पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा। दोनों तीर्थस्थलों को काशी विश्वनाथ मंदिर कॉरिडोर मॉडल के अनुरूप समग्र विकास करने की योजना है। राजगीर के लिए समग्र विकास की पहल होगी। वहां के हिंदू, जैन एवं बौद्ध तीर्थस्थलों को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर लाना है। नालंदा विश्वविद्यालय का विकास टूरिज्म सेंटर की तरह किया जाएगा।

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