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    Budget 2026 In Hindi PDF Download बजट 2026 हिंदी पीडीएफ डाउनलोड करें, इनकम टैक्स स्लैब जानिए

    Updated: Sun, 01 Feb 2026 07:57 PM (IST)

    Budget 2026 In Hindi PDF Download: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार 1 फरवरी 2026 को संसद में केंद्रीय बजट 2026 पेश किया। बजट 2026 में ट ...और पढ़ें

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    HighLights

    1. केंद्रीय बजट 1 फरवरी को पेश किया जाता है।

    2. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज बजट पेश किया।

    Budget 2026 In Hindi PDF Download Union Budget 2026 भारत की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी 2026 को सुबह 11 बजे संसद में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए केंद्रीय बजट 2026-27 पेश किया। बजट 2026 संसद के चल रहे बजट सत्र के दौरान पेश किया गया और इसमें सरकार का 2026-27 वित्तीय वर्ष के लिए वित्तीय रोडमैप बताया गया है।

    बजट सत्र 2026 डेट टाइम

    संसद का बजट सत्र दो चरणों में आयोजित किया जाएगा। संसद का बजट सत्र 28 जनवरी 2026 को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के लोकसभा और राज्यसभा के सदस्यों को संबोधित करने के साथ शुरू हुआ। सत्र का पहला चरण 28 जनवरी से 13 फरवरी तक चलेगा, जबकि दूसरा चरण 9 मार्च से 2 अप्रैल तक चलेगा, जिसमें कुल 30 बैठकें होंगी।

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    वित्तीय वर्ष के प्रस्ताव

    केंद्रीय बजट आमतौर पर 1 फरवरी को पेश किया जाता है, ताकि मंत्रालयों और विभागों को 1 अप्रैल से शुरू होने वाले नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत से प्रस्तावों को लागू करने के लिए पर्याप्त समय मिल सके।

    बजट 2026 हिंदी पीडीएफ डाउनलोड

    जागरण डिजिटल के इसी पेज पर बजट 2026 का हिंदी में पूरा अपडेट दिया गया है। आपसे आग्रह है कि आप इस पेज को बुकमार्क या सेव कर लें और केंद्रीय बजट 2026 का हिंदी में पूरा अपडेट और बजट 2026 की हिंदी में पीडीएफ डाउनलोड कर सकते हैं। 

    Budget 2026 In Hindi PDF Download Link

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    केंद्रीय बजट 2026 इनकम टैक्स स्लैब

    वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपना 9वां बजट पेश किया है, जिसका उद्देश्य भारत के लिए दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था का टैग बनाए रखना है।

    • वित्त मंत्री ने रिवाइज्ड IT रिटर्न फाइल करने की समय सीमा 31 दिसंबर से बढ़ाकर 31 मार्च करने का प्रस्ताव दिया।
    • वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को मामूली फीस देकर रिवाइज्ड इनकम टैक्स (I-T) रिटर्न फाइल करने की समय सीमा 31 दिसंबर से बढ़ाकर 31 मार्च करने का प्रस्ताव दिया।
    • सरकार ने लिबरलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम के तहत शिक्षा और मेडिकल शिक्षा के लिए TCS दर को 5 प्रतिशत से घटाकर 2 प्रतिशत करने का भी प्रस्ताव दिया।
    • विदेश टूर पैकेज की बिक्री पर टैक्स कलेक्टेड एट सोर्स (TCS) दर को 5 प्रतिशत से घटाकर 2 प्रतिशत करने की घोषणा की गई। यह दर पहले 20 प्रतिशत थी।
    • उन्होंने FY27 के बजट में छोटे टैक्सपेयर्स के लिए नियम-आधारित ऑटोमेटेड प्रोसेस का भी प्रस्ताव दिया।
    • अपने बजट भाषण में, सीतारमण ने मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण द्वारा दिए गए पुरस्कार को आयकर से छूट देने के प्रस्ताव की घोषणा की।

    टीसीएस में राहत, इनकम टैक्स में कोई बदलाव नहीं

    पिछली बार बजट में इनकम टैक्स में जो राहत दी गई थी उसके बाद तो अपेक्षा भी नहीं थी। लेकिन कुछ टीसीएस (टैक्स कलेक्शन एट सोर्स) में जरूर राहत दी गई है, लेकिन दूसरी त रफ सिक्युरिटी ट्रांजेक्शन टैक्स (एसटीटी) की दर बढ़ा दी गई है जिससे बाजार में खरीदारी करने वाले प्रभावित होंगे। चार्टर्ड एकाउंटेंट (सीए) एमके गुप्ता ने बताया कि आम आदमी पर टैक्स का बोझ पहले की तरह समान रहेगा।

    अधिकतर एमएसएमई पार्टनरशिप फर्म के रूप में काम करते हैं और उन पर 30 प्रतिशत टैक्स लगता है। वहीं पार्टनरशिप फर्म में जो सदस्य होते हैं वे अधिकतम छह लाख रुपए का वेतन ले सकते हैं, उससे ऊपर के वेतन पर टैक्स लगता है। मान लीजिए किसी पार्टनरशिप फर्म में चार पार्टनर है तो चारों मिलकर सालाना छह लाख रुपए का ही आयकर मुक्त वेतन ले सकते हैं।

    शेयर बाजार में निवेश

    गुप्ता ने बताया कि अति छोटे उद्यमियों ने इस सीमा को बढ़ाकर 12 लाख करने की मांग की थी। अगर कोई नौकरी पेशा वाला है तो उसे 12.75 लाख तक की आय पर कोई टैक्स नहीं लगेगा। गुप्ता ने बताया कि शेयर बाजार में निवेश को बढ़ाने के लिए एसटीटी कम करने की उम्मीद की जा रही थी, लेकिन सरकार की तरफ से इसे बढ़ा दिया गया। जीएसटी से जुड़े इनपुट टैक्स क्रेडिट के सरलीकरण पर भी कोई घोषणा नहीं की गई है।

    फिस्कल डेफिसिट के 4.3 प्रतिशत रहने से कर्ज घटाने में मिलेगी मददविनिवेश से 80,000 करोड़ जुटाने का लक्ष्य बैंक ऑफ बड़ौदा के मुख्य अर्थशास्त्री मदन सब्नविस ने बताया कि बजट में वित्तीय स्थिति को लेकर पहले से अनुमानित आधार पर ही घोषणा की गई है।

    2030 तक कर्ज को जीडीपी के 50 प्रतिशत तक लाने का लक्ष्य

    आगामी वित्त वर्ष 2026-27 में फिस्कल डिफिसिट को जीडीपी के 4.3 प्रतिशत रखने से कुल कर्ज को कम करने में मदद मिलेगी। वर्ष 2030 तक कर्ज को जीडीपी के 50 प्रतिशत तक लाने का लक्ष्य रखा गया है जिसे हासिल किया जा सकता है। सीमा शुल्क को छोड़कर किसी अन्य टैक्स दर में बदलाव नहीं किया गया है।

    राजस्व जुटाने में सरकार विनिवेश व संपदा मुद्रीकरण की भी मदद लेगी। इस मद से 80,000 करोड़ जुटाने का लक्ष्य रखा गया है। चालू वित्त वर्ष में विनिवेश से 47,000 करोड़ जुटाने का लक्ष्य रखा गया है, जो पूरा होता नहीं दिख रहा है। पिछले तीन-चार सालों से विनिवेश को लेकर खास प्रगति नहीं हो पाई है। हालांकि रविवार को वित्त मंत्रालय की तरफ से कहा गया कि विनिवेश के लिए जो पहले निर्धारित है, उसे सरकार पूरा करेगी। शेयर बाजार की स्थिति खराब होने पर विनिवेश करने पर सरकार को ज्यादा लाभ नहीं मिलता है।

    बजट स्टेटमेंट

    केंद्रीय बजट एक अहम सालाना पॉलिसी स्टेटमेंट है जो आने वाले साल के लिए सरकारी खर्च, टैक्स प्रस्तावों और फिस्कल स्ट्रैटेजी की रूपरेखा बताता है और 2026 के बजट पर सभी सेक्टर, मार्केट और घरों की नजर रहेगी।

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