एसिड अटैक पीड़ितों को ट्रेन किराए में मिलेगी छूट, केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट में दी जानकारी
केंद्र सरकार एसिड अटैक पीड़ितों को रेल यात्रा में रियायतें देने पर सैद्धांतिक रूप से सहमत हो गई है, ताकि वे इलाज के लिए शहरों के अस्पतालों में जा सकें ...और पढ़ें

केंद्र एसिड अटैक पीड़ितों को रेल यात्रा में रियायत देगा

समय कम है?
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जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। एसिड अटैक पीड़ितों के लिए राहत की खबर है। केंद्र सरकार एसिड अटैक पीड़ितों को रेल यात्रा में रियायतें देने की नीति बनाने पर सैद्धांतिक रूप से सहमत है ताकि वे समय समय पर इलाज के लिए शहरों के अच्छे अस्पतालों में जा सकें।
शीर्ष अदालत ने केंद्र से कहा कि वह एसिड अटैक पीड़ितों को यात्रा रियायत देने के मुद्दे पर उदारतापूर्वक विचार करे।केंद्र सरकार की ओर से एडीशनल सालिसिटर जनरल (एएसजी) अर्चना पाठक दवे ने मामले पर सुनवाई कर ही प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत, जोयमाल्या बाग्ची और वी. मोहना की पीठ को यह जानकारी दी।
केंद्र एसिड अटैक पीड़ितों को रेल यात्रा में रियायत देगा
पीठ ने एएसजी की दलीलों पर गौर करते हुए उनसे छह सप्ताह के भीतर नीति का ड्राफ्ट रिकार्ड पर दाखिल करने को कहा है। इससे पहले एएसजी दवे ने बताया कि एक बैठक हुई है और सैद्धांतिक रूप से यह तय किया गया है कि एसिड अटैक पीड़ितों को रेलवे में रियायत दी जा सकती है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार मरीजों की श्रेणी के तहत यह लाभ देने का प्रस्ताव रखती है।
चीफ जस्टिस ने कहा कि एसिड हमले पीड़ितों के कानून के तहत पहले से ही दिव्यांगों के रूप में मान्यता प्राप्त है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को सामाजिक कल्याण उपाय के तहत संबोधित किया जा सकता है।
चीफ जस्टिस ने कहा कि उन्हें दिव्यांग श्रेणी में रखना, ये मुद्दा एक अन्य याचिका के माध्यम से संशोधन के साथ वैधानिक रूप से हल हो गया है।
एएसजी दवे का कहना था कि केंद्र सरकार दिव्यांगता श्रेणी के तहत अलग से रियायत देने के बजाए रोगी श्रेणी के तहत रियायत का विस्तार करने का प्रस्ताव कर रही है।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर नीति का मसौदा तैयार होगा
सरकार को दिव्यांगता श्रेणी के तहत लाभ देने को लेकर कुछ आपत्तियां हैं क्योंकि इससे दिव्यांग व्यक्तियों की अन्य श्रेणियों में भी इसी तरह की रियायतों की मांग उठ सकती है।
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हालांकि उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ये रियायत देने को तैयार है, क्योंकि एसिड अटैक पीड़ितों को चिकित्सा उपचार के लिए यात्रा की आवश्यकता होती है। उन्होंने कहा कि यह सुविधा किस तरह दी जाएगी इसकी प्रक्रिया तय करने के लिए उन्हें कुछ समय चाहिए।
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता सोसाइटी के वकील ने कहा कि मौजूदा रोगी श्रेणी उन एसिड पीड़ितों के लिए मुश्किलें पैदा कर सकती है जिन्हें कई सर्जरी के लिए अलग अलग राज्यों की यात्रा करनी पड़ सकती है।
वकील ने केंद्र से आग्रह किया कि वह उचित तौर तरीकों के साथ दिव्यांगता श्रेणी के तहत रियायत प्रदान करने पर विचार करे, ताकि पीड़ित इलाज के लिए राज्यों के बीच यात्रा कर सके।
उन्होंने इनके लिए आपातकालीन कोटा की भी मांग की। कहा कि आपातकालीन कोटा की आवश्यकता हो सकती है, क्योंकि उपचार के आधार पर तुरंत यात्रा करनी पड़ सकती है, यदि उन्हें समय पर ये उपचार नहीं मिलते तो ये असफल हो जाएगा।