यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 12, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
'चंद्रबाबू नायडू का जेल में ही रहना है सुरक्षित', कोर्ट ने हाउस कस्टडी की मांग करने वाली याचिका की खारिज
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विजयवाड़ा, पीटीआई। विजयवाड़ा की एक अदालत ने मंगलवार को तेलुगुदेशम पार्टी (TDP) प्रमुख एन. चंद्रबाबू नायडू (Chandrababu Naidu) द्वारा हाउस कस्टडी (House Custody Petition) की मांग को लेकर दायर याचिका खारिज कर दी। अदालत ने कहा कि जेल में रहना ही आपके लिए हितकर और सुरक्षित होगा।
पत्नी भुवनेश्वरी ने की चंद्रबाबू नायडू से मुलाकात
इधर, मंगलवार को पत्नी भुवनेश्वरी ने केंद्रीय कारागार पहुंचकर पूर्व मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू (Former CM Chandrababu Naidu) से मुलाकात की। पति से मुलाकात के बाद उन्होंने कहा कि यह परिवार के लिए मुश्किल समय है।
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कौशल विकास घोटाले में गिरफ्तार हुए थे चंद्रबाबू नायडू
आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू को करोड़ों रुपये के कौशल विकास घोटाले में गिरफ्तार किया है। वह वर्तमान में राजमुंदरी केंद्रीय कारागार में बंद हैं। चंद्रबाबू नायडू पर आरोप है कि वह कौशल विकास निगम घोटाले के मुख्य साजिशकर्ता हैं। इस घोटाले से राज्य सरकार को लगभग 300 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। बता दें कि चंद्रबाबू नायडू की गिरफ्तारी के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं ने विरोध-प्रदर्शन भी किया था।
नायडू के वकील ने दायर की याचिका
सोमवार को नायडू की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सिद्धार्थ लूथरा ने खतरे की आशंका का हवाला देते हुए पूर्व सीएम की हाउस कस्टडी मंजूर करने के लिए याचिका दायर की थी। नायडू को कई वर्षों से जेड प्लस श्रेणी की सुरक्षा मिली हुई है और एनएसजी कमांडो की एक टीम हमेशा उनके साथ रहती है।
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नायडू का जेल में रहना ही सुरक्षित है- कोर्ट
मंगलवार को नायडू के वकील जयकर मत्ता ने बताया कि हाउस अरेस्ट की मंजूरी नहीं दी गई है। कोर्ट ने कहा कि हाउस कस्टडी के दौरान जेड प्लस श्रेणी की सुरक्षा प्रदान नहीं की जाएगी। ऐसे में कोर्ट ने माना कि नायडू का जेल में रहना ही सुरक्षित है। मत्ता ने कहा कि नायडू की लीगल टीम विजयवाड़ा की एसीबी कोर्ट के आदेश के खिलाफ हाई कोर्ट का रुख करेगी।