यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 14, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
चंद्रयान-3 की सफलता का जश्न मनाएगी सरकार, हर साल 23 अगस्त को मनाया जाएगा 'राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस'; नोटिफिकेशन जारी
चंद्रयान-3 की चंदा मामा की सतह पर सॉफ्ट लैंडिंग के साथ ही दुनिया ने भारत का लोहा माना। ऐसे में भारत सरकार ने मिशन चंद्रयान की सफलता का जश्न मनाने का ए ...और पढ़ें

HighLights
- 23 अगस्त की तारीख हिंदुस्तान को सदा प्रेरित करेगी
- दक्षिणी ध्रुव पर चंद्रयान-3 ने की थी सफल लैंडिंग
एएनआई, नई दिल्ली। चंद्रयान-3 की चंदा मामा की सतह पर सॉफ्ट लैंडिंग के साथ ही दुनिया ने भारत का लोहा माना। ऐसे में भारत सरकार ने मिशन चंद्रयान की सफलता का जश्न मनाने का एलान किया है। ऐसे में हर साल 23 अगस्त को राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस के तौर पर मनाने का निर्णय लिया गया।
चंद्रयान-3 की लैंडिंग
चंदा मामा के दक्षिणी ध्रुव पर 23 अगस्त को चंद्रयान-3 की सॉफ्ट लैंडिंग हुई थी। दक्षिणी ध्रुव पर ऐसा कारनामा करने वाला भारत एकलौता देश है। यह मिशन भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के वैज्ञानिकों की मेहनत और हौसले को दर्शाता है।
Government of India declares August 23 of every year as 'National Space Day' to commemorate the success of the Chandrayaan-3 Mission on 23rd August 2023 with the landing of the Vikram lander and deployment of the Pragyaan Rover on the lunar surface. pic.twitter.com/5BSXJH5LCO
— ANI (@ANI) October 14, 2023
राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस का नोटिफिकेशन जारी
सरकार 23 अगस्त, 2023 को विक्रम लैंडर की लैंडिंग और प्रज्ञान रोवर की तैनाती के साथ मिशन की सफलता को याद करते हुए हर साल 23 अगस्त को राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया। ऐसे में सरकार ने शनिवार को नोटिफिकेशन जारी किया।
खबरें और भी
बता दें कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा था कि 23 अगस्त को जब भारत ने चंद्रमा पर तिरंगा फहराया, उस दिन को हिंदुस्तान राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस रूप में मनाएगा। यह दिन हमें हमेशा प्रेरित करता रहेगा।
.jpg)
सनद रहे कि चंद्रयान-3 का जिस स्थान पर लैंडर उतरा उस स्थान को 'शिवशक्ति' नाम दिया गया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इसका एलान किया था। उन्होंने कहा था कि शिव में मानवता के कल्याण का संकल्प समाहित है और शिव से ही हमें उन संकल्पों को पूरा करने का सामार्थ्य प्राप्त होता है।