Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    ₹2,000 से ज्यादा के UPI पेमेंट पर लग सकता है चार्ज! जानिए किस ट्रांजैक्शन पर चुकानी होगी फीस

    Updated: Wed, 05 Aug 2026 07:07 AM (IST)

    सरकार यूपीआई भुगतान पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) या चार्ज लगाने की अनुमति दे सकती है। यह फीस 2000 से ऊपर के बिजनेस भुगतान पर 0.25% से 0.4% तक हो ...और पढ़ें

    2000 से ऊपर UPI पेमेंट पर लग सकता है चार्ज (फोटो- जागरण)

    2000 से ऊपर UPI पेमेंट पर लग सकता है चार्ज (फोटो- जागरण)

    HighLights

    1. आम ग्राहकों के नॉर्मल यूपीआई पेमेंट पर कोई चार्ज नहीं

    2. यह कब से लागू होगा अभी कोई फैसला नहीं लिया गया है

    डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। भारत में यूपीआई से लेनदेन अब बड़े पैमाने पर होता है। अब सरकार यूपीआई का उपयोग करने वालों को झटका देने जा रही है।

    सरकार यूपीआई भुगतान पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) या चार्ज लगाने की अनुमति दे सकती है। यह फीस 2000 से ऊपर के बिजनेस भुगतान पर 0.25% से 0.4% तक हो सकती है। यह चार्ज व्यक्ति से व्यक्ति के ट्रांसफर पर यह लागू नहीं होगा।

    वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को संसद में पेश किए गए टैक्सेशन एंड अदर लॉज (अमेंडमेंट) बिल में बैंकों और पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर्स पर इलेक्ट्रॉनिक पेमेंट मोड पर एमडीआर लगाने के प्रतिबंध को हटाने का प्रस्ताव रखा है। सरकारी अधिकारियों ने कहा कि इसे कब लागू किया जाएगा, इस पर अभी कोई फैसला नहीं हुआ है।

    आधिकारिक अनुमान के अनुसार, 2000 की सीमा कुल यूपीआई लेनदेन का सिर्फ पांच फीसदी कवर करेगी, लेकिन इन लेनदेन का मूल्य कुल ट्रांजेक्शन वैल्यू का 65 फीसदी है। रोजमर्रा की खरीदारी जैसे दूध, सब्जी, किराना या ऑटो-टैक्सी के भुगतान पर इसका असर नहीं पड़ेगा।

    जुलाई में 23.7 अरब यूपीआई लेनदेन हुए, जिनकी कुल वैल्यू ₹29.9 लाख करोड़ रही। एक अधिकारी ने कहा कि अगर लागू भी हुआ तो 95 फीसदी लेनदेन पर एमडीआर नहीं लगेगा। इसके अलावा, सभी बिजनेस इस फीस को ग्राहकों पर नहीं डालेंगे, जो बहुत छोटी राशि होगी।

    खबरें और भी

    गौरतलब है कि यूपीआई भारत का सबसे बड़ा डिजिटल पेमेंट सिस्टम बन चुका है, जहां हर महीने अरबों ट्रांजैक्शन होते हैं। ऐसे में सिस्टम को मजबूत और टिकाऊ बनाए रखने के लिए सरकार और रेगुलेटर्स नए विकल्प तलाश रहे हैं।

    अगर यह प्रस्ताव लागू होता है, तो आम यूजर्स पर कोई असर नहीं पड़ेगा, लेकिन बड़े व्यापारियों के लिए यूपीआई पेमेंट मुफ्त नहीं रहेगा। आने वाले समय में सरकार का अंतिम फैसला इस पूरे डिजिटल पेमेंट इकोसिस्टम की दिशा तय कर सकता है।

    यह भी पढ़ें- अब गिग वर्कर्स से लेकर दुकानदारों तक.. सबका खुलेगा PF खाता; आ गई आपके लिए बेस्ट स्कीम!