विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

गलवन की खटास से निकलकर भारत से रिश्ते सुधारने की कोशिश में चीन, सीमा विवाद सुलझाने के लिए राजी 

By Niloo RanjanEdited By: Shubham Tiwari
Published: Sat, 12 Sep 2026 10:01 PM (IST)

चीन गलवन की कड़वाहट को पीछे छोड़कर भारत के साथ रिश्ते सुधारने और सीमा विवाद सुलझाने के लिए गंभीर प्रयास कर रहा है।

भारत से रिश्ते सुधारने की कोशिशों में जुटा चीन (फोटो- PTI)

भारत से रिश्ते सुधारने की कोशिशों में जुटा चीन (फोटो- PTI)

timer icon

समय कम है?

जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

संक्षेप में पढ़ें

नीलू रंजन, जागरण, नई दिल्ली। अमेरिका के प्रभुत्व वाले मौजूदा ग्लोबल आर्डर में ब्रिक्स के माध्यम से दबदबा बढ़ाने की कोशिश में जुटा चीन अब गलवन की खटास से निकालकर भारत से रिश्ते सुधारने की कोशिश करता दिखाई दे रहा है।

पहली बार चीन ने भारत के साथ सीमा विवाद का समाधान निकालने के लिए गंभीरता दिखाई है, तो चीन की मीडिया भारत-चीन जुगलबंदी के वैश्विक प्रभावों की बात कर रही है।

सात साल बाद हो रही राष्ट्रपति शी चिनफिंग के भारत दौरे को सफल बनाने और भारत के साथ रिश्तों में गर्मजोशी दोबारा लाने के लिए चीन कोई कोई कसर नहीं छोड़ रहा है।

ब्रिक्स के भीतर भारत-चीन के रिश्ते सुधारने की जरूरत बताते हुए चीन के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स ने लिखा कि वैश्विक अनिश्चितता के इस दौर में यह अहम है।

यह ग्लोबल साउथ की आवाज बुलंद करने के साथ ही वैश्विक शांति और समृद्धि में मददगार हो सकता है। एक कदम आगे बढ़कर ग्लोबल टाइम्स लिखता है कि यदि भारत और चीन एक स्वर में बोलें तो दुनिया को सुनना पड़ेगा। चिनफिंग के साथ आए प्रतिनिधि मंडल भी भारत के दौरे की अहमियत की ओर इशारा कर रहा है।

इसमें चिनफिंग के दाहिना हाथ माने जाने वाले चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीसी) की सेंट्रल कमेटी के पोलिटिकल ब्यूरो के स्टैडिंग कमेटी के सदस्य और सीपीसी सेंट्रल कमेटी के जनरल आफिस के निदेशक काई क्यूई शामिल हैं। साथ ही सीपीसी सेंट्रल कमेटी के पोलिटिकल ब्यूरो के सदस्य और विदेश मंत्री वांग यी भी प्रतिनिधिमंडल में है।

वहीं राष्ट्रपति चिनफिंग दौरे से पहले ही चीन ने भारत के साथ संबंधों के सुधारने का संकेत देना शुरू कर दिया था। सीमा विवाद सुलझाने के लिए विशेष प्रतिनिधियों 25वीं बैठक में कुछ ठोस प्रगति हुई।

विशेष प्रतिनिधि के रूप में एनएसए अजीत डोभाल और विदेश मंत्री वांग यी की बैठक में विवाद रहित इलाके में सीमा निर्धारण के साथ सकारात्मक माहौल बनाने और विवादित इलाकों में बातचीत के साथ समाधान निकालने पर सहमति बनी।

इसके बाद अरुणाचल प्रदेश में दोनों देशों के सैन्य कोर कमांडरों की दो दिन चली बैठक में आपसी बातचीत से सीमा समस्या का समाधान निकालने पर जोर देने की बात कही गई।

वैसे 2020 में गलवन घटना के समय चीन के वेस्टर्न थियेटर कमांड के प्रमुख रहे जनरल झाओ जोंगछी को अहम पदों से हटाने को भी भारत से रिश्ते सुधारने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। 2017 में डोकलाम में चीन और भारतीय सैनिकों के बीच हुई झड़प से भी जनरल झाओ जोंगछी को जोड़कर देखा जाता है।

2023 में सेवानिवृत होने के बाद जोंगछी को चाइनीज पीपुल्स पोलिटिकल कंसल्टेटिंव कांफ्रेंस के सदस्य के साथ अन्य पद दिये गए थे। दो हफ्ते पहले उन्हें सभी पदों से हटा दिया गया और इसका कोई स्पष्ट कारण नहीं बताया गया।

यह भी पढ़ें- आतंकवाद के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' पर सहमत हुए ब्रिक्स देश, भारत के रुख का किया समर्थन

यह भी पढ़ें- वर्ल्ड ऑर्डर में बदलाव के रूप में देखा जा रहा ब्रिक्स समिट, विदेशी मीडिया में हो रही खूब चर्चा

 

देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।