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सुप्रीम कोर्ट पहुंचा 'कॉकरोच जनता पार्टी' विवाद, फर्जी वकीलों और कैंपेन पर CBI जांच की मांग

Published: Sun, 24 May 2026 08:46 PM (IST)Updated: Sun, 24 May 2026 08:47 PM (IST)

सुप्रीम कोर्ट में 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) और इससे जुड़े कथित फर्जी वकीलों की गतिविधियों की CBI जांच की मांग ...और पढ़ें

सुप्रीम कोर्ट में पहुंचा कॉकरोच जनता पार्टी विवाद (फाइल फोटो)

सुप्रीम कोर्ट में पहुंचा कॉकरोच जनता पार्टी विवाद (फाइल फोटो)

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दाखिल कर तथाकथित 'Cockroach Janta Party' यानी CJP की गतिविधियों और इससे जुड़े कथित फर्जी वकीलों की जांच की मांग की गई है। याचिका में मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से कराने की अपील की गई है।

पिछले सप्ताह सोशल मीडिया पर शुरू हुआ कॉकरोच जनता पार्टी अभियान तेजी से वायरल हुआ था। यह डिजिटल कैंपेन बेरोजगारी, शिक्षा नीति और परीक्षा पेपर लीक जैसे मुद्दों को लेकर मीम्स और राजनीतिक टिप्पणियों के कारण चर्चा में आया।

बताया जा रहा है कि यह ट्रेंड उस विवाद के बाद सामने आया, जिसमें वरिष्ठ वकील का दर्जा देने से जुड़ी एक याचिका की सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की कथित टिप्पणी को लेकर बहस शुरू हुई थी।

वेबसाइट बंद होने के बाद बढ़ा विवाद

शनिवार को CJP की वेबसाइट अचानक बंद हो गई। इसके बाद संगठन के संस्थापक अभिजीत डिपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर सरकार पर 'तानाशाही रवैया' अपनाने का आरोप लगाया।

अभिजीत डिपके ने दावा किया कि इस प्लेटफॉर्म से करीब 10 लाख लोग जुड़ चुके थे। उन्होंने कहा कि यह अभियान खासकर युवाओं और सोशल मीडिया इस्तेमाल करने वाले मिलेनियल्स और Gen Z के बीच तेजी से लोकप्रिय हुआ।

हाल ही में संगठन ने NEET-UG 2026 पेपर लीक विवाद और शिक्षा व्यवस्था में कथित गड़बड़ियों को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए ऑनलाइन अभियान भी शुरू किया था।

मौत की धमकी मिलने का दावा

अभिजीत डिपके ने यह भी आरोप लगाया कि अभियान शुरू होने के बाद उन्हें जान से मारने की धमकियां मिली हैं। उन्होंने कहा कि परीक्षा में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय प्रशासन इस व्यंग्यात्मक आंदोलन को निशाना बना रहा है।

संगठन के बैकअप सोशल मीडिया अकाउंट्स के जरिए साझा की गई जानकारी में दावा किया गया कि एक सप्ताह के भीतर '10 लाख रजिस्टर्ड कॉकरोचेस' जुड़ चुके थे। साथ ही, संगठन का कहना है कि उसके इंस्टाग्राम अकाउंट्स पर लाखों फॉलोअर्स हो गए थे, लेकिन बाद में उन अकाउंट्स तक पहुंच खत्म हो गई।

छत्रपति संभाजीनगर में 'काकरोच जनता पार्टी' के संस्थापक के घर पर पुलिस सुरक्षा

महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर जिले में स्थित काकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके के आवास पर पुलिस सुरक्षा दी गई है। पुलिस उपायुक्त पंकज अतुलकर ने बताया, हमने एमआइडीसी वालुज क्षेत्र में स्थित अभिजीत के आवास को 24 घंटे पुलिस सुरक्षा प्रदान की है।

पुलिस सुरक्षा की व्यवस्था यह सुनिश्चित करने के लिए की गई है कि उनके घर पर भीड़भाड़ न हो, क्योंकि काकरोच जनता पार्टी इस समय इंटरनेट मीडिया पर ट्रेंड कर रहा है। अतुलकर ने इस बात से इन्कार किया कि दिपके को मिल रही धमकियों के कारण सुरक्षा प्रदान की गई है।

क्या था मामला?

दरअसल, प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत ने पिछले हफ्ते कहा था कि कुछ युवा काकरोच जैसे होते हैं, जो सिस्टम पर ही हमला करने लगते हैं। हालांकि प्रधान न्यायाधीश ने कहा कि उनकी टिप्पणियों को गलत तरीके से पेश किया गया, लेकिन लोगों की नाराजगी दूर नहीं हुई। इसी माहौल में काकरोच जनता पार्टी नाम से डिजिटल राजनीतिक व्यंग्यात्मक (सटायर) ग्रुप बनाया गया था।

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