Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    CJP Protest: राहुल गांधी का पीएम मोदी पर तंज, बताया सबसे अधिक युवा विरोधी पीएम

    Updated: Mon, 20 Jul 2026 10:22 PM (IST)

    कांग्रेस ने नीट पेपर लीक के खिलाफ छात्रों के संसद मार्च पर हुए पुलिस लाठीचार्ज और आंसू गैस के इस्तेमाल की कड़ी निंदा की है। ...और पढ़ें

    राहुल गांधी का पीएम मोदी पर हमला (पीटीआई)

    राहुल गांधी का पीएम मोदी पर हमला (पीटीआई)

    HighLights

    1. कांग्रेस ने छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला बताया।

    2. राहुल गांधी ने पीएम मोदी को "सबसे युवा-विरोधी" प्रधानमंत्री करार दिया।

    3. प्रियंका गांधी ने भाजपा सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए, समीक्षा की मांग।

    जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। कांग्रेस ने नीट पेपर लीक के खिलाफ कॉकरोच जनता पार्टी के नेतृत्व में हुए छात्रों के संसद मार्च पर लाठीचार्ज-आंसू गैस छोड़े जाने को लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला बताते हुए केंद्र सरकार को आड़े हाथों लिया है।

    लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने छात्रों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा और हुए उन्हें देश के इतिहास का "सबसे अधिक युवा-विरोधी" प्रधानमंत्री करार दिया।

    उन्होंने कहा कि मोदी सरकार न केवल युवाओं की उम्मीदों पर तुषारापात कर रही है, बल्कि उन पर हमला भी कर रही है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से लेकर पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी छात्रों के खिलाफ बल प्रयोग को युवाओं की आवाज दबाने का प्रयास करार दिया।

    सीजेपी के बैनर तले हुए युवाओं के विरोध प्रदर्शन में कांग्रेस ने प्रत्यक्ष रूप से भागीदारी नहीं की, मगर संसद मार्च के क्रम में छात्रों पर दिल्ली पुलिस के बल प्रयोग के खिलाफ मुखर आवाज उठाई।

    राहुल गांधी ने सोमवार को एक्स पर वीडियो संदेश जारी कर छात्रों का समर्थन करते हुए कहा-प्रधानमंत्री मोदी भारत के इतिहास के सबसे युवा-विरोधी प्रधानमंत्री हैं। इतने युवा विरोधी कि एक नाकाम शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा भी नहीं ले सकते।

    उन्होंने कहा कि 152 पेपर लीक, 7.5 करोड़ छात्र पीड़ित और सजा एक दोषी को भी नहीं। सजा किसे मिली? मेहनती युवाओं को। और जब इन बच्चों ने शिक्षा के जायज सवाल उठाए तो जवाब में मिली लाठी और हिरासत। लीक करने वाले अपराधी आजाद और वाजिब मुद्दे उठाने वाले छात्र घसीटे जाते हैं, पीटे जाते हैं।

    खबरें और भी

    कांग्रेस नेता ने कहा कि दिल्ली की सड़कों पर चल रहे लड़के-लड़कियां अपराधी नहीं हैं। वे अपने हक की मांग कर रहे हैं। छात्रों पर आंसू गैस छोड़ना और लाठीचार्ज करना लोकतांत्रिक नहीं है। न ही यह भारत का तरीका है। छात्रों की मांगें जायज हैं।

    वर्तमान शिक्षा व्यवस्था से सभी तंग आ चुके हैं कि कैसे आरएसएस ने इस सिस्टम पर पूरा कब्जा कर लिया है। हम वर्षों से इस मुद्दे को बुनियादी समस्या के तौर पर उठा रहे हैं। राहुल गांधी ने पीएम पर युवाओं का अनादर और केवल 'असत्य और हिंसा' में विश्वास करने का आरोप भी लगाया।

    मल्लिकार्जुन खरगे ने इस मुद्दे को सदन में उठाने के बाद कहा कि छात्रों पर लाठीचार्ज करवाकर मोदी सरकार युवाओं की आवाज दबाने की कोशिश कर रही है। प्रियंका गांधी वाड्रा ने संसद परिसर में कहा कि भाजपा सरकार को बच्चों पर लाठी चलाने की जगह अपनी नीतियों और अक्षमताओं की समीक्षा करनी चाहिए।

    पहले नीट पेपर लीक हुआ, परीक्षा रद हुई और री-नीट में भी गड़बड़ी की खबरें आई हैं। कहा गया था कि पीएम खुद निगरानी करेंगे। इसके बावजूद बार-बार इतने पेपर लीक कैसे हो रहे हैं? संसद में इस मुद्दे पर विस्तृत चर्चा होनी चाहिए और प्रधानमंत्री को करोड़ों युवाओं की बात सुनकर जवाब देना चाहिए।