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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 16, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Cyclone Biparjoy: गुजरात के बाद अब राजस्थान पर मंडरा रहा खतरा,देखें बिपरजॉय का किन-किन राज्यों में क्या है असर

    By Jagran NewsEdited By: Narender Sanwariya
    Updated: Fri, 16 Jun 2023 07:27 AM (GMT+05:30)

    दिल्ली यूपी और बिहार समेत कई राज्यों में भीषण गर्मी पड़ रही है। बिपरजॉय के चलते आने वाले दिनों में इन राज्यों में गर्मी से राहत मिलेगी। बिपरजॉय के गुज ...और पढ़ें

    Cyclone Biparjoy: गुजरात के बाद अब राजस्थान पर मंडरा रहा खतरा,देखें बिपरजॉय का किन-किन राज्यों में क्या है असर
    Cyclone Biparjoy: गुजरात के बाद अब राजस्थान पर मंडरा रहा खतरा,देखें बिपरजॉय का किन-किन राज्यों में क्या है असर

    नई दिल्ली, एजेंसी। छह जून को दक्षिण-मध्य अरब सागर से उठा बिपरजॉय तूफान 16 जून को गुजरात के 940 गांवों से होता हुआ राजस्थान की ओर बढ़ रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, बिपरजॉय के चलते देशभर के कई प्रदेशों का मौसम प्रभावित हुआ है। आने वाले दिनों में राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और उत्तर प्रदेश में भी बारिश होगी। वेदर फॉरकास्टिंग एजेंसी स्काइमेट ने बताया है कि लैंडफॉल के कारण आगामी चार दिनों में इन राज्यों में भारी बारिश होगी।

    उल्लेखनीय है कि पिछले कई दिनों से दिल्ली, यूपी और बिहार समेत कई राज्यों में भीषण गर्मी पड़ रही है। बिपरजॉय के चलते आने वाले दिनों में इन राज्यों में गर्मी से राहत मिलेगी। बिपरजॉय के गुजरात के कच्छ जिले में स्थित जखाऊ पोर्ट के पास तट से टकराने के बाद अब यह भूमि पर आगे बढ़ रहा है। इसके प्रभाव से तेज हवा और भारी वर्षा ने कच्छ और सौराष्ट्र को बुरी तरह प्रभावित किया है।

    तेज हवा के कारण कई जगह पेड़, होर्डिंग्स और बिजली के खंभे उखड़ गए और घरों के ऊपर से टीन शेड उड़ गए। कई इलाके अंधेरे में डूब गए। ऊंची-ऊंची लहरों से स्थिति भयावह हो गई। कुछ जगहों पर साढ़े सात मीटर तक लहरें उठीं। बिपरजॉय तूफान के कारण गुजरात के 940 गांव प्रभावित हुए और दो लोगों की मौत हो गई।

    सावधानी बरतते हुए तटीय इलाकों से एक लाख से अधिक लोगों को पहले ही सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया गया है। पोर्ट बंद कर दिए गए हैं। उड़ानें एवं ट्रेनों का परिचालन रोक दिया गया है। पश्चिम रेलवे ने लगभग 99 ट्रेनों को निरस्त कर दिया है।

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    चक्रवात के बाहरी हिस्से के तटीय भागों से टकराने के कुछ घंटे पहले से ही तेज हवा के साथ वर्षा शुरू हो गई थी। जखाऊ के पास जिस वक्त चक्रवात तट से टकराया, उस वक्त हवा की गति अलग-अलग स्थानों पर लगभग 115 से 140 किलोमीटर प्रतिघंटे तक थी।

    बिपरजॉय पिछले तीन वर्षों में दूसरा सबसे शक्तिशाली चक्रवात है। इससे पहले मई, 2021 में 'टोक्टे' ने तबाही मचाई थी। बिपर्जय अरब सागर का सबसे लंबे जीवनकाल वाला चक्रवात भी बन गया है।

    मौसम विभाग का अनुमान है कि शुक्रवार सुबह लगभग आठ बजे चक्रवाती हवा की गति धीमी पड़ने लगेगी। हालांकि वर्षा तब भी जारी रहेगी। धीरे-धीरे चक्रवात की स्थिति पश्चिम की ओर खिसकती जाएगी।

    राजस्थान के सीमावर्ती जिलों में भी तेज हवा के साथ वर्षा के चलते आंशिक तबाही देखी जा सकती है। 17 जून को भी चक्रवात के आगे बढ़ने के कारण राजस्थान के जिलों में 20 सेमी तक वर्षा हो सकती है।

    18 जून से दिल्ली समेत इन शहरों में भी दिखेगा असर

    राजस्थान के बाद चक्रवात दिल्ली-हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश की ओर बढ़ेगा। 18 जून से अगले एक-दो दिनों तक दिल्ली के आसपास के क्षेत्रों में भी 30 से 40 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से हवा चल सकती है। जहां-तहां वर्षा भी हो सकती है। उसके बाद पूरे उत्तर भारत के तापमान में गिरावट आएगी। बिहार-झारखंड में अभी हीट वेव की स्थिति है, लेकिन चक्रवात के असर से 18 जून के बाद वहां के तापमान में भी गिरावट आएगी।