छात्र आंदोलन के पहले दिन ही धर्मेंद्र प्रधान ने की थी इस्तीफे की पेशकश, बीजेपी नेता का बड़ा दावा
बीजेपी नेता कैलाश विजयवर्गीय ने दावा किया है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने नीट पेपर लीक विरोध प्रदर्शन शुरू होते ही इस्तीफे की पेशकश क ...और पढ़ें
HighLights
कैलाश विजयवर्गीय ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर बड़ा दावा किया।
प्रधान ने नीट विरोध के पहले दिन ही इस्तीफे की पेशकश की।
पार्टी नेतृत्व ने तब इस्तीफा टालने को कहा था।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। नीट पेपर लीक को लेकर देशभर में विरोध प्रदर्शन पर धर्मेंद्र प्रधान ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया। अब उनके इस्तीफे को लेकर अटकलों का बाजार गर्म है। इस बीच मध्य प्रदेश के मंत्री और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) नेता कैलाश विजयवर्गीय ने बड़ा दावा किया है।
उनका दावा है कि धर्मेंद्र प्रधान ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन शुरू होने के पहले ही दिन इस्तीफा देने की पेशकश की थी। शनिवार को इंदौर में न्यूज एजेंसी पीटीआई से बात करते हुए विजयवर्गीय ने कहा कि प्रधान ने बीजेपी नेतृत्व को बता दिया था कि अगर पार्टी को जरूरी लगे तो वह इस्तीफा देने को तैयार हैं।
'उस समय इस्तीफे को लेकर पार्टी ने कोई फैसला नहीं किया था'
विजयवर्गीय ने कहा, "पहले दिन जैसे ही छात्रों का आंदोलन शुरू हुआ प्रधान ने बीजेपी अध्यक्ष से कहा था कि अगर उन्हें जरूरी लगे तो वह शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा देने के लिए तैयार हैं।" बीजेपी नेता के अनुसार, पार्टी अध्यक्ष ने प्रधान से उस समय इस्तीफा न देने को कहा और बताया कि अभी कोई फैसला नहीं लिया गया है, साथ ही उन्हें इस मामले पर आगे चर्चा न करने की सलाह दी।
विजयवर्गीय ने किया धर्मेंद्र प्रधान का बचाव
उन्होंने दावा किया कि जब बाद में पार्टी ने फैसला किया कि उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए तो प्रधान ने तुरंत इस्तीफा दे दिया। विजयवर्गीय ने पूर्व शिक्षा मंत्री का बचाव करते हुए यह भी कहा कि उन्होंने उन्हें सौंपी गई हर जिम्मेदारी ईमानदारी और लगन से निभाई।
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प्रधान के इस्तीफे का जिक्र करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि इस कदम ने बांग्लादेश और श्रीलंका जैसी अशांति फैलाकर भारत को अस्थिर करने की विदेशी ताकतों की कोशिशों को नाकाम कर दिया।
'प्रधान ने जो किया उसके लिए वह बधाई के पात्र'
उन्होंने कहा, "प्रधान के इस्तीफे ने उन विदेशी ताकतों की साजिशों को नाकाम कर दिया है जो बांग्लादेश और श्रीलंका की तरह भारत में हिंसा फैलाकर अस्थिरता पैदा करना चाहती थीं। उन्होंने जो किया है, उसके लिए मैं उन्हें बधाई देता हूं।"
बता दें कि प्रधान ने शनिवार को इस्तीफा दे दिया जिसके बाद कॉकरोच जनता पार्टी ने अपना 36 दिन का आंदोलन वापस ले लिया। इस आंदोलन में प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों और नीट पेपर लीक को लेकर लाखों लोग एकजुट हुए थे।