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    'सेंसरशिप नहीं, अभिव्यक्ति की आजादी पर हमला', फिल्म 'सतलुज' पर रोक को लेकर दोसांझ के साथ आए पंजाब के राजनीतिक दल

    Updated: Mon, 06 Jul 2026 11:30 PM (IST)

    दिलजीत दोसांझ की फिल्म 'सतलुज' को ओटीटी प्लेटफॉर्म जी5 से रिलीज के दो दिन बाद ही हटा दिया गया, जिससे पंजाब में राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। ...और पढ़ें

    क्रेडिट - imdb

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    नई दिल्ली, जागरण न्यूज नेटवर्क। पिछली सदी के अंतिम दशक में पंजाब के एक मानवाधिकार कार्यकर्ता के जीवन पर आधारित दिलजीत दोसांझ की फिल्म 'सतलुज' ओटीटी (जी5) पर रिलीज होने के महज दो दिन बाद ही हटा दी गई।

    तीन साल तक सेंसर बोर्ड में अटके रहने के बाद शुक्रवार को रिलीज हुई इस फिल्म को रविवार शाम अचानक हटाए जाने से नाराज अभिनेता-गायक के साथ पंजाब के राजनीतिक दल भी आ गए हैं।

    शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) और पंजाब की तमाम प्रमुख पार्टियों ने इसे इतिहास को दबाने की कोशिश बताया। दूसरी तरफ, दोसांझ ने कहा कि ऐसा होना ही था, लेकिन लोग इसे डाउनलोड कर चुके हैं और जहां-जैसे संभव हो, इसे देखें।

    'सामूहिक स्मृति और अभिव्यक्ति की आजादी पर हमला'

    प्रेट्र के अनुसार, इस फैसले पर शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, 'यह सिर्फ सेंसरशिप नहीं, बल्कि हमारी सामूहिक स्मृति, सच और अभिव्यक्ति की आजादी पर हमला है। पंजाब को दमन के बजाय ईमानदारी से अपने अतीत का सामना करने का हक है।'

    कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुखपाल सिंह खैरा और आम आदमी पार्टी के सांसद मालविंदर सिंह कांग ने भी उनके सुर में सुर मिलाते हुए कहा कि जब कोई राष्ट्र अपने ही इतिहास से डरने लगता है, तो सेंसरशिप उसका सबसे खतरनाक हथियार बन जाती है।

    वहीं, एसजीपीसी के मुख्य सचिव कुलवंत सिंह मन्नान ने कहा कि जनता को सच्चाई जानने का पूरा हक है। फिल्म को ओटीटी से हटाए जाने पर पंजाब भाजपा प्रमुख केवल सिंह ढिल्लों ने कहा कि मैं इसका कारण पता कर रहा हूं। हम इस मामले को उठा रहे हैं।

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    ऐसा होना तय था, मुझे कोई हैरानी नहीं हुई : दोसांझ

    एंटरटेनमेंट ब्यूरो के अनुसार, सोमवार को अमेरिका से इंस्टाग्राम लाइव के दौरान दिलजीत दोसांझ ने कहा कि मुझे शुक्रवार को ही महसूस हो गया था कि कुछ ऐसा होने वाला है। यह बात पहले से ही मेरे मन में थी। इसलिए फिल्म पर रोक लगने से मुझे कोई झटका नहीं लगा। मुझे लगा था कि सोमवार को दफ्तर खुलने के बाद इसे बैन किया जाएगा।

    लेकिन, मुझे यह अंदाजा नहीं था कि यह रविवार शाम को ही हो जाएगा। हमने फिल्म का कोई प्रचार भी नहीं किया। बस, चुपचाप रिलीज कर दी थी। मुझे संतोष है कि लोगों ने फिल्म देख ली और यह उन तक पहुंच गई। जितनी ज्यादा कोशिश इस फिल्म को रोकने की होगी, यह उतनी ही अधिक लोकप्रिय होती जाएगी।

    गौरतलब है कि रविवार को जी5 द्वारा जारी बयान में कहा गया था कि फिलहाल की परिस्थितियों को देखते हुए, सतलुज अगली सूचना जारी होने तक भारत में उपलब्ध नहीं होगी। हम फिल्म को जल्द से जल्द अपने दर्शकों तक वापस लाने के लिए सही प्रक्रिया से हर सही रास्ता खोजने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हालांकि डिजिटल प्लेटफार्म ने फिल्म हटाने की वजह स्पष्ट नहीं की।

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