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    मां की तलाश में 41 साल बाद भारत आए डच मेयर, नागपुर में जन्म के 3 दिन बाद ही छोड़ गई थी अनाथालय

    Updated: Thu, 15 Jan 2026 10:40 AM (IST)

    Dutch Mayor Falgun Binnendijk: नीदरलैंड के मेयर फाल्गुन बिनेनडिज्क, जिनका जन्म 1985 में नागपुर में हुआ था और उन्हें डच दंपति ने गोद लिया था, 41 साल बा ...और पढ़ें

    मां को खोजने के लिए भारत आए डच मेयर फाल्गुन बिनेनडिज्क। फोटो - X

    मां को खोजने के लिए भारत आए डच मेयर फाल्गुन बिनेनडिज्क। फोटो - X

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    डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। 10 फरवरी 1985 को महाराष्ट्र के नागपुर में एक बच्चे का जन्म हुआ। जन्म के महज तीन दिन बाद ही उसकी मां ने उसे छोड़ दिया। 1 महीने तक वो बच्चा अनाथ आश्रम में रहा और फिर मुंबई घूमने आए डच कपल ने बच्चे को गोद ले लिया। वो उसे अपने साथ नीदरलैंड ले गए।

    इस घटना को 41 साल हो गए हैं। नीदरलैंड में बच्चे की परवरिश हुई और आज वो नीदरलैंड के एक शहर का मेयर बन चुका है। उनका नाम है फाल्गुन बिनेनडिज्क, जो 41 साल की उम्र में अपनी मां को ढूंढने के लिए भारत आए हैं।

    मां ने क्यों छोड़ा अनाथ?

    आधिकारिक रिकॉर्ड्स के अनुसार, फाल्गुन की मां 21 वर्षीय अविवाहित युवती थी, जिसमें समाज के डर से अपने बच्चे को तीन दिन बाद की नागपुर के MSS में छोड़ दिया था। ये जगह अनाथ बच्चों और पीड़ित महिलाओं के लिए है।

    नर्स ने दिया 'फाल्गुन' नाम

    MSS की एक नर्स ने बच्चे को नाम दिया था। दरअसल हिंदू कैलेंडर के अनुसार, फरवरी के महीने को फाल्गुन कहा जाता है। बच्चे का जन्म भी फरवरी में हुआ था, जिसके कारण नर्स ने उन्हें फाल्गुन कहना शुरू कर दिया। कुछ हफ्तों बाद फाल्गुन को मुंबई लाया गया, जहां 1 डच कपल ने उन्हें गोद ले लिया।

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    फाल्गुन नीदरलैंड में ही पले-बढ़े। उन्हें भारत के बारे में कुछ पता नहीं था। उन्होंने सिर्फ भूगोल की किताबों में बने नक्शे में भारत का मानचित्र देखा था। बढ़ती उम्र के साथ फाल्गुन के मन में अपनी असली मां के बारे में जानने की ललक जगी और उन्होंने भारत का रुख कर लिया।

    Dutch Mayor Falgun Binnendijk

    18 साल की उम्र में आए पहली बार भारत

    फाल्गुन पहली बार 18 साल की उम्र में 2006 में भारत आए थे। इस दौरान उन्होंने दक्षिण भारत की सैर की थी। मगर, इस बार फाल्गुन ने अलग मकसद से वापसी की है। उन्होंने नागपुर स्थित MSS का दौरा किया।

    फाल्गुन के अनुसार

    मैं हमेशा से एक खुली किताब था। मैंने महाभारत पढ़ी है और मुझे लगता है कि हर कर्ण को कुंती से मिलने का अधिकार है।

    मां से क्यों मिलना चाहते हैं डच मेयर?

    बता दें कि फाल्गुन हीमस्टेड शहर के मेयर हैं। हीमस्टेड नीदरलैंड की राजधानी एम्स्टर्डम से महज 30 किलोमीटर की दूरी पर है। फाल्गुन ने अपनी मां को ढूंढने के लिए कई NGO, नगर पालिकाओं और पुलिस की मदद मांगी है। फाल्गुन का कहना है, "मुझे लगता है कि वो अभी तक मुझे छोड़ने के सदमे में होंगी। मैं सिर्फ उनसे मिलकर उन्हें बताना चाहता हूं कि मैं ठीक हूं और खुश हूं। मैं उन्हें एक बार देखना चाहता हूं।"

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