'अर्थ आवर' के 20 साल पूरे होने पर स्मारकों और विरासत स्थलों पर एक घंटे बिजली रहेगी गुल, ASI ने की घोषणा
भारत शनिवार को 'अर्थ आवर' के 20 साल पूरे होने का जश्न मनाएगा। इसमें 28 मार्च को रात 8:30 से 9:30 बजे तक देश भर के प्रमुख स्मारक और विरासत स्थल अपनी बत ...और पढ़ें

HighLights
भारत 'अर्थ आवर' के 20 साल पूरे होने पर होगा एकजुट।
28 मार्च को रात 8:30 से 9:30 बजे तक बिजली रहेगी गुल।
ASI ने अपने सभी संरक्षित स्मारकों की बत्तियां बुझाने का लिया निर्णय।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। भारत शनिवार को एक ऐतिहासिक मील का पत्थर स्थापित करने के लिए तैयार है। 'अर्थ आवर' के 20 साल पूरे होने पर पूरा भारत जश्न मनाने के लिए एकजुट हो रहा है। जानकारी के अनुसार 28 मार्च शनिवार को रात के 8:30 बजे से 9:30 बजे तक, देश अपनी अब तक की सबसे बड़ी भागीदारी में से एक का गवाह बनेगा। उत्तर से दक्षिण और पूर्व से पश्चिम तक, देश के कुछ सबसे मशहूर स्मारक, विरासत स्थल और सरकारी इमारतें, ग्रह के प्रति एकजुटता दिखाने के लिए अपनी बत्तियां बुझा देंगी।
मुंबई और दिल्ली सहित कई राज्यों में दिखेगा अर्थ आवर का असर
मुंबई में गेटवे ऑफ इंडिया, छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस और BMC मुख्यालय जैसे मशहूर स्थल इस अभियान में शामिल होंगे। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में, अक्षरधाम, इंडिया गेट, कुतुब मीनार, लाल किला, हुमायूं का मकबरा, जंतर मंतर और सफदरजंग का मकबरा जैसे प्रमुख स्थलों की भागीदारी देखने को मिलेगी।
लद्दाख में, शांत शांति स्तूप की बत्तियां धीमी हो जाएंगी, जबकि केरल में केरल विधानसभा और कनककुन्नू पैलेस इस अभियान में शामिल होंगे। कर्नाटक में, शानदार मैसूर पैलेस इस पहल में शामिल होगा। तेलंगाना के प्रमुख स्थल भी इसमें योगदान देंगे, जिसमें डॉ. बी. आर. अंबेडकर तेलंगाना राज्य सचिवालय, राज्य संग्रहालय, गोलकोंडा किला, राजभवन, चारमीनार और टैंक बंड पर स्थित मशहूर बुद्ध प्रतिमा शामिल हैं।
पर्यावरण संरक्षण को लेकर उठाया गया कदम
पश्चिम बंगाल में, कोलकाता का नजारा तब धुंधला हो जाएगा जब रबींद्र सेतु (हावड़ा ब्रिज), विद्यासागर सेतु, विक्टोरिया मेमोरियल, टाटा सेंटर, लोक भवन और विक्टोरिया हाउस अपनी बत्तियां बुझा देंगे। राजस्थान में, सुंदर मॉनसून पैलेस भी इस नेक काम के समर्थन में अंधेरे में डूब जाएगा। तमिलनाडु में, चेन्नई के मशहूर स्थल, जिसमें रिपन बिल्डिंग, विक्टोरिया पब्लिक हॉल और नेपियर ब्रिज शामिल हैं। इस देशव्यापी 'स्विच-ऑफ' अभियान में शामिल होंगे। यह कदम जलवायु कार्रवाई के प्रति भारत की सामूहिक प्रतिबद्धता को और मजबूत करेगा।
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भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) की विशेष सराहना
बता दे कि इस साल का 'अर्थ आवर' विशेष महत्व रखता है, क्योंकि यह वैश्विक जलवायु कार्रवाई और जागरूकता के दो दशकों को दिखाने का काम करता है। इसमें भारत की भागीदारी, स्थिरता और पर्यावरण संरक्षण के प्रति देश की बढ़ती प्रतिबद्धता को भी दर्शाने का काम करती है। वहीं इस पहल के लिए में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) विशेष सराहना का पात्र है। जिसने देश भर में ASI-संरक्षित सभी स्मारकों की बत्तियां बुझाने का निर्णय लिया। इससे यह वास्तव में ऐतिहासिक महत्व का एक अखिल-भारतीय आंदोलन बन गया है।