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थ्री-लेयर सिक्योरिटी तोड़ी, अलार्म बंद किए और CCTV पर पेंट स्प्रे किया... चेन्नई के मंदिर से बेशकीमती मूर्ति चोरी

Updated: Thu, 03 Sep 2026 09:51 AM (GMT+05:30)

तमिलनाडु के मदुरंतकम के पास एक मंदिर से भगवान मुरुगन की पन्ने से बनी बेशकीमती मूर्ति चोरी हो गई। चोरों ...और पढ़ें

मुरुगन मंदिर की बेशकीमती मूर्ति चोरी।

मुरुगन मंदिर की बेशकीमती मूर्ति चोरी।

डिजिटल डेस्क, चेन्नई। तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई से लगभग 60 किलोमीटर दक्षिण में मदुरंतकम के पास एक पहाड़ी पर बने मंदिर से भगवान मुरुगन की पन्ने (emerald) से बनी बेशकीमती मूर्ति चोरी हो गई। मंगलवार रात चोरों ने तीन-स्तरीय सुरक्षा घेरे को तोड़ा, अलार्म बंद किया और CCTV कैमरों पर पेंट स्प्रे कर दिया।

यह चोरी पेरुंगकरनई गांव के श्री मरगथा बाला दंडायुधपाणि मुरुगन मंदिर में हुई, जिसे भक्त नाडू पलानी के नाम से जानते हैं। मुख्य देवता की यह मूर्ति 2.25 फीट ऊंची है और पूरी तरह से पन्ने से बनी है। इसे मैसूर से लाकर 2008 में मंदिर में स्थापित किया गया था।

पुलिस ने क्या बताया?

मूर्ति की कीमत को देखते हुए पुलिस ने बताया कि गर्भगृह तक पहुंचने के रास्ते को तीन मजबूत सुरक्षा दरवाजों और लोहे के शटर से सुरक्षित किया गया था। इसके अलावा, घुसपैठ होने पर बजने वाला एक अलार्म सिस्टम भी लगा हुआ था। मंदिर के आस-पास अहम जगहों पर सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए थे।

पुलिस को शक है कि चोरों के गिरोह को मंदिर और उसकी सुरक्षा व्यवस्था की पूरी जानकारी थी, जो शायद उन्होंने भक्तों का भेष धरकर रेकी (निरीक्षण) के दौरान जुटाई होगी। जांचकर्ताओं ने बताया कि चोर मंदिर के पीछे बनी एक विशाल मूर्ति पर चढ़कर पिछले दरवाजे तक पहुंचे और फिर गर्भगृह की ओर बढ़े।

कैसे तोड़ी थ्री-लेयर सिक्योरिटी

चोर लोहे के तीन सुरक्षित दरवाजों को पार करके गर्भगृह तक पहुंचने में कामयाब रहे। पुलिस ने बताया कि मूर्ति को उसके चबूतरे से हटाने से पहले उन्होंने सिक्योरिटी अलार्म के कनेक्शन काट दिए, ताकि वह बज न सके। मूर्ति लेकर भागने से पहले उन्होंने सीसीटीवी कैमरों पर पेंट स्प्रे कर दिया ताकि उनकी हरकतें और पहचान रिकॉर्ड न हो सकें। वे रात करीब 1:30 बजे वहां से भागे।

पुलिस का कहना है कि जिस तरह से सिक्योरिटी सिस्टम को बेकार किया गया, उससे लगता है कि चोरों को मंदिर की व्यवस्थाओं के बारे में पहले से जानकारी रही होगी। पुलिस ने बताया कि मंदिर में रात के समय सिर्फ एक सिक्योरिटी गार्ड था और वह ग्राउंड फ्लोर पर गश्त करता था।

पुलिस को कब पता चला?

चोरी का पता बुधवार सुबह चला, जब पुजारी और मंदिर के एडमिनिस्ट्रेटर वहां पहुंचे और मूर्ति गायब पाई। उन्होंने तुरंत चिथामुर पुलिस को सूचना दी। सीनियर पुलिस अधिकारियों ने मंदिर का मुआयना किया, जबकि फोरेंसिक एक्सपर्ट्स ने गर्भगृह और आसपास के इलाकों से फिंगरप्रिंट और अन्य सबूत इकट्ठा किए। एक स्निफर डॉग की भी मदद ली गई।

एक सीनियर पुलिस अधिकारी ने बताया कि चोरों का पता लगाने, मूर्ति बरामद करने और चोरी में अंदर के लोगों की भूमिका की जांच के लिए दो स्पेशल टीमें बनाई गई हैं। शुरुआती जांच में पुलिस को पता चला कि मंदिर के पुजारी पिछली रात बर्गर अलार्म चालू करना भूल गए थे।

पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि क्या इसमें कोई अंतर-राज्यीय गिरोह शामिल था या चोरी किसी संगठित मूर्ति-तस्करी नेटवर्क ने की थी।

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