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एथनॉल की वजह से बढ़ रही है चीनी की कीमत? कांग्रेस ने E-20 नीति पर उठाए सवाल

Updated: Fri, 21 Aug 2026 09:00 PM (GMT+05:30)

कांग्रेस ने सरकार की E-20 एथेनॉल मिश्रण नीति पर सवाल उठाए हैं, आरोप है कि इससे चीनी की कीमतें बढ़ रही हैं और वाहनों को नुकसान हो रहा है।

कांग्रेस ने E-20 एथेनॉल मिश्रण नीति की तत्काल समीक्षा की मांग की

कांग्रेस ने E-20 एथेनॉल मिश्रण नीति की तत्काल समीक्षा की मांग की

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जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। छात्रों के खिलाफ हिंसा और राम मंदिर चढ़ावा चोरी को लेकर आक्रामक रणनीति अपना रही कांग्रेस ने अब पेट्रोल में 20 फीसद एथनॉल मिलावट से गाड़ियों को हो रहे कथित नुकसान को बड़ा मुद्दा बनाने का आधार तैयार करती दिख रही है।

पार्टी ने एथेनॉल के चलते चीनी की कीमतों में उछाल के दावों के मद्देनजर ई-20 नीति की तत्काल समीक्षा की मांग की करते हुए जनता को बिना एथेनॉल वाले पेट्रोल का विकल्प दिए जाने की पैरोकारी की है।

कांग्रेस ने E-20 नीति पर उठाए सवाल 

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने पार्टी की ओर से यह मांग उठाते हुए कहा कि गाड़ी भी महंगी पड़े और रसोई भी ऐसी जनविरोधी ईंधन नीति देश को स्वीकार्य नहीं हो सकती।

एथेनॉल की वजह से चीनी की कीमतों में भारी बढ़ोतरी की रिपोर्टों का हवाला देते हुए जयराम रमेश ने शुक्रवार को बयान जारी करते हुए कहा कि सरकार की अदूरदर्शी और जनविरोधी ई-20 नीति के कारण एक तरफ महंगाई बढ़ती जा रही है तो दूसरी तरफ वाहन मालिक कम माइलेज और वाहनों के खराब होने की दोहरी मार झेलने पर मजबूर हैं।

महंगाई हद से ज्यादा बढ़ रही महंगाई

इसका खामियाजा जनता सड़क पर और रसोई में, दोनों तरफ से भुगत रही है। उन्होंने कहा कि स्वाभाविक था कि गन्ने और अनाज को एथेनॉल बनाकर 20 प्रतिशत पेट्रोल में मिलाया जाएगा तो एक तरफ गन्ने और अनाज से पैदा होने वाली चीजों की कमी होगी। दूसरी ओर गाड़ियां जो 20 प्रतिशत एथेनॉल के लिए तैयार नहीं होंगी, उनके खराब होने का खतरा रहेगा।

बिना समुचित परीक्षण की गाड़ियों में माइलेज कम होगा।कांग्रेस महासचिव ने कहा कि अब स्पष्ट हो गया है कि 25 लाख टन चीनी-लायक गन्ना एथेनॉल में चला गया जिससे केवल पिछले तीन महीनों में चीनी 48 से बढ़कर 67 रुपए प्रति किलो और गुड़ 50 से बढ़कर 65 रुपए प्रति किलो हो गई है।

दाल, चावल और आटें में लगी आग 

चावल और मक्के का आटा भी क्रमशः 16 और 11 प्रतिशत महंगा हो गया है। जबकि पशु आहार की कीमतों में 10.34 प्रतिशत की बढ़ोतरी हो गई है।

जयराम ने सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि बिना सोचे-समझे एथेनॉल बनाने वाले अपने मित्रों को ज्यादा से ज्यादा लाभ देने के लिए वाहन मालिकों के पास पेट्रोल के विकल्प भी सीमित कर दिए गए हैं।

पेट्रोल के दाम में नही हो रही कमी 

हैरानी की बात है कि अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों में कमी और 20 प्रतिशत एथेनॉल मिलाने से आई लागत में कमी के बावजूद पेट्रोल के दामों में कोई कमी नहीं की गई है।

उन्होंने कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ई-20 के नाम पर हो रहे भ्रष्टाचार को प्रमुखता से उठा रहे हैं और कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में बुधवार कम माइलेज, वाहनों की अनुकूलता से जुड़े जोखिम और उपभोक्ताओं के सीमित विकल्पों तथा पर्यावरणीय क्षति के सवालों पर अपनी चिंता जताई थी।

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