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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 02, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    नोटबंदी के बाद भी कम नहीं हुआ नकली नोटों का चलन, 2016 के बाद देश में जब्त हुए 245 करोड़ से अधिक के जाली नोट

    By AgencyEdited By: Sonu Gupta
    Updated: Mon, 02 Jan 2023 06:26 PM (IST)

    देश में नकली नोटों का चलन साल 2016 की नोटबंदी के बाद भी चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। NCRB के मुताबिक साल 2016 में 500 और 1000 रुपये के नोटों के बंद होने के ...और पढ़ें

    नोटबंदी के बाद भी कम नहीं हुआ नकली नोटों का चलन। फाइल फोटो।
    नोटबंदी के बाद भी कम नहीं हुआ नकली नोटों का चलन। फाइल फोटो।

    नई दिल्ली, पीटीआइ। देश में नकली भारतीय करेंसी नोटों (FICN) का चलन साल 2016 की नोटबंदी के बाद भी चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। नेशनल क्राइम कंट्रोल ब्यूरो (NCRB) की एक रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2016 में 500 और 1000 रुपये के नोटों के बंद होने के बाद से देश भर में कुल 245.33 करोड़ रुपये के नकली नोटों को जब्त किया गया है। आरबीआई की 2021-22 की वार्षिक रिपोर्ट में कहा गया है कि पिछले वर्ष की तुलना में 10 रुपये, 20 रुपये, 200 रुपये, 500 रुपये और 2,000 रुपये के मूल्यवर्ग में पकड़े गए नकली नोटों में क्रमशः 16.4 प्रतिशत, 16.5 प्रतिशत, 11.7 प्रतिशत, 101.9 प्रतिशत और 54.6 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी।

    2020 में जब्त किए गए सबसे अधिक नकली नोट

    एनसीआरबी के आंकड़ों के मुताबिक, साल 2020 में 92.17 करोड़ रुपये के अंकित मूल्य के साथ जाली नोटों की सबसे अधिक राशि जब्त की गई थी, जबकि साल 2016 के दौरान सबसे कम 15.92 करोड़ रुपये के अंकित मूल्य को जब्त किया गया था। साल 2021 के दौरान देश में कुल 20.39 करोड़ रुपये के नकली नोटों को जब्त किया गया। साल 2019 में 34.79 करोड़ रुपये, 2018 में 26.35 करोड़ रुपये और 2017 में 55.71 करोड़ रुपये जब्त किए गए।

    तेजी से बढ़ रहा है नकली नोटों की संख्या

    देश में नकली नकली नोटों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। आरबीआइ ने मई 2022 में अपने वार्षिक रिपोर्ट में बताया था कि बैंकिंग प्रणाली द्वारा पता लगाए गए 500 मूल्यवर्ग के नकली नोटों की संख्या पिछले वर्ष की तुलना में वित्त वर्ष 2021-22 में दोगुनी से अधिक होकर 79,669 हो गई। सिस्टम में पाए गए 2,000 मूल्यवर्ग के नकली नोटों की संख्या साल 2021-22 के दौरान 13,604 थी, जो पिछले वित्तीय वर्ष से 54.6 प्रतिशत अधिक थी। हालांकि साल 2020-21 में इसमें गिरावट दर्ज की गई थी, जिसके बाद बैंकिंग क्षेत्र में पाए गए सभी मूल्यवर्ग के नकली नोटों की कुल संख्या पिछले वित्त वर्ष में 2,08,625 से बढ़कर 2,30,971 हो गई। मालूम हो कि साल 2019-20 के दौरान FICN की संख्या 2,96,695 थी।

    पीएम मोदी ने की थी नोटबंदी की घोषणा

    मालूम हो कि 8 नवंबर 2016 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घोषणा की थी कि 500 और 1000 रुपये के नोट उसी आधी रात से कानूनी रूप से चलन में नहीं रहेंगे। इस दौरान पीएम मोदी ने कहा था कि यह फैसला भ्रष्टाचार, काले धन और आतंकवाद से लड़ने के लिए लिया गया है। नोटबंदी के बाद 2,000 रुपये के नोट और 500 रुपये के नए डिजाइन के नोट जारी किए गए थे।

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