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    लॉरेंस बिश्नोई गैंग के खिलाफ FBI का ऑपरेशन, दुनियाभर में 50 से ज्यादा ठिकानों पर छापा; 20 गिरफ्तार

    Updated: Wed, 08 Jul 2026 08:00 AM (IST)

    ऑपरेशन 'हार्ड बॉल' नाम से शुरू किए गए इस अभियान में अमेरिका, कनाडा और यूरोप के विभिन्न देशों में 50 से ज्यादा ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की गई। इस बड़ ...और पढ़ें

    अमेरिका-कनाडा और यूरोप में 50 से ज्यादा ठिकानों पर रेड (फोटो-एक्स)

    अमेरिका-कनाडा और यूरोप में 50 से ज्यादा ठिकानों पर रेड (फोटो-एक्स)

    HighLights

    1. एफबीआई की इस बड़ी कार्रवाई में लगभग 20 लोगों को हिरासत में लिया गया है

    2. कनाडा सरकार ने पिछले साल लॉरेंस बिश्नोई गैंग को आतंकी संगठन घोषित किया था

    डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अमेरिकी संघीय जांच ब्यूरो (एफबीआई) ने गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के अंतरराष्ट्रीय अपराध नेटवर्क के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा अभियान चलाया है।

    ऑपरेशन 'हार्ड बॉल' नाम से शुरू किए गए इस अभियान में अमेरिका, कनाडा और यूरोप के विभिन्न देशों में 50 से ज्यादा ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की गई। इस बड़ी कार्रवाई में लगभग 20 लोगों को हिरासत में लिया गया है।

    कई इलाकों में यह ऑपरेशन अंजाम दिया गया

    छापों के दौरान भारी मात्रा में हेरोइन और कोकीन जैसे ड्रग्स, कई आग्नेयास्त्र और हजारों डॉलर की नकदी बरामद की गई है। एफबीआई के एजेंटों के नेतृत्व में लॉस एंजेलिस समेत कैलिफोर्निया के कई इलाकों में यह ऑपरेशन अंजाम दिया गया।

    स्थानीय पुलिस विभागों के साथ मिलकर चलाए गए इस अभियान का मुख्य उद्देश्य लॉरेंस बिश्नोई के ग्लोबल सिंडिकेट को पूरी तरह से तोड़ना है।

    लॉरेंस बिश्नोई जेल में बंद होकर करता है अपने गुर्गों से बात

    सूत्रों के मुताबिक लॉरेंस बिश्नोई जेल में बंद होने के बावजूद स्मगल्ड मोबाइल फोन के जरिए अपने सहयोगियों को निर्देश जारी करता रहा और पूरे नेटवर्क को नियंत्रित करता रहा।

    अमेरिकी जांच एजेंसियों का कहना है कि यह गिरोह हाई-प्रोफाइल हत्याओं, करोड़ों रुपये की रंगदारी वसूली और बड़े पैमाने पर सीमा पार ड्रग तस्करी में शामिल रहा है।

    गोल्डी ब्रार, जग्गू भगवानपुरिया के नेटवर्क पर हमला

    इस ऑपरेशन में केवल लॉरेंस बिश्नोई के वफादारों को ही नहीं निशाना बनाया गया, बल्कि उसके सहयोगी गोल्डी ब्रार, जग्गू भगवानपुरिया और रविंदर सिंह ढांडा जैसे अन्य गिरोहों के नेटवर्क को भी ध्वस्त करने की कोशिश की गई।

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    इन गिरोहों पर प्रतिद्वंद्वी अपराधी गिरोहों से कोकीन की बड़ी खेप लूटने और कमर्शियल ट्रकिंग रूट्स के जरिए ड्रग्स की तस्करी करने के भी आरोप हैं।

    अमेरिकी अभियोजकों ने साफ कहा है कि विदेशी अपराधी संगठनों के खिलाफ उनकी जीरो टॉलरेंस नीति है और वे अमेरिकी धरती पर ऐसे किसी भी नेटवर्क को बर्दाश्त नहीं करेंगे।

    लॉरेंस बिश्नोई गैंग को आतंकी संगठन घोषित

    कनाडा सरकार ने पिछले साल लॉरेंस बिश्नोई गैंग को आतंकी संगठन घोषित किया था। इस गिरोह ने न सिर्फ भारत में बल्कि अमेरिका, कनाडा और यूरोप में रह रहे भारतीय समुदाय को भी रंगदारी का निशाना बनाया था।

    भारतीय एजेंसियों ने भी कई बार इस बात की पुष्टि की है कि लॉरेंस बिश्नोई का नेटवर्क इन देशों में काफी मजबूत है और वहां से भारत में अपराधों को अंजाम दिया जा रहा है।