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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 12, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Israeli Palestinian: शशि थरूर के बयान पर पूर्व इजरायली दूत ने दी अपनी प्रतिक्रिया, कांग्रेस नेता ने दी सफाई

    By Versha SinghEdited By: Versha Singh
    Updated: Thu, 12 Oct 2023 10:46 AM (GMT+05:30)

    इजराइल और हमास के बीच लगातार विवाद चल रहा है। इस विवाद के बीच कांग्रेस और भाजपा भी आमने सामने आ गई हैं। कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने हमास को लेकर बयान द ...और पढ़ें

    Israeli Palestinian Violence: शशि थरूर के बयान पर पूर्व इजरायली दूत ने दी अपनी प्रतिक्रिया
    Israeli Palestinian Violence: शशि थरूर के बयान पर पूर्व इजरायली दूत ने दी अपनी प्रतिक्रिया

    HighLights

    1. शशि थरूर के बयान पर छिड़ा विवाद
    2. पूर्व इजरायली दूत ने खड़े किए सवाल
    3. थरूर ने पेश की सफाई

    ऑनलाइन डेस्क, नई दिल्ली। Israeli Palestinian Violence:  कांग्रेस सांदस शशि थरूर ने हमास को लेकर एक बयान दिया था। जिसमें उन्होंने कहा था कि "हमास को आतंकवादी संगठन नहीं करार दे सकते" हैं। थरूर के इस बयान के बाद से ही कांग्रेस और बीजेपी आमने सामने है।

    शशि थरूर के बयान पर हुआ विवाद

    वहीं, शशि थरूर के इस बयान पर भारत में इजराइल के पूर्व राजदूत डेनियल कार्मन ने भी सवाल खड़ा कर दिया है। कॉर्मन ने एक टेलीविजन चैनल के साथ शशि थरूर के साक्षात्कार की एक क्लिप साझा करते हुए ट्वीट किया और लिखा कि "सच में, शशि थरूर, क्या आप नहीं कर सकते? मेरे लोगों के खिलाफ दशकों के आतंक के बाद, फिलिस्तीनी प्राधिकरण को चुनौती देने के बाद, विशेष रूप से इस सप्ताह एक हजार से अधिक मनुष्यों की बर्बर हत्या के बाद, क्या आप हमास को आतंकवादी नहीं कह सकते? सच कहूं तो, मैं हूं स्तब्ध हूं।''

    शशि थरूर ने दी अपने बयान पर सफाई

    कॉर्मन के इस ट्वीट का जवाब देते हुए शशि थरूर ने भी सफाई दी। थरूर ने कहा कि मैंने बस इतना कहा कि भारत ने ऐसा कोई पदनाम (आतंकी समूह हमास) जारी नहीं किया है, हालांकि दूसरों ने जारी किया है। निःसंदेह हमास ने आतंकवादी कृत्य किए है, जिसकी मैंने कड़ी निंदा की है। मेरे शब्दों को विकृत करने की कोशिश करने वाली कच्ची सुर्खियों से गुमराह न हों, डेनियल कार्मन, मैं इस कठिन समय में आपके और इजराइल के अन्य दोस्तों के लिए दुख महसूस करता हूं और आपकी निरंतर सुरक्षा के लिए आशा और प्रार्थना करता हूं।

    बता दें कि कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने हमास पर अपने बयान पर सफाई दी क्योंकि इससे सोशल मीडिया पर विवाद पैदा हो गया जिससे यह धारणा बन गई कि थरूर हमास को 'आतंकवादी' समूह कहने से कतरा रहे हैं। जैसा कि भारत में इज़राइल के पूर्व राजदूत डैनियल कार्मन ने बयान की आलोचना की और थरूर से सवाल किया, कांग्रेस सांसद ने स्पष्ट किया कि उन्होंने केवल भारत की आधिकारिक स्थिति बताई है कि भारत ने कभी भी हमास को आतंकवादी संगठन के रूप में नामित नहीं किया है।

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    थरूर ने टेलीविजन इंटरव्यू में कहा, आतंकवादी संगठन का लेबल बहुत सावधान रहने वाला है कि इस मामले में दूसरे देश के निर्देशों का पालन न करें। अमेरिका हमास को आतंकवादी संगठन मानता है और इजराइल भी। भारत ने ऐसा कोई वर्गीकरण नहीं किया है और मैं भारतीय स्थिति पर कायम रहूंगा।

    पीएम मोदी का बयान था आधा अधूरा- थरूर

    शशि थरूर ने कहा कि इजराइल पर हमास के हमले की निंदा की जानी चाहिए लेकिन दांव पर लगे बड़े मुद्दे को भी नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। थरूर ने कहा कि इजराइल के साथ एकजुटता व्यक्त करने वाला पीएम का बयान अधूरा था क्योंकि इसमें 'इन सबके पीछे के कारण' का कोई जिक्र नहीं था।

    थरूर ने कहा, "जबकि हमने प्रधानमंत्री के इजराइल के लिए खड़े होने और इस बड़े दुख और इस भयावहता के समय में एकजुटता दिखाने को समझा..., उसी समय हमें लगा कि उनका बयान अधूरा था।"

    थरूर ने हमास की कड़ी निंदा की

    थरूर ने कहा, इजराइल में राष्ट्रीय अवकाश के दौरान हमास द्वारा किए गए अचानक हमले से पूरी स्थिति भड़क गई है। यह अत्यंत क्रूर तरीके से किया गया...यह एक आतंकी ऑपरेशन था। उन्होंने एक संगीत समारोह में भाग लेने वाले निर्दोष नागरिकों, बच्चों, बुजुर्गों, युवाओं को मार डाला। हमास ने जो किया उसके किसी भी औचित्य को स्वीकार करना लगभग असंभव था और मैं निश्चित रूप से आतंकवादी कृत्य की निंदा में शामिल हूं।

    शशि थरूर ने फिलिस्तीनियों के खिलाफ इजरायल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू के सख्त रूख की निंदा की और कहा कि उनकी सरकार ने फिलिस्तीनियों के प्रति कोई समझौता नहीं किया है।

    इजराइल-फिलिस्तीन मुद्दे पर क्या है कांग्रेस का रुख?

    कांग्रेस ने रविवार को इजराइल के लोगों पर क्रूर हमलों की निंदा की और कहा कि पार्टी का हमेशा मानना है कि फिलिस्तीन के लोगों की वैध आकांक्षाएं बातचीत के जरिए पूरी होनी चाहिए।

    वहीं, एक दिन बाद कांग्रेस ने अपने बयान में तत्काल युद्धविराम का आह्वान किया और कहा कि वह हमेशा फिलिस्तीनी लोगों के भूमि, स्व-शासन और सम्मान के साथ जीने के अधिकारों का समर्थन करती है।

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