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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 05, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    भारत में लोकतंत्र की गहरी जड़ से दुनिया होगी परिचित, सात हजार साल पुरानी प्रक्रिया का होगा प्रदर्शन

    By Jagran NewsEdited By: Devshanker Chovdhary
    Updated: Tue, 05 Sep 2023 11:03 PM (IST)

    विपक्ष की ओर से भारत में लोकतंत्र के कमजोर होने का देश के अंदर और बाहर भले ही आरोप लगाया जाता रहा हो जी 20 के दौरान विश्व यह देखेगा कि भारत में लोकतंत ...और पढ़ें

    जी-20 में भारत के लोकतंत्र की जननी होने पर आधारित एक प्रदर्शनी का होगा आयोजन। (फाइल फोटो)
    जी-20 में भारत के लोकतंत्र की जननी होने पर आधारित एक प्रदर्शनी का होगा आयोजन। (फाइल फोटो)

    जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। विपक्ष की ओर से भारत में लोकतंत्र के कमजोर होने का देश के अंदर और बाहर भले ही आरोप लगाया जाता रहा हो, जी 20 के दौरान विश्व यह देखेगा कि भारत में लोकतंत्र की जड़ें बहुत गहरी हैं। जी-20 के शिखर सम्मेलन में केंद्र सरकार भारत को लोकतंत्र की जननी (मदर ऑफ डेमोक्रेसी) के रूप में पेश करेगी और इसके दस्तावेजी प्रमाण भी देगी।

    पुरानी लोकतांत्रिक प्रक्रिया का प्रदर्शन

    देश में सात हजार सालों से चली आ रही लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं को न सिर्फ प्रदर्शित किया जाएगा, बल्कि मौजूदा चुनाव प्रक्रिया और उसकी पारदर्शिता से भी दुनिया को परिचित कराया जाएगा। जी- 20 शिखर सम्मेलन के आयोजन स्थल पर संस्कृति मंत्रालय की देखरेख में 'भारत: लोकतंत्र की जननी ' नाम से प्रदर्शनी की आयोजन किया गया है। जिसमें भारत के सात हजार पहले के लोकतंत्र से मौजूदा लोकतंत्र के बारे में बताया जाएगा।

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    इसके लिए एक आर्टीफिशियल इंटेलीजेंस आधारित एंकर भी तैयार की गई है जो दुनिया भर से आने वाले मेहमानों के इस बारे में ज्ञानवर्धन करेगी। भारत में इसका वर्णन ऋग्वेद और अथर्ववेद से ही मिलता है। जिसमें सभा, समिति जैसे संस्थानों की उल्लेख है।

    विभिन्न व्यवस्थाओं का होगा प्रदर्शन

    भारत के लोकतंत्र को प्रदर्शित करने वाले सिंधु-सरस्वती सभ्यता, वैदिक काल, रामायण, महाभारत, महाजनपद और गणतंत्र, जैन धर्म, बुद्ध धर्म, कौटिल्य, सम्राट अशोक, अकबर, छत्रपति शिवाजी आदि के कालखंडों में अपनाई गई लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं को भी प्रदर्शित किया गया है।

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    भारत दुनिया का सबसे समृद्ध लोकतांत्रिक देश है, जहां एक-एक वोट की कीमत है। इतना ही नहीं एक-एक वोट के लिए चुनाव आयोग कैसे दूर-दराज क्षेत्रों तक पहुंचता है। इस प्रदर्शनी में यह भी बताया जाएगा कि गुजरात के ऐसे दो पो¨लग बूथों पर भी वह ईवीएम मशीनें पहुचाती है, जहां सिर्फ एक ही वोटर है।

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    आठ से दस सितंबर तक चलेगी यह प्रदर्शनी

    जी-20 के आयोजन स्थल प्रगति मैदान के हाल नंबर 14 में भारत: लोकतंत्र की जननी नाम से लगाई गई प्रदर्शनी आठ से दस सितंबर तक चलेगी। जिसमें हिंदी, अंग्रेजी सहित 16 वैश्विक भाषाओं में सामग्रियां लगाई गई है। इस प्रदर्शनी में सिंधु-सरस्वती सभ्यता की लड़की की एक प्रतिकृति भी प्रदर्शित की जाएगी, जो स्वतंत्र, आत्मविश्वासी, दुनिया को आंख से आंख मिलाकर देख रही है।