Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 05, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    G-20 Summit: दुनिया देखेगी ढाई हजार साल पुराने सोने के झुमके की चमक, दिल्ली में होगा इसका प्रदर्शन

    By Jagran NewsEdited By: Shashank Mishra
    Updated: Tue, 05 Sep 2023 10:18 PM (IST)

    G-20 Summit नई दिल्ली में होने जा रहे G-20 Summit को लेकर तैयारियां जोरो पर है। इसी कड़ी में वसुधैव कुटुंबकम थीम पर आधारित एक जी-20 संग्रहालय को तैयार ...और पढ़ें

    भारत के साथ जी-20 देशों से जुड़ी बेशकीमती कलाकृतियों का भी होगा प्रदर्शन।
    भारत के साथ जी-20 देशों से जुड़ी बेशकीमती कलाकृतियों का भी होगा प्रदर्शन।

    नई दिल्ली, जागरण ब्यूरो। G-20 Summit को लेकर सारी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। जी-20 की बैठक में वसुधैव कुटुंबकम और पीएम के मिशन लाइफ यानी पर्यावरण अनुकूल जीवन शैली को अपनाने की गूंज भी सुनाई देगी। जिसमें वसुधैव कुटुंबकम थीम पर आधारित एक जी-20 संग्रहालय को तैयार कराया है।

    जहां भारत सहित जी-20 देशों की वह सभी अनूठी कलाकृतियां देखने को मिलेगी। इसमें 80 फीसद से ज्यादा ऐसी सामग्रियां प्रदर्शित की जाएगी जो ढाई हजार साल से ज्यादा पुरानी है। इनमें गांधार शैली में तैयार किया गया सोने का वह झुमका भी है, जिसे पहली बार दिल्ली में किसी प्रदर्शनी में दिखाने के लिए लाया गया है।

    नौ सितंबर को होगा संग्रहालय का शुभारंभ

    संस्कृति मंत्रालय से जुड़े सूत्रों के मुताबिक नई दिल्ली स्थित नेशनल गैलरी ऑफ मार्डन आर्ट में तैयार किए गए इस जी-20 संग्रहालय के लिए देश भर के अलग-अलग संग्रहालयों से करीब 400 कलाकृतियां लायी गई है। यह सभी भारतीय जीवन शैली, सौंदर्य बोध और संगीत को प्रदर्शित करने वाली है।

    फिलहाल आठ महीने से भी कम समय में तैयार किए गए इस संग्रहालय का शुभारंभ जी-20 में शामिल होने वाले सभी राष्ट्र प्रमुखों की पत्नियां नौ सितंबर को करेगी। इसके बाद संग्रहालय अगले तीन महीनों तक चलेगा।

    इस संग्रहालय में चीन, फ्रांस, ब्रिटेन सहित दुनिया के सभी जी-20 देशों की अनूठी चीजों को भी प्रदर्शित किया गया है। बता दें कि गंधार शैली का यह झुमका मौजूदा पाकिस्तान के गंधार के हिस्से से मिला था। जिसे आजादी से पहले चंडीगढ़ के संग्रहालय में लाया गया था। इसके कुछ हिस्से को राष्ट्रीय संग्रहालय दिल्ली में भी रखा गया था।

    खबरें और भी

    ये भी पढ़ें: उदयनिधि के बयान पर चल रहा चौतरफा बवाल, सनातन धर्म को लेकर भिड़े प्रियांक खरगे और बीएल संतोष