Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 17, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Gaganyaan Mission: 21 अक्टूबर को ISRO लॉन्च करेगा पहली परीक्षण उड़ान, अंतरिक्ष यात्रियों की सुरक्षा होगी सुनिश्चित

    By AgencyEdited By: Shubham Sharma
    Updated: Tue, 17 Oct 2023 07:25 AM (IST)

    भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने सोमवार को कहा कि गगनयान मिशन के तहत 21 अक्टूबर को परीक्षण उड़ान लांच करेगा। गगनयान मिशन के दौरान अंतरिक्ष यात ...और पढ़ें

    मिशन गगनयान के तहत 21 अक्टूबर को पहली परीक्षण उड़ान लांच करेगा इसरो। (फाइल फोटो)
    मिशन गगनयान के तहत 21 अक्टूबर को पहली परीक्षण उड़ान लांच करेगा इसरो। (फाइल फोटो)

    एजेंसी, बेंगलुरु। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने सोमवार को कहा कि गगनयान मिशन के तहत 21 अक्टूबर को परीक्षण उड़ान लांच करेगा। टेस्ट व्हीकल अबार्ट मिशन-1 (टीवी-डी 1) के साथ क्रू एस्केप सिस्टम का इनफ्लाइट एबार्ट टेस्ट किया जाएगा।

    इसका उद्देश्य गगनयान मिशन के दौरान अंतरिक्ष यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। परीक्षण के दौरान माड्यूल को अंतरिक्ष में ले जाया जाएगा। इसके साथ इसे पृथ्वी पर वापस लाकर बंगाल की खाड़ी में उतारा जाएगा। गगनयान मिशन के तहत तीन अंतरिक्षयात्रियों के दल को 400 किमी की कक्षा में ले जाया जाएगा। इसके बाद उन्हें सुरक्षित पृथ्वी पर वापस लाकर भारत मानव अंतरिक्ष उड़ान क्षमता का प्रदर्शन करेगा।

    इसरो ने एक्स पर पोस्ट किया, मिशन गगनयान

    टीवी-डी1 परीक्षण उड़ान 21 अक्टूबर, 2023 को सुबह सात बजे से नौ बजे के बीच एसडीएससी-एसएचएआर, श्रीहरिकोटा से निर्धारित है। इससे पहले इसरो प्रमुख सोमनाथ ने शनिवार को कहा था, पहली परीक्षण उड़ान के बाद हमने तीन और परीक्षण मिशनों, डी2, डी3, डी4 की योजना बनाई है।

    आर. प्रगनानंद विज्ञान व प्रौद्योगिकी को देंगे बढ़ावा

    इसरो प्रमुख एस. सोमनाथ ने कहा कि शतरंज ग्रैंडमास्टर आर. प्रगनानंद युवाओं के बीच विज्ञान व प्रौद्योगिकी को बढ़ावा देने के लिए इसरो के साथ काम करेंगे। उन्होंने युवा शतरंज खिलाड़ी प्रगनानंद से उनके आवास पर मुलाकात के बाद कहा, हमें गर्व है कि हमारे पास एक प्रज्ञान चंद्रमा पर है और जमीन पर प्रगनानंद हैं।

    हमने भारत के लिए जो चंद्रमा पर किया है, वह उन्होंने धरती पर किया है। मुझे खुशी है कि प्रगनानंद भारत को गौरवशाली व शक्तिशाली राष्ट्र बनाने के लिए हमारे साथ मिलकर युवाओं को पाठ्यक्रम में विज्ञान, इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी विषय लेने के लिए प्रोत्साहित करेंगे।

    खबरें और भी

    यह भी पढ़ेंः Nithari Killing: फांसी पर लटकते-लटकते बचा था कोली, जानिए मामले में एक बार आधी रात को क्यों खुला था सुप्रीम कोर्ट?